यह घटना प्राथमिक विद्यालय से मात्र सौ मीटर की दूरी पर हुई, जिसने ग्रामीणों में दहशत और आक्रोश पैदा कर दिया है। डांगी गांव में यह पहली घटना नहीं है। इससे पहले भी गुलदार कई लोगों को अपना शिकार बना चुका है। ग्रामीणों का कहना है कि जून की छुट्टियों के बाद स्कूल खुलने वाले हैं और इस तरह की घटनाएं बच्चों की सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा बन रही हैं।
वन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि वे मामले की जांच कर रहे हैं और जल्द ही उचित कदम उठाए जाएंगे। स्थानीय लोगों ने चेतावनी दी कि यदि प्रशासन ने समय रहते कार्रवाई नहीं की, तो स्थिति और गंभीर हो सकती है। ग्रामीणों ने प्रशासन से अपील की कि स्कूल खुलने से पहले इस खतरे को नियंत्रित किया जाए, ताकि बच्चों और ग्रामीणों की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके।
स्थानीय निवासियों ने वन विभाग और प्रशासन से तत्काल कार्रवाई की मांग की है। उनका कहना है कि गुलदार की बढ़ती गतिविधियों पर अंकुश लगाने के लिए ठोस कदम उठाए जाएं, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके। ग्रामीणों ने मांग की कि गुलदार को पकड़ने के लिए पिंजरे लगाए जाएं और क्षेत्र में गश्त बढ़ाई जाए।


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