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चारधाम यात्रा में आने-जाने वाले श्रद्धालुओं को ट्रैफिक जाम से मिलेगी राहत

हरिद्वार लोकसभा सांसद एवं उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने लोकसभा में चारधाम यात्रा मार्ग की एक गंभीर समस्या को उठाते हुए हरिद्वार और ऋषिकेश में लगने वाले भीषण ट्रैफिक जाम से श्रद्धालुओं को राहत दिलाने हेतु एक वैकल्पिक मार्ग निर्माण की मांग रखी है।

हरिद्वार-ऋषिकेश को बाईपास करने के लिए बनेगा 25 किमी लंबा वैकल्पिक मार्ग
सांसद त्रिवेन्द्र सिंह रावत की पहल पर केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने सर्वे का दिया आश्वासन

सांसद त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने सदन में कहा कि चारधाम यात्रा के दौरान हरिद्वार और ऋषिकेश में नियमित रूप से लगने वाले लंबे जाम के कारण श्रद्धालुओं, पर्यटकों और स्थानीय नागरिकों को अत्यंत कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है।

उन्होंने यह भी कहा कि यह समस्या हर वर्ष तीव्र रूप ले रही है और इसके स्थायी समाधान के लिए एक बाईपास मार्ग का निर्माण अति आवश्यक है।

उनकी इस पहल पर केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने त्वरित संज्ञान लेते हुए आश्वासन दिया कि इस परियोजना के लिए सर्वेक्षण कार्य शीघ्र शुरू कराया जाएगा।

प्रस्तावित वैकल्पिक मार्ग लगभग 25 किलोमीटर लंबा होगा, जो हरिद्वार और ऋषिकेश के शहरी क्षेत्रों को बाईपास करते हुए सीधे चारधाम यात्रा मार्ग से जोड़ेगा।

त्रिवेंद्र रावत ने कहा, ‘चारधाम यात्रा केवल एक धार्मिक यात्रा नहीं, बल्कि उत्तराखंड की संस्कृति, पर्यटन और आर्थिक विकास का मूल आधार है। लाखों श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए यह वैकल्पिक मार्ग एक दूरदर्शी कदम साबित होगा।’

यह परियोजना न केवल चारधाम यात्रा को बाधारहित बनाएगी, बल्कि हरिद्वार और ऋषिकेश जैसे तीर्थनगरी शहरों के अंदर यातायात के अत्यधिक दबाव को भी कम करेगी। इससे स्थानीय लोगों को भी बेहतर जीवन और आवागमन की सुविधा मिलेगी। साथ ही व्यापार, पर्यटन और राज्य की अर्थव्यवस्था को नई गति मिलेगी।

गौरतलब रहे कि चारधाम यात्रा के दौरान हरिद्वार और ऋषिकेश में कई बार लंबा जाम लग जाता है जिससे यात्रियों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता है।

अगर इस परियोजना पर अमल जल्दी हो जायेगा तो इससे एक तो यात्रियों का समय बचेगा और दूसरा गाड़ियों से निकलने वाले धुएं से होने वाले प्रदूषण से भी लोगों को राहत मिलेगी।

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Hill Mail

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