कार्यक्रम का आयोजन राज्य स्थापना दिवस समारोह 2026 के तहत किया गया। दोपहर करीब दो बजे केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह रिजर्व पुलिस लाइन पहुंचे, जहां पुलिस की भव्य अलंकरण परेड ने उनका मान-प्रणाम कर स्वागत किया। इसके बाद गृह मंत्री ने परेड का निरीक्षण किया। अनुशासन, समर्पण और साहस का प्रदर्शन करती पुलिस टुकड़ियों ने समारोह को विशेष बना दिया।
चार धर्म गुरुओं ने किया राष्ट्रपति निशान का अभिषेक
समारोह की सबसे खास बात यह रही कि राष्ट्रपति पुलिस निशान प्रदान किए जाने से पहले चार अलग-अलग धर्मों के धर्म गुरुओं ने इसका अभिषेक किया। हिंदू, मुस्लिम, सिख और ईसाई धर्म गुरुओं ने अपनी-अपनी धार्मिक परंपराओं के अनुसार निशान का अभिषेक किया। इसके बाद केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने उत्तराखंड पुलिस को राष्ट्रपति पुलिस निशान प्रदान किया।
यह सम्मान उत्तराखंड पुलिस के लिए ऐतिहासिक उपलब्धि माना जा रहा है। राष्ट्रपति पुलिस निशान किसी भी पुलिस बल की वर्षों की अनुशासित सेवा, उत्कृष्ट कार्यशैली, कर्तव्यनिष्ठा और जनसेवा का प्रतीक है। उत्तराखंड पुलिस ने राज्य गठन के बाद से कठिन भौगोलिक परिस्थितियों, प्राकृतिक आपदाओं, कानून व्यवस्था और पर्यटन सुरक्षा जैसे महत्वपूर्ण मोर्चों पर लगातार अपनी सेवाएं दी हैं।
अमित शाह ने पुलिस को दी बधाई
अपने संबोधन में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने उत्तराखंड पुलिस के अधिकारियों और जवानों को इस उपलब्धि के लिए बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड पुलिस बेहतर काम कर रही है और प्रदेश की सुरक्षा व्यवस्था में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। उन्होंने नए आपराधिक कानूनों के प्रभावी क्रियान्वयन पर भी जोर दिया।
अमित शाह ने कहा कि मई 2027 के बाद दर्ज होने वाली एफआईआर के मामलों में तीन साल के भीतर दोषियों को सजा दिलाने का लक्ष्य रखा गया है। इसके लिए पुलिस, न्यायालय और अभियोजन व्यवस्था के बीच बेहतर समन्वय स्थापित किया जा रहा है।
पुलिस पत्रिका और विशेष डाक आवरण का विमोचन
इस अवसर पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने उत्तराखंड पुलिस के विशेष डाक आवरण और पुलिस पत्रिका का भी विमोचन किया। इनका उद्देश्य पुलिस के गौरवशाली इतिहास, उपलब्धियों और सेवाओं को सामने लाना है।
डीजीपी बोले- जवानों का बढ़ेगा मनोबल
पुलिस महानिदेशक दीपम सेठ ने इस उपलब्धि को राज्य स्थापना दिवस का ऐतिहासिक और गौरवपूर्ण क्षण बताया। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड पुलिस को राष्ट्रपति निशान मिलना वर्तमान में कार्यरत अधिकारियों और कर्मचारियों के साथ-साथ सेवानिवृत्त पुलिसकर्मियों के योगदान का भी सम्मान है। राज्य गठन के बाद जिन लोगों ने पुलिस बल को मजबूत बनाने में अपना बहुमूल्य योगदान दिया, यह उपलब्धि उन सभी को समर्पित है।
डीजीपी ने कहा कि केंद्रीय गृह मंत्री के हाथों यह सम्मान प्राप्त होना पूरे पुलिस परिवार के लिए गर्व की बात है। इससे पुलिस के अधिकारियों और जवानों का मनोबल, उत्साह और जिम्मेदारी के प्रति समर्पण और मजबूत होगा।




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