Home देश-विदेश क्रिकेट के लिए दीवाने भारत में हॉकी क्यों दिल में बसती है, ये VIDEO एक बार देख लें…
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क्रिकेट के लिए दीवाने भारत में हॉकी क्यों दिल में बसती है, ये VIDEO एक बार देख लें…

अब भारत को फाइनल में पहुंचने के लिए विश्व चैंपियन बेल्जियम को हराना होगा। अगर भारत ऐसा करता है तो 1980 के बाद पहली बार फाइनल में पहुंचेगा। 1980 में भारत ने स्पेन को हराकर हॉकी में आठवां गोल्ड मेडल जीता था। भारतीय टीम के पास अपने सुनहरे इतिहास को दोहराने का यह शानदार अवसर है।

हॉकी में आठ बार गोल्ड मेडल जीतने वाला भारत कभी पदक के लिए तरसेगा, ये किसी ने नहीं सोचा था। ओलंपिक में पिछले चार दशक से हॉकी में भारत की झोली खाली है। रविवार को भारतीय टीम ने इतिहास रचते हुए सेमीफाइनल में जगह बनाई और हॉकी में ओलंपिक पदक का इंतजार कर रहे देश को एक नई उम्मीद जगा दी।

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युवा खिलाड़ियों वाली भारत की पुरुष हॉकी टीम ने रविवार को खेले गए क्वार्टर फाइनल मुकाबले में ब्रिटेन को 3-1 से हराकर चार दशक बाद पहली बार टॉप-4 में जगह बनाई। 41 साल के अंतराल के बाद इस मुकाम में पहुंचने वाली भारतीय टीम के लिए दिलप्रीत सिंह ने सातवें, गुरजंत सिंह ने 16वें और हार्दिक सिंह ने 57वें मिनट में गोल किया। ब्रिटेन के लिए एकमात्र गोल सैमुएल वार्ड ने 45वें मिनट में किया।

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फाइनल खेलने के लिए हराना होगा विश्व चैंपियन को

अब भारत को फाइनल में पहुंचने के लिए विश्व चैंपियन बेल्जियम को हराना होगा। अगर भारत ऐसा करता है तो 1980 के बाद पहली बार फाइनल में पहुंचेगा। 1980 में भारत ने स्पेन को हराकर हॉकी में आठवां गोल्ड मेडल जीता था। भारतीय टीम के पास अपने सुनहरे इतिहास को दोहराने का यह शानदार अवसर है।

जब रोने लगे कमेंट्रेटर

 

भारत में भले ही लोग क्रिकेट के दीवाने हों लेकिन हॉकी अब भी दिल में बसती है। यही वजह है कि भारत के सेमीफाइनल में पहुंचने का हाल सुना रहे कमेंट्रेटर भावुक होकर रोने लगे। ओलंपिक खेलों का प्रसारण सोनी नेटवर्क कर रहा है। अंग्रेजी के साथ-साथ हिंदी भाषा में भी इसकी लाइव कमेंट्री हो रही है। ग्रेट ब्रिटेन के खिलाफ क्वार्टर फाइनल मैच में सुनील तनेजा लाइव कमेंट्री कर रहे थे। उसके साथ सिद्धार्थ पांडे थे, जैसे ही मैच खत्म हुआ, दोनों कमेंटेटर्स भावुक हो गए। उनकी आंखों में आंसू थे, दोनों नम आंखों से ही मैच का हाल सुना रहे थे।

 

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Hill Mail

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