जिलाधिकारी ने अधिकारियों को शासन और न्यायालय के दिशा-निर्देशों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि अवैध खनन और खनिजों के अवैध परिवहन पर प्रभावी कार्रवाई की जाए। इसके लिए तहसील स्तर पर गठित एंटी माइनिंग टास्क फोर्स को सक्रिय रखने और नियमित रूप से कार्रवाई करने को कहा गया।
बैठक में जिलाधिकारी ने आबादी वाले क्षेत्रों में आपदा के प्रभाव को कम करने के लिए नदियों में रिवर ड्रेजिंग और चैनलाइजेशन को महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने सभी उपजिलाधिकारियों को आपदा की दृष्टि से संवेदनशील क्षेत्रों का तत्काल चिह्नीकरण करने के निर्देश दिए। साथ ही इन क्षेत्रों में उपलब्ध उपखनिज की मात्रा का सही आकलन कर नए लॉट तैयार करने और उनकी टेंडर प्रक्रिया जल्द पूरी करने को कहा।
खनन क्षेत्रों में निगरानी व्यवस्था मजबूत करने पर भी विशेष जोर दिया गया। जिलाधिकारी ने खनन क्षेत्रों में लगाए गए सीसीटीवी कैमरों को लगातार क्रियाशील रखने और उनके माध्यम से नियमित निगरानी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। इसके अलावा खनन कार्य में लगे वाहनों की फिटनेस, वाहन चालकों की पहचान और श्रमिकों की सुरक्षा एवं सुविधाओं का विशेष ध्यान रखने को कहा गया।
खनिजों के परिवहन में लगे वाहनों के लिए रेडियम और फॉग लाइट अनिवार्य करने के निर्देश भी दिए गए। स्टोन क्रशरों में धर्मकांटा की व्यवस्था सुनिश्चित करने के साथ घोड़े-खच्चरों और ट्रैक्टर-ट्रॉलियों की नियमित जांच करने को कहा गया। अधिकारियों को यह भी निर्देश दिए गए कि खनन क्षेत्रों में पर्यावरण संरक्षण और बच्चों की शिक्षा से जुड़े प्रावधानों का गंभीरता से पालन कराया जाए।
पर्यावरण संरक्षण के तहत जिलाधिकारी ने स्टोन क्रशर संचालकों के लिए कम से कम एक हजार पौधे लगाने की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। इससे खनन गतिविधियों के साथ हरित क्षेत्र बढ़ाने और पर्यावरणीय प्रभाव को कम करने का प्रयास किया जाएगा।
30 लॉटों पर चल रहा खनन कार्य
जिला खनन अधिकारी ने बैठक में बताया कि जनपद में निजी नाप भूमि के तीन, वन विकास निगम के चार, गढ़वाल मंडल विकास निगम लिमिटेड के आठ, ई-निविदा के माध्यम से स्वीकृत एक तथा मैसर्स कैलाश रिवर बैंड एलएलपी के 14 खनन पट्टे आवंटित किए गए हैं। इन लॉटों के अंतर्गत कुल 659.81 हेक्टेयर क्षेत्र खनन के लिए निर्धारित है।
अधिकारी के अनुसार कुल 69 लॉटों में से वर्तमान में 30 लॉटों पर खनन कार्य संचालित है। इनसे अब तक 31.26 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त हो चुका है। शेष लॉटों में आवश्यक कार्रवाई प्रक्रिया के तहत चल रही है। प्रशासन ने आगामी खनन सत्र में राजस्व प्राप्ति के साथ नियमों के पालन और अवैध गतिविधियों पर नियंत्रण को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए हैं।
बैठक में अपर जिलाधिकारी प्रशासन स्मृता परमार, एसपी स्वतंत्र सिंह, एसडीएम विनोद कुमार, एसडीएम रविंद्र ज्वांठा, जिला खनन अधिकारी ऐश्वर्य शाह, जीएमवीएन प्रबंधक कुसुम चौहान, सीओ विवेक सिंह, आरटीओ से रोशनी पंत समेत सभी एसडीएम व जिला खनन समिति के अन्य सदस्य और संबंधित अधिकारी मौजूद रहे।


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