सेनाओं की मारक क्षमता बढ़ाने के लिए 54 हजार करोड़ रुपए के रक्षा सौदे को मंजूरी

सेनाओं की मारक क्षमता बढ़ाने के लिए 54 हजार करोड़ रुपए के रक्षा सौदे को मंजूरी

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में रक्षा अधिग्रहण परिषद की गुरूवार को यहां हुई बैठक में इस आशय के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई। परिषद ने बैठक में 54,000 करोड़ रुपए से अधिक की राशि के आठ पूंजी अधिग्रहण प्रस्तावों को आवश्यकता की स्वीकृति (एओएन) प्रदान की।

सरकार ने तीनों सेनाओं की मारक क्षमता बढाने के लिए 54 हजार करोड़ रुपए के रक्षा सौदों को आज मंजूरी दे दी जिसमें सेना के टैंकों के लिए अधिक शक्तिशाली ईंजन, नौसेना के लिए पनडुब्बी रोधी टॉरपीडो और वायु सेना के लिए निगरानी प्रणाली अवाक्स की खरीद शामिल है। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में रक्षा अधिग्रहण परिषद की गुरूवार को यहां हुई बैठक में इस आशय के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई। परिषद ने बैठक में 54,000 करोड़ रुपए से अधिक की राशि के आठ पूंजी अधिग्रहण प्रस्तावों को आवश्यकता की स्वीकृति (एओएन) प्रदान की।

इन सौदों में सेना के लिए टी-90 टैंकों के मौजूदा 1000 एचपी इंजन को अपग्रेड करने के लिए 1350 एचपी इंजन की खरीद के लिए स्वीकृति प्रदान की गई है। इससे इन टैंकों की युद्धक्षेत्र में गतिशीलता बढेगी, खासकर अत्यधिक ऊंचाई वाले क्षेत्रों में, क्योंकि इससे शक्ति-भार अनुपात में वृद्धि होगी। भारतीय नौसेना के लिए, वरुणास्त्र टॉरपीडो (लड़ाकू) की खरीद के लिए भी मंजूरी दी गयी है। वरुणास्त्र टॉरपीडो नौसेना की विज्ञान और प्रौद्योगिकी प्रयोगशाला द्वारा विकसित स्वदेशी रूप से विकसित जहाज से छोड़ा जाने वाला पनडुब्बी रोधी टॉरपीडो है। इस टॉरपीडो के अधिक संख्या में नौसेना में शामिल होने उसकी शत्रुओं की पनडुब्बी को ध्वस्त करने की क्षमता बढ जायेगी।

परिषद ने भारतीय वायुसेना के लिए, एयरबोर्न अर्ली वार्निंग एंड कंट्रोल (अवाक्स) प्रणाली की खरीद के लिए स्वीकृति को भी जरूरत के आधार पर मंजूरी दी है। अवाक्स प्रणाली से वायु सेना की क्षमता बढेगी और यह युद्ध के पूरे स्पेक्ट्रम को बदल में सक्षम है। रक्षा मंत्रालय को वर्ष 2025 को ‘सुधारों के वर्ष’ के रूप में मनाने के मद्देनजर परिषद ने पूंजी अधिग्रहण प्रक्रिया के विभिन्न चरणों में समयसीमा को कम करने के लिए दिशानिर्देशों को भी मंजूरी दी ताकि इसे तेज, अधिक प्रभावी और कुशल बनाया जा सके।

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