Wednesday , 23 September 2026
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चोट के बावजूद आखिरी दम तक लड़े हल्द्वानी के चेतन भट्ट, एशियन गेम्स में कांस्य पदक से चूके

एशियन गेम्स-2026 में कराटे के मैट पर भारत के लिए पदक की उम्मीद लेकर उतरे हल्द्वानी के चेतन भट्ट कांस्य पदक से चूक गए। पुरुष कराटे कुमिते स्पर्धा में मंगलवार को कांस्य पदक के मुकाबले में उनका सामना चीनी ताइपे के चुंग मेंग-यू से हुआ। चोट के बावजूद चेतन ने पूरे जज्बे के साथ मुकाबला किया, लेकिन बेहद करीबी मुकाबले में उन्हें हार का सामना करना पड़ा। निर्धारित समय के बाद दोनों खिलाड़ियों का स्कोर 1-1 से बराबर रहा। मुकाबले का पहला अंक चीनी ताइपे के खिलाड़ी ने हासिल किया था, इसलिए सेंशु नियम के आधार पर जीत उसके नाम रही।

 

चेतन भट्ट के लिए एशियन गेम्स का सफर चुनौतीपूर्ण रहा। सेमीफाइनल मुकाबले के दौरान उनके टखने में चोट लग गई, जिसका असर उनके प्रदर्शन पर साफ दिखाई दिया। इसके बावजूद उन्होंने हिम्मत नहीं छोड़ी और कांस्य पदक के मुकाबले में उतरने का फैसला किया। हालांकि चोट के कारण वह अपनी पूरी क्षमता के साथ प्रदर्शन नहीं कर सके और पदक जीतने का उनका सपना बेहद मामूली अंतर से अधूरा रह गया।

सेमीफाइनल में चोट ने बिगाड़ा खेल

चेतन भट्ट का सेमीफाइनल मुकाबला जॉर्डन के मोहम्मद अलजा’फारी से हुआ। मुकाबले के दौरान टखने में चोट लगने के बाद चेतन की चुनौती कमजोर पड़ गई। जॉर्डन के खिलाड़ी ने इसका फायदा उठाते हुए मुकाबले पर पकड़ मजबूत कर ली। अलजा’फारी ने शुरुआत में एक अंक हासिल किया। इसके बाद दो अंकों का वाजा-आरी लगाया और सिर पर किक के जरिए तीन अंक हासिल किए।

लगातार दो युको हासिल करने के बाद उनका स्कोर 8-0 हो गया और मुकाबला जल्दी समाप्त हो गया। चोट के कारण चेतन अपने स्वाभाविक आक्रामक खेल का प्रदर्शन नहीं कर पाए। सेमीफाइनल में हार के बाद उन्हें कांस्य पदक के मुकाबले में उतरना पड़ा।

 

 

 

 

 

कांस्य मुकाबले में दिखाया दम

सेमीफाइनल की चोट के बाद भी चेतन ने हार नहीं मानी। वह कांस्य पदक के लिए चीनी ताइपे के चुंग मेंग-यू के खिलाफ मैट पर उतरे। दोनों खिलाड़ियों के बीच मुकाबला बेहद कड़ा और रक्षात्मक रहा। दोनों ने एक-एक युको हासिल किया और निर्धारित समय के बाद स्कोर 1-1 की बराबरी पर रहा।

कराटे के नियमों के अनुसार मुकाबले में सेंशु का महत्व रहा। चूंकि चुंग मेंग-यू ने मुकाबले का पहला अंक हासिल किया था, इसलिए बराबरी की स्थिति में सेंशु के आधार पर जीत उन्हें मिली। इस तरह चेतन महज एक नियम के अंतर से कांस्य पदक से चूक गए।

पनियाली के रहने वाले हैं चेतन

चेतन भट्ट हल्द्वानी के पनियाली क्षेत्र के रहने वाले हैं। एशियन गेम्स में उनके प्रदर्शन को लेकर स्थानीय लोगों और खेल प्रेमियों में काफी उत्साह था। पदक मुकाबले में चोट के बावजूद उतरकर उन्होंने अपनी दृढ़ता और संघर्ष का परिचय दिया।

चेतन के कोच वीरेंद्र राठौर ने पदक से चूकने पर मायूसी जताई। उन्होंने कहा कि चोट के कारण चेतन पदक जीतने से चूक गए। हालांकि, कोच को भरोसा है कि चेतन आने वाली प्रतियोगिताओं में मजबूत वापसी करेंगे और देश के लिए पदक जीतने में सफल होंगे। एशियन गेम्स में पदक भले ही उनके हाथ नहीं आया, लेकिन चोट के बावजूद आखिरी मुकाबले तक डटे रहना उनके खेल जज्बे को दर्शाता है।

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Hill Mail

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