कांग्रेस नेता टिकाराम जूली के एक मंदिर में जाने के बाद वहां गंगाजल से ‘शुद्धिकरण’ करने पर भाजपा ने अपने पूर्व विधायक ज्ञानदेव आहूजा को पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से निलंबित कर दिया है। यह मंदिर अलवर जिला में है। इस घटना के बाद कांग्रेस ने भाजपा पर दलित विरोधी मानसिकता का आरोप लगाया और पार्टी के शीर्ष नेतृत्व से माफी की मांग की थी, जिसके बाद भाजपा आलाकमान ने आहूजा के खिलाफ एक्शन लिया है। दरअसल, कांग्रेस नेता टीकाराम जूली एक दलित नेता हैं और उन्होंने राम मंदिर में एक पूजा समारोह में हिस्सा लिया था। उनके वहां जाने के बाद भाजपा नेता ज्ञानदेव आहूजा ने गंगाजल छिडक़कर शुद्धिकरण किया। इस घटना के बाद से कांग्रेस ने आहूजा के खिलाफ मोर्चा खोल दिया।
कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने जिला मुख्यालयों पर प्रदर्शन किया और कई जगहों पर आहूजा का पुतला फूंका गया। मामले की गंभीरता को देखते हुए भाजपा के प्रदेश महामंत्री दमोदर अग्रवाल ने मंगलवार को आहूजा को कारण बताओ नोटिस जारी किया और तीन दिन के भीतर जवाब देने को कहा। नोटिस में कहा गया कि आपके इस बयान और कृत्य से पार्टी की छवि को नुकसान पहुंचा है, जोकि घोर अनुशासनहीनता की श्रेणी में आता है। इसलिए आपको पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से तत्काल प्रभाव से निलंबित किया जाता है।


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