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कोरोना काल में बंद हुई मुख्यमंत्री आंचल अमृत योजना फिर शुरू, कई प्रतिष्ठित पुरस्कारों का नामांकन अब ऑनलाइन होगा

उत्तराखंड में 7 मार्च, 2019 को मुख्यमंत्री आंचल अमृत योजना का शुभारंभ किया गया। योजना के अंतर्गत राज्य सरकार द्वारा राज्य के समस्त आंगनवाडी केंद्रों में आने वाले स्कूल पूर्व शिक्षा के 3 से 6 वर्ष तक के बच्चों के पोषण एवं स्वास्थ में सुधार के साथ-साथ कुपोषण दर कम करना तथा आंगनवाडी केंद्रों बच्चों की संख्या में वृद्धि किए जाने के उददेश्य से यह योजना राज्य में प्रारंभ की गई।

कोरोना काल में बंद कर दी गई मुख्यमंत्री आंचल अमृत योजना को फिर शुरू कर दिया गया है। सीएम पुष्कर सिंह धामी ने देहरादून में आयोजित एक कार्यक्रम में इस योजना का फिर से शुभारंभ किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि योजना के फिर से शुरू होने से बच्चों के विकास एवं उन्हें पर्याप्त पोषण देने में मदद मिलेगी। उन्होंने कहा कि जिस प्रकार मां का आंचल बच्चे की धूप-छांव से बचाव करता है, उसी प्रकार आंचल अमृत योजना बच्चों में कुपोषण को दूर करने में निश्चित रूप से सहायक होगा। उन्होंने कहा कि कोरोना महामारी ने सभी क्षेत्रों को प्रभावित किया, इससे यह योजना भी कुछ समय तक प्रभावित रही, जिसे अब पुनः शुरू कर दिया गया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री आंचल अमृत योजना के अंतर्गत आंगनबाड़ी केंद्रों में 3 से 6 वर्ष के बच्चों को सप्ताह में 4 दिन निशुल्क फोर्टीफाइड मीठा एवं सुगंधित दूध मिलेगा । उन्होंने कहा इस योजना से प्रदेश के 1 लाख 70 बच्चों को लाभ मिलेगा ,साथ ही बच्चों के पोषण एवं स्वास्थ्य में सुधार होगा। उन्होंने कहा राज्य सरकार बच्चों, महिलाओं, बहनों के लिए हर वह जरूरी योजना लाएगी जिससे उन्हें लाभ पहुंचाया जा सके।

मुख्यमंत्री पोषण योजना के तहत 01 लाख गर्भवती महिलाओं तथा 85 हजार धात्री महिलाओं को लाभ मिलेगा। उन्होंने कहा कि वे आंगनवाड़ी कार्यकत्रियों की समस्याओं से अवगत है। वे जिन परिस्थितियों में कार्य करती हैं उससे भी वे परिचित हैं, क्योंकि स्वयं उनके बच्चे आंगनबाड़ी केंद्रों में पढ़े हैं। जिस प्रकार वे बच्चों की इन केंद्रों में देखभाल के साथ अन्य कार्य करती हैं, वह सराहनीय है। उन्होंने कहा कि आंगनवाड़ी कार्यकत्रियों की मांगों से सम्बन्धित प्रस्ताव शीघ्र कैबिनेट में लाया जाएगा। उन्होंने कहा कि आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों को रक्षा बंधन पर एक-एक हजार तथा कोरोना प्रोत्साहन 05 माह तक 02-02 हजार रुपये का भुगतान किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार सभी की समस्याओं के समाधान के प्रति कटिबद्ध है। ग्राम प्रधानों के मानदेय में भी 1500 रुपये की वृद्धि की गई है। 2001 बैच के पुलिस आरक्षियों को 4500 ग्रेड पे स्वीकृत किया गया है। आशा कार्यकत्रियों का मानदेय 1500 बढ़ाया गया है।

उपनल कार्मिकों के मानदेय में 10 साल की सेवा वालों को 02 हजार तथा उससे उपर की सेवा पर 03 हजार की वृद्धि की गई है। बिजली कार्मिकों की समस्याओं का भी समाधान किया गया है। कोरोना महामारी के कारण पर्यटन एवं स्वास्थ्य कार्मिकों को हुए नुकसान की भरपाई के लिये क्रमशः 200 एवं 205 करोड़ के पैकेज की घोषणा की गई है। युवाओं को सेना एवं अर्द्धसैनिक बलों में सेवा के अवसर उपलब्ध कराने तथा उनके शारीरिक दक्षता के लिये स्वस्थ्य युवा, स्वस्थ उत्तराखंड योजना के तहत सभी न्याय पंचायतों में ओपन जिम खोलने जा रहे हैं। कोरोना से अनाथ हुए बच्चों के लिये वात्सल्य योजना शुरू की गई है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में उत्तराखंड में भी तेजी से कार्य हो रहा है। हर क्षेत्र में विकास कार्यों को दुगनी रफ़्तार से किया जा रहा है। उन्होंने कहा हाल ही में आई दैवीय आपदा से निपटने के लिए सरकार ने तेजी से कार्य किया जिसके फलस्वरूप चार धामों की यात्रा पर आए करीब डेढ़ लाख पर्यटकों एवं श्रद्धालुओं को सुरक्षित उनके गंतव्य तक पहुंचाया गया। उन्होंने कहा प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में केदारनाथ एवं बदरीनाथ धामों का विकास कार्य तेजी से किया जा रहा है। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने 11 बच्चों को दूध भी वितरित कर योजना का शुभारम्भ किया।

इस अवसर पर महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती रेखा आर्या ने इस योजना को बच्चों के हित में फिर से शुरू करने के लिए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री द्वारा इस योजना के तहत पर्याप्त बजट भी स्वीकृत किया गया है। उन्होंने कहा क यह योजना बच्चों को कुपोषण से मुक्त करने में मददगार होगी तथा इससे प्रदेश को कुपोषण मुक्त प्रदेश बनने में भी मदद मिलेगी। उन्होंने आंगनवाड़ी कार्यकत्रियों के लिये बड़ा दिल दिखने के लिये भी मुख्यमंत्री का आभार जताया।

मुख्यमंत्री आंचल अमृत योजना का संक्षिप्त विवरण देते हुए सचिव महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास सचिव हरिचंद्र सेमवाल ने बताया कि उत्तराखंड में 7 मार्च, 2019 को मुख्यमंत्री आंचल अमृत योजना का शुभारंभ किया गया। योजना के अंतर्गत राज्य सरकार द्वारा राज्य के समस्त आंगनवाडी केंद्रों में आने वाले स्कूल पूर्व शिक्षा के 3 से 6 वर्ष तक के बच्चों के पोषण एवं स्वास्थ में सुधार के साथ-साथ कुपोषण दर कम करना तथा आंगनवाडी केंद्रों बच्चों की संख्या में वृद्धि किए जाने के उददेश्य से यह योजना राज्य में प्रारंभ की गई।

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