Friday , 4 September 2026
Home उत्तर प्रदेश धार्मिक के साथ ही यूपी को ईको टूरिज्म का हब बनाने में जुटी योगी सरकार
उत्तर प्रदेशदेश-विदेशपर्यटन समाचार

धार्मिक के साथ ही यूपी को ईको टूरिज्म का हब बनाने में जुटी योगी सरकार

रामायण सर्किट, कृष्ण-ब्रज सर्किट, बौद्ध सर्किट, शक्तिपीठ सर्किट, सूफी-कबीर सर्किट और जैन सर्किट जैसी परियोजनाओं ने धार्मिक पर्यटन को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया है। वहीं ईको टूरिज्म के साथ-साथ सांस्कृतिक और साहसिक पर्यटन को भी बढ़ावा दिया जा रहा है। तराई क्षेत्र, जिसमें दुधवा, पीलीभीत और कतर्नियाघाट जैसे स्थान शामिल हैं, जैव विविधता के भंडार के रूप में उभर रहे हैं। योगी सरकार ने प्राकृतिक सौंदर्य और जैव विविधता को संरक्षित करते हुए पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए इस दिशा में कई महत्वाकांक्षी योजनाएं शुरू की हैं।

ईको टूरिज्म का नया केंद्र बन रहा लखीमपुर खीरी

लखीमपुर खीरी, जो अपनी प्राकृतिक सुंदरता और जैव विविधता के लिए जाना जाता है, अब ईको टूरिज्म के नए केंद्र के रूप में उभर रहा है। सरकार की ओर से चंदन चौकी और शारदा बैराज के पास पर्यटन सुविधाओं के विकास की योजना बनाई गई है। चंदन चौकी में ईको लॉज, टेंटिंग और ग्लैम्पिंग जैसी आधुनिक सुविधाएं विकसित की जाएंगी, जो पर्यटकों को प्रकृति के करीब लाने के साथ-साथ आरामदायक अनुभव प्रदान करेंगी। वहीं, शारदा बैराज के पास टेंट सिटी और वॉटर स्पोर्ट्स की सुविधाएं शुरू की जाएंगी, जो साहसिक पर्यटन को बढ़ावा देंगी।

स्थानीय समुदाय के लिए सृजित होंगे रोजगार के अवसर

इसके अतिरिक्त, पर्यटक थारू जनजाति की समृद्ध संस्कृति से भी रूबरू होंगे। थारू कल्चर को प्रदर्शित करने के लिए सांस्कृतिक कार्यक्रम और स्थानीय हस्तशिल्प की प्रदर्शनियां आयोजित की जाएंगी, जिससे पर्यटकों को स्थानीय परंपराओं और जीवनशैली को समझने का अवसर मिलेगा। योजना का उद्देश्य न केवल पर्यटकों को आकर्षित करना है, बल्कि स्थानीय समुदायों के लिए रोजगार के अवसर सृजित करना और पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देना भी है। प्रशिक्षित नेचर गाइड्स की मदद से पर्यटक इन क्षेत्रों की जैव विविधता, पक्षियों और वनस्पतियों के बारे में गहन जानकारी प्राप्त कर सकेंगे।

उत्तर प्रदेश पर प्रकृति और परमात्मा की असीम अनुकंपा

योगी सरकार ने ईको टूरिज्म को बढ़ावा देने के लिए कई नीतिगत कदम उठाए हैं। वर्ष 2022 में लागू पर्यटन नीति में वाइल्डलाइफ और ईको टूरिज्म सर्किट को विशेष महत्व दिया गया है। इसके तहत राज्य के हर जिले में ‘वन डिस्ट्रिक्ट, वन डेस्टिनेशन’ योजना के माध्यम से ईको टूरिज्म स्थलों को चिह्नित और विकसित किया जा रहा है। इसके अलावा उत्तर प्रदेश ईको टूरिज्म डेवलपमेंट बोर्ड के गठन ने इस दिशा में प्रयासों को और गति दी है। बता दें कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बार-बार इस बात पर जोर दिया है कि प्रकृति और परमात्मा की उत्तर प्रदेश पर असीम अनुकंपा है। इस दृष्टिकोण के साथ राज्य जल्द ही देश का प्रमुख ईको टूरिज्म डेस्टिनेशन बन सकता है।

Written by
Hill Mail

हिल-मेल का प्रयास जनमानस की आवाज को सही स्तर तक पहुंचाना है। हमने कोशिश की है कि हिल-मेल पहाड़ से जुड़े जनमानस के बीच एक मंच और एक अभियान के रूप में आगे बढ़े। हिल-मेल प्रयत्न कर रहा है कि हिमालय के आंचल में रोजाना की घटने वाली सामाजिक, आर्थिक, राजनीतिक, धार्मिक और दैवीय घटनाओं की जानकारी जल्दी से जल्दी लोगों को मिलती रहे।

Leave a comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Related Articles