जानकारी के अनुसार, कपकोट क्षेत्र के शिवालय मंदिर के पास रहने वाली कमला देवी सोमवार को अपने बेटे राकेश के साथ सरयू नदी से पानी भरने गई थीं। इसी दौरान राकेश भी नदी के किनारे पानी भरने का प्रयास कर रहा था। अचानक उसका संतुलन बिगड़ गया और पैर फिसलने से वह सीधे नदी के तेज बहाव में जा गिरा। कुछ ही क्षणों में उफनती सरयू नदी उसे अपने साथ बहाकर ले गई।
घटना को देखकर आसपास मौजूद लोगों में अफरा-तफरी मच गई। प्रत्यक्षदर्शी रोशन गड़िया ने बिना अपनी जान की परवाह किए तुरंत नदी में छलांग लगा दी। उन्होंने करीब 50 मीटर तक बहते हुए बच्चे तक पहुंचने की कोशिश की, लेकिन नदी का तेज बहाव और गहराई उनके प्रयासों पर भारी पड़ गई। काफी कोशिशों के बावजूद वे राकेश को बचा नहीं सके।
घटना के बाद स्थानीय लोगों ने तत्काल पुलिस और प्रशासन को सूचना दी। सूचना मिलते ही प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची और बच्चे की तलाश शुरू कर दी। नदी का जलस्तर लगातार बढ़ा हुआ होने और तेज बहाव के कारण रेस्क्यू अभियान में कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। प्रशासन ने आसपास के क्षेत्रों में भी सतर्कता बढ़ा दी है और नदी किनारे खोजबीन जारी है।
मासूम राकेश की मां कमला देवी ने बताया कि उनका बेटा कक्षा दो का छात्र था और बेहद चंचल तथा होनहार था। उन्होंने बताया कि उनके पति नारायण सिंह एक निजी कंपनी में कार्यरत हैं। परिवार में दो बच्चे हैं, जिनमें बड़ी बेटी और सबसे छोटा बेटा राकेश था। बेटे के नदी में बह जाने के बाद पूरे परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। मां का रो-रोकर बुरा हाल है और परिजन किसी चमत्कार की उम्मीद लगाए हुए हैं।
बताया गया कि परिवार मूल रूप से लाहुर गांव का निवासी है। बच्चों की बेहतर शिक्षा के उद्देश्य से वे वर्तमान में कपकोट में किराए के मकान में रह रहे हैं। किसी ने भी नहीं सोचा था कि रोजमर्रा का एक सामान्य काम इतनी बड़ी त्रासदी में बदल जाएगा।
इस घटना ने एक बार फिर मानसून के दौरान नदी-नालों के किनारे बरती जाने वाली सावधानी की आवश्यकता को उजागर कर दिया है। लगातार बारिश के कारण प्रदेश की अधिकांश नदियों का जलस्तर बढ़ा हुआ है और उनका बहाव सामान्य दिनों की तुलना में कहीं अधिक तेज है। ऐसे में थोड़ी-सी लापरवाही भी बड़े हादसे का कारण बन सकती है।
प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि बारिश के मौसम में नदी, नालों और जलधाराओं के किनारे जाने से बचें। विशेष रूप से बच्चों को अकेले या नदी के बेहद करीब न जाने दें। यदि पानी भरना या अन्य आवश्यक कार्य करना हो तो पूरी सावधानी बरतें और तेज बहाव वाले स्थानों से दूर रहें।
फिलहाल प्रशासन और स्थानीय लोग सरयू नदी में लापता राकेश की तलाश में जुटे हैं। पूरा कपकोट क्षेत्र इस दर्दनाक घटना से स्तब्ध है और सभी की दुआ है कि जल्द से जल्द बच्चे का पता चल सके। यह हादसा मानसून के दौरान सतर्क रहने की एक गंभीर चेतावनी भी है।




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