जुबिन नौटियाल के अचानक फाटो पर्यटन जोन पहुंचने की खबर मिलते ही वहां मौजूद नेचर गाइड, जिप्सी चालक और वनकर्मियों में उत्साह देखने को मिला। अपने बीच लोकप्रिय गायक को देखकर प्रशंसकों ने उनके साथ तस्वीरें और सेल्फी लेने की इच्छा जताई। जुबिन ने भी सादगी का परिचय देते हुए प्रशंसकों को निराश नहीं किया और उनके साथ मुस्कुराते हुए तस्वीरें खिंचवाईं।
इसके बाद जुबिन अपने स्टाफ के तीन सदस्यों के साथ जिप्सी से जंगल सफारी के लिए रवाना हुए। उन्होंने फाटो जोन के घने जंगलों, हरियाली और प्राकृतिक वातावरण को करीब से देखा। सफारी के दौरान वन्यजीवों के दीदार की उम्मीद थी, लेकिन बाघ नजर नहीं आया। फाटो रेंज के रेंजर कृपाल सिंह बिष्ट ने बताया कि जुबिन नौटियाल ने सफारी पूरी करने के बाद वापस लौट गए।
कॉर्बेट साहित्य उत्सव में भी पहुंचे जुबिन
जंगल सफारी के बाद जुबिन नौटियाल कॉर्बेट साहित्य उत्सव के समापन कार्यक्रम में भी शामिल हुए। यहां उन्होंने फील्ड में सेवाएं देने वाले वनकर्मियों को सम्मानित किया। इसके बाद उन्होंने कॉर्बेट की वन्यजीव आर्ट गैलरी का निरीक्षण किया। इस दौरान प्रशंसकों में उनके साथ फोटो खिंचवाने को लेकर खासा उत्साह दिखाई दिया।
जुबिन का कॉर्बेट दौरा उनके प्रशंसकों के लिए भी खास रहा। आमतौर पर अपनी व्यस्त संगीत यात्राओं और कार्यक्रमों में नजर आने वाले जुबिन जब जंगल के बीच सादगी से घूमते दिखाई दिए तो वहां मौजूद लोगों ने उनके सहज व्यवहार की खूब सराहना की।
नाना पाटेकर को बताया बेहतरीन कलाकार
कार्यक्रम के दौरान जुबिन नौटियाल ने अभिनेता नाना पाटेकर के निधन को अपूरणीय क्षति बताया। उन्होंने कहा कि नाना पाटेकर जब भी उनसे मिलते थे, हमेशा बहुत प्यार और स्नेह से मिलते थे। जुबिन ने उन्हें बेहद अच्छे व्यक्तित्व वाला और शानदार कलाकार बताया।
उन्होंने कहा कि नाना पाटेकर का व्यवहार हमेशा आत्मीय रहा और वह लोगों से बेहद अपनापन रखते थे। उनके निधन से फिल्म जगत को बड़ी क्षति हुई है। कॉर्बेट में जुबिन का यह दौरा जहां प्रकृति और वन्यजीवन के प्रति उनके जुड़ाव को दर्शाता है, वहीं प्रशंसकों के साथ उनकी सहज मुलाकात ने भी लोगों का दिल जीत लिया।




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