इस स्वरोजगार प्रशिक्षण में 32 महिलाओं ने हिस्सा लिया। कार्यक्रम के समापन अवसर पर सभी प्रतिभागियों को आरसेटी के निदेशक किशन सिंह रावत, खलियांण की ग्राम प्रधान बिछना देवी व उपासक से आर.एफ.सी. नंद किशोर थपलियाल द्वारा को प्रमाण-पत्र वितरित किए गए।

आरसेटी के निदेशक द्वारा सभी को स्वरोजगार हेतु गांवों में उपलब्ध कच्चे माल से निर्मित उत्पादों का निर्माण कर अपनी आर्थिक स्थिति मजबूत करने हेतु प्रेरित किया गया।
इस कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण रहे कंडाली व कोदे के पापड़, मास्टर ट्रेनर अनीता शर्मा ने विभिन्न प्रकार के आचार व पापड़ प्रशिक्षण के दौरान निर्मित करवाए। इनमें मुख्यतः कंडाली, कोदे, सूजी, मैदा के पापड़ सहित स्थानीय उत्पादों से निर्मित आचार, चटनी, व जैम तैयार करवाया गया।

उपासक से आर.एफ.सी. नंद किशोर थपलियाल द्वारा एनआरएलएम से संबंधित विभिन्न विषयों पर जानकारी दी गई। प्रशिक्षण के दौरान आरसेटी के प्रशिक्षक भूपेंद्र सिंह रावत ने टाइम मैनेजमेंट मोटिवेशन, वस्तु का मूल्य निर्धारण करने के लिए वस्तु की लागत निकालना, इफेक्टिव कम्युनिकेशन आदि विभिन्न प्रकार के खेलों के माध्यम से प्रतिभागियों का मनोबल बढ़ाया।
उत्तराखंड ग्रामीण बैंक खलियांण के शाखा प्रबंधक द्वारा प्रशिक्षण के दौरान सभी प्रतिभागियों को बैंकिंग संबंधी जानकारी दी गई।


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