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उपलब्धियों भरा रहा डीएम गहरवार का दो साल का कार्यकाल

वहीं, जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी नंदन सिंह रजवार ने बताया कि रेस्क्यू के लिए अच्छे स्ट्रेचर, नाइट विजन के लिए एलईडी एवं फोकस लाइट से लेकर उच्च गुणवत्ता वाली रस्सी, स्टिक एवं फर्स्ट एड किट जवानों को उपलब्ध कराई गई है। हर प्राथमिक सुविधा प्रशासन की ओर से उपलब्ध होने से एक ओर इन जवानों की जेब का भार कम हुआ है। वहीं, दूसरी ओर विपरीत परिस्थित में अपनी ड्यूटी करने में भी इन्हें कोई परेशानी नहीं हो रही।

जनपद में विकास कार्यों को मिली रफ्तार, राजस्व में भी हुआ इजाफा
नए प्रयोगों से बदली केदारनाथ धाम यात्रा की तस्वीर
श्रद्धालुओं की संख्या में भी नए कीर्तिमान स्थापित
रुद्रप्रयाग। जनपद में दो वर्ष की सेवाएं देने के बाद जिलाधिकारी सौरभ गहरवार अब सिडकुल के एमडी और मुख्य कार्यकारी अधिकारी पीएमजीएसवाई के पद पर अपनी सेवाएं देने जा रहे हैं। उन्होंने वर्ष 2023 में उन्होंने केदारनाथ धाम यात्रा का दूसरा चरण शुरू होने से पहले जनपद की कमान संभाली थी। पिछले दो वर्षों में उनके नेतृत्व में जनपद को नई दिशा और विकास कार्यों को रफ्तार मिली। जनपद में उनका कार्यकाल उपलब्धियों भरा रहा।
खास तौर पर केदारनाथ धाम यात्रा मैनेजमेंट में उनके द्वारा किए गए प्रयासों की सराहना पूरे प्रदेश में हुई। वहीं जनपद में नए उद्योगों की स्थापना से लेकर राजस्व में वृद्धि भी हुई है। जनता और विकास से जुड़े मुद्दों पर उनकी कार्यशैली का प्रभाव भी लंबे समय तक रुद्रप्रयाग की जनता पर रहेगा। यही कारण है कि जनपद से उनके तबादले की सूचना सुनते ही जनपदभर और सोशल मीडिया पर लोग दुःख और रोष जाहिर कर रहे हैं।

50 दिनों में केदारनाथ धाम यात्रा में करीब 300 करोड़ का कारोबार,
रुद्रप्रयाग। केदारनाथ धाम यात्रा हर वर्ष नए कीर्तिमान स्थापित कर रही है। एक ओर जहां बाबा केदारनाथ के दर्शन को देश विदेश से पहुंचने वाले श्रद्धालुओं का आंकड़ा नए रिकॉर्ड कायम कर रहा है। वहीं स्थानीय लोगों के रोजगार को भी बढ़ती हुई यात्रा से लगातार लाभ मिल रहा है।
बाबा के कपाट खुले 50 दिनों का समय पूर्ण हो चुका है। अब तक करीब 12 लाख श्रद्धालु बाबा के दर्शन कर चुके हैं। इस अवधि में घोड़े-खच्चर, हेली, डंडी-कंडी सहित होटल एवं रेस्तरां व्यापारियों ने करीब तीन अरब का कारोबार कर लिया है। स्थानीय व्यापारियों, महिला स्वयं सहायता समूहों से लेकर टैक्सी संचालन या अन्य किसी भी व्यवसाय से जुड़े लोगों को बढ़ती यात्रा का पूरा लाभ मिल रहा है। वहीं बढ़ती यात्रा के लिहाज से शासन प्रशासन भी अपनी व्यवस्थाएं लगातार दुरुस्त कर रहा है। इस वर्ष अब तक की यात्रा के दौरान घोड़े- खच्चरों से लगभग 67 करोड़, हेली सेवाओं से करीब 60 करोड़, टैक्सी संचालन से लगभग 12 करोड़ और होटल- रेस्तरां एवं टेंट संचालकों ने करीब 150 करोड़ से अधिक का कारोबार कर लिया है। वहीं पिछले वर्ष 2024 की यात्रा के दौरान करीब 15 लाख, जबकि 2023 के दौरान 16 लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने बाबा केदारनाथ के दर्शन किए थे।

पीआरडी जवानों को मिली आधुनिक सुविधाएं, सेहत और खुराक का भी रखा जा रहा विशेष ध्यान’
रुद्रप्रयाग। जिलाधिकारी सौरभ गहरवार के निर्देशन में केदारनाथ धाम यात्रा को सफल एवं सुव्यवस्थित बनाने में दिन-रात खुद को झोंक कर रखने वाले कार्मिकों की हर सुविधा का भी विशेष ध्यान रखा जा रहा है। खास तौर पर आर्थिक रूप से कम सक्षम स्थानीय लोग जो अमूमन पीआरडी के माध्यम से यात्रा मैनेजमेंट में अपना सहयोग देते हैं। उन्हें हर सुविधा के साथ अच्छी खुराक उपलब्ध हो, इसके लिए डीएम गहरवार के कार्यकाल में प्रशासन ने विशेष व्यवस्थाएं शुरू की। जवानों को लिबर्टी कंपनी के उच्च गुणवत्ता वाले ट्रैकिंग जूते, मौजे, मफलर, टोपी और रेन कोट उपलब्ध कराए जा रहे हैं। वहीं सोने के लिए नए गद्दे, रजाई और कंबल भी दिए गए हैं। खुराक का विशेष ध्यान रखते हुए हर 15 दिनों में सेक्टर मजिस्ट्रेट द्वारा भेजी गई मांग के अनुसार उच्च गुणवत्ता वाला राशन भी प्रशासन की ओर से ही दिया जा रहा है। उधर, सेक्टर में तैनात सभी जवानों का 20 लाख रुपए का बीमा भी प्रशासन की ओर से कराया गया है।

25 नई पार्किंग स्थापित कर ट्रैफिक कंट्रोल में मिली बड़ी सहायता
रुद्रप्रयाग। जनपद और केदारनाथ धाम यात्रा मार्ग पर जिलाधिकारी सौरभ गहरवार के विजन से करीब 25 छोटी-बड़ी पार्किंग विकसित की गई। इसमें यात्रा मार्ग में प्रमुख तौर पर गिवाणी गांव, मैखंडा, अगस्त्यमुनि, फाटा सहित अन्य स्थानों पर बड़ी पार्किंग विकसित हुई हैं। वहीं जनपद मुख्यालय में नए बस अड्डे, कलेक्ट्रेट परिसर, बेला सहित अन्य स्थानों पर नई पार्किंग विकसित की गई हैं। इससे शहर और यात्रा मार्ग पर ट्रैफिक मैनेजमेंट में बड़ी राहत मिली। वहीं सोनप्रयाग और सीतापुर स्थित बड़ी पार्किंग में रियल टाइम मॉनिटरिंग एवं ट्रैफिक मैनेजमेंट के लिए विशेष सॉफ्टवेयर भी विकसित किया गया।
बॉक्स न्यूज
यात्रा मार्ग में आंचल डेयरी के आउटलेट एवं मिल्क बूथ,
रुद्रप्रयाग। जनपद में दुग्ध व्यवसाय को प्रोत्साहित करने एवं व्यवसाय से जुड़े लोगों और महिला स्वयं सहायता समूहों को उचित बाजार एवं रोजगार उपलब्ध कराए जाने के उद्देश्य से डीएम सौरभ गहरवार ने केदारनाथ यात्रा मार्ग पर सात आंचल डेयरी के आउटलेट एवं मिल्क बूथ स्थापित करवाए। वर्ष 2024 की यात्रा के दौरान शुरू हुई इस पहल से चिन्हित सात स्थानों पर आंचल डेयरी के दूध एवं उत्पाद केदारनाथ यात्रा मार्ग में दर्शन करने आने वाले तीर्थ यात्रियों को उपलब्ध करवाए गए। इनके साथ स्मार्ट मोबाइल टॉयलेट और पार्किंग की सुविधा भी उपलब्ध कराई गई।

’घोड़े-खच्चरों एवं हॉकरों के लिए शेड व आवास’
रुद्रप्रयाग। केदारनाथ यात्रा मार्ग में संचालित होने वाले घोड़े-खच्चरों एवं उनके हॉकरों को रहने के लिए उचित प्रबंधन करने के लिए जिलाधिकारी डॉ गहरवार ने सोनप्रयाग-त्रियुगीनारायण मार्ग पर जीएमवीएन के समीप घोडे़-खच्चरों के लिए शेड एवं हॉकरों के लिए डोरमेट्री आवास एवं सोनप्रयाग में घोड़े-खच्चरों के लिए शेड भी तैयार करवाए। वर्ष 2024 में तैयार इन्हीं स्थानों पर वर्ष 2025 में घोड़े खच्चरों में संक्रामक बीमारी फैलने पर उन्हें क्वारंटाइन में रखा गया जिससे संक्रमण को फैलने से रोकने और घोड़े खच्चरों पर निगरानी रखने में बड़ी सहायता मिली। यहीं पतंजलि संस्थान की सहायता से घोड़े-खच्चरों की लीद का उचित निस्तारण को लेकर सेफ्टिक टैंक भी तैयार किया जा रहा है।

प्राधिकरण की आय छः करोड़, खनन न्यास से 24 करोड़ राजस्व,
रुद्रप्रयाग। केदारनाथ धाम की यात्रा को सुव्यवस्थित तरीके से संचालित करने की जिम्मेदारी के साथ ही डीएम सौरभ गहरवार ने जनपद में राजस्व बढ़ोत्तरी को लेकर भी ठोस कदम उठाए हैं। जिला विकास प्राधिकरण की आय पहले जहां एक लाख पांच हजार के करीब थी, वहीं अब प्राधिकरण की आय छः करोड़ के पार पहुंच चुकी है। इसके अलावा खनन न्यास से 24 करोड़ का राजस्व प्राप्त हुआ है। कुल मिलाकर देखा जाए तो डीएम गहरवार की सोच यही है कि जिले से प्राप्त हो रहे राजस्व को जिले के विकास पर खर्च किया जाए। वे जिले को बहुत सारी सौगातें देने के साथ ही विकास को लेकर कई नये आयाम स्थापित कर चुके हैं।

’आपदा प्रबंधन और रेस्क्यू एवं बचाव में किया कुशल कार्य’
रुद्रप्रयाग। आपदा के लिहाज से जनपद रुद्रप्रयाग बेहद संवेदनशील जनपद में शामिल है वहीं श्री केदारनाथ धाम पैदल यात्रा मार्ग एवं केदार घाटी में मानसून के दौरान अक्सर हादसे होते हैं। वर्ष 2024 में 31 जुलाई को भारी बारिश के बाद भी केदार घाटी में आपदा जैसे हालात बन गए थे। पैदल एवं सड़क यात्रा मार्ग कई स्थानों पर क्षतिग्रस्त होने से करीब 15 हजार लोग अलग अलग जगहों पर फंस गए थे। लेकिन जिलाधिकारी सौरभ गहरवार के कुशल प्रबंधन से बूते हेली एवं मैनुअल रेस्क्यू के जरिए 10 दिनों के भीतर ही यात्रियों को रेस्क्यू कर लिया गया था। सड़क एवं पैदल मार्ग भारी तौर पर क्षतिग्रस्त होने के बाद भी रेस्क्यू पूरा होने के रिकॉर्ड 15 दिनों के भीतर पैदल रास्ते खोल दिए गए, जबकि एक महीने के भीतर ही यात्रा सुचारू रूप से शुरू कर ली गई थी। इसके अलावा यात्रा मार्ग में डेंजर जोन में दुकानें न लगने देने और समय समय पर इसकी चेकिंग व मॉनिटरिंग करने से भी मानसून के दौरान केदारघाटी में जानमाल की क्षति पर काबू पाया गया है।

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