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चमोली में अतिवृष्टि से मोक्ष नदी ने मचाया तांडव

ग्रामीणों ने प्रशासन से मुआवजे की मांग की है। अतिवृष्टि से दो गौशाला को नुकसान पहुंचा। जिसका संज्ञान लेते हुए जिलाधिकारी संदीप तिवारी के निर्देश पर तहसील प्रशासन की टीम घटनास्थल का निरीक्षण किया। जिलाधिकारी ने प्रभावितों को तत्काल राहत देने के साथ ही ग्रामीणों को सुरक्षित स्थानों पर शिफ्ट करने के आदेश दिए हैं।

भारी बारिश के कारण सेरा गांव खतरे की जद में
ग्रामीणों ने भागकर सुरक्षित स्थानों पर ली शरण
चमोली। प्रदेश में मानसून ने दस्तक के साथ ही कहर बरपाना शुरू कर दिया है। राज्य के कई जिलों में भारी बारिश के चलते आज भी अलर्ट जारी किया गया है। पहाड़ी इलाकों में हो रही मूसलाधार बारिश से नदी-नाले उफान पर हैं। जगह-जगह भूस्खलन की घटनाएं सामने आ रही हैं। ऐसे ही एक घटना बीते देर रात चमोली जनपद के नंदानगर विकासखंड क्षेत्र के धुर्मा, मोख, सेंतोली, कुण्डी क्षेत्र अतिवृष्टि की घटना देखने को मिली है। यहां भारी बारिश से हुई अतिवृष्टि से खासा नुकसान हुआ है। स्थानीय लोग इसे बादल फटना कह रहे हैं वहीं प्रशासन अतिवृष्टि मान रहा है।
बता दें कि इस अतिवृष्टि का असर संपूर्ण मोख वैली में हुआ है, यहां मोक्ष नदी के समीप बसा गांव सेरा भी खतरे के जद में आ गया है। बताया जा रहा है कि सड़कें भी जगह जगह जमींदोज हो गई है। जिससे संपूर्ण घाटी का बाजार से संपर्क टूट गया है। नंदानगर विकासखंड में मोक्ष नदी उफान पर आने से सेरा गांव में नुकसान की खबर है और कई घरों में पानी घुस गया। बताया जा रहा है कि ग्रामीणों ने रात्रि में सुरक्षित स्थानों पर शरण ली।
इस दौरान लोगों ने घरों से भागकर अपनी जान बचाई। घटना की सूचना के बाद स्थानीय प्रशासन की टीम भी मौके के लिए रवाना हुई और मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया।

मूसलाधार बारिश से गाड़ी गांव में हुआ भारी नुकसान
देहरादून। उत्तराखंड में भारी बारिश ने एक बार फिर जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित किया है। निजमुला घाटी के गाड़ी गांव में मंगलवार रात को मूसलाधार बारिश के कारण भारी नुकसान हुआ है। गांव का मुख्य पैदल मार्ग पूरी तरह ध्वस्त हो गया है, जिससे आवाजाही बाधित हो गई है। साथ ही बिजली और पानी की आपूर्ति भी पूरी तरह से ठप हो गई है। बिरही-निजमुला सड़क भी काली चट्टान और तौली तोक के पास मलबा आने से अवरुद्ध हो गई है, हालांकि जिला प्रशासन ने तत्परता दिखाते हुए सड़क को खोलने का कार्य शुरू करवा दिया है।
गाड़ी गांव में हुई बारिश से सबसे ज्यादा क्षति हुई है। मुख्य मार्ग के ध्वस्त होने से नेत्र सिंह के मकान पर भी खतरा मंडरा रहा है, क्योंकि यह मार्ग मकान के ठीक ऊपर से गुजरता है। इसके अतिरिक्त, गांव की पेयजल लाइन का मुख्य स्रोत भी क्षतिग्रस्त हो गया है। तोली, ननाली और नेवा तोक को जोड़ने वाली पेयजल लाइनें भी टूट गई हैं, जिससे इलाके में पेयजल संकट गहराता जा रहा है। साथ ही तोली तोक के पास पेड़ गिरने से 33 केवी की विद्युत लाइन भी क्षतिग्रस्त हो गई, जिसके चलते निजमुला घाटी के 13 से अधिक गांवों में बिजली आपूर्ति पूरी तरह से बाधित हो गई है।

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Hill Mail

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