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पौड़ी से चलेगा गढ़वाल का प्रशासन, कमिश्नर आनंद स्वरूप बोले- जनहित और पारदर्शिता होगी प्राथमिकता

गढ़वाल मंडल को लंबे समय बाद ऐसा आयुक्त मिला है, जिसके पास किसी अन्य विभाग या जिले की अतिरिक्त जिम्मेदारी नहीं है। सोमवार को गढ़वाल मंडल के नवनियुक्त आयुक्त आनंद स्वरूप ने पौड़ी स्थित मंडलीय कार्यालय में विधिवत पदभार ग्रहण किया। पदभार संभालने के बाद उन्होंने स्पष्ट किया कि वह पौड़ी में रहकर ही काम करेंगे और मंडल की प्रशासनिक व्यवस्थाओं पर सीधे नजर रखेंगे। उनके इस बयान से लंबे समय से उठ रही उस मांग को भी बल मिला है, जिसमें गढ़वाल के लिए पूर्णकालिक कमिश्नर नियुक्त करने की बात कही जा रही थी।

पदभार ग्रहण करने के बाद आयुक्त आनंद स्वरूप ने गढ़वाल मंडल की प्रशासनिक स्थिति, विकास योजनाओं और जनहित से जुड़े मुद्दों की विस्तार से जानकारी ली। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि शासन की योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि प्रशासनिक कार्यों में पारदर्शिता, जवाबदेही और समयबद्धता उनकी प्राथमिकताओं में शामिल रहेगी। साथ ही विकास कार्यों की गुणवत्ता से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा।

गढ़वाल कमिश्नर ने चारधाम यात्रा को लेकर भी अपनी प्राथमिकताएं स्पष्ट कीं। उन्होंने कहा कि इस समय बड़ी संख्या में श्रद्धालु उत्तराखंड पहुंच रहे हैं, जिससे व्यवस्थाओं पर दबाव बढ़ा है। ऐसे में यात्रा प्रबंधन को और अधिक सुदृढ़ बनाने की आवश्यकता है। उन्होंने श्रद्धालुओं से अपील की कि यात्रा पर आने से पहले अनिवार्य रूप से पंजीकरण कराएं और शासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें, ताकि यात्रा सुरक्षित और व्यवस्थित ढंग से संपन्न हो सके।

आयुक्त आनंद स्वरूप ने कहा कि उत्तराखंड केवल चारधाम यात्रा तक सीमित नहीं है, बल्कि यह राज्य प्राकृतिक सौंदर्य, संस्कृति और परंपराओं से समृद्ध है। उन्होंने पर्यटन को व्यापक स्तर पर विकसित करने की आवश्यकता पर बल देते हुए कहा कि प्रदेश के अन्य पर्यटन स्थलों को भी राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने के प्रयास किए जाएंगे।

इस दौरान उन्होंने मानव-वन्यजीव संघर्ष के बढ़ते मामलों पर भी चिंता जताई। गढ़वाल के कई क्षेत्रों में गुलदार और अन्य जंगली जानवरों के हमलों से लोगों में भय का माहौल बना हुआ है। इस विषय को गंभीर बताते हुए उन्होंने कहा कि विशेषज्ञों के साथ विचार-विमर्श कर व्यवहारिक और दीर्घकालिक समाधान तलाशे जाएंगे। उन्होंने कहा कि मानव और वन्यजीवों के बीच संघर्ष को कम करने के लिए प्रभावी रणनीति तैयार की जाएगी।

आयुक्त ने यह भी स्पष्ट किया कि फिलहाल उनके पास कोई दोहरी जिम्मेदारी नहीं है। उनका पूरा ध्यान गढ़वाल मंडल की समस्याओं के समाधान और विकास कार्यों की निगरानी पर रहेगा। उन्होंने कहा कि वे अधिकतम समय मंडल में रहकर जनहित के कार्यों की समीक्षा करेंगे और समय-समय पर विभिन्न क्षेत्रों का भ्रमण कर व्यवस्थाओं का स्थलीय निरीक्षण भी करेंगे।

वर्ष 1999 बैच के पीसीएस अधिकारी आनंद स्वरूप वर्ष 2010 में भारतीय प्रशासनिक सेवा में प्रोन्नत हुए थे। प्रशासनिक अनुभव और साफ कार्यशैली के लिए पहचाने जाने वाले आनंद स्वरूप से अब गढ़वाल मंडल की जनता को बेहतर प्रशासन और त्वरित समाधान की उम्मीदें हैं।

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Hill Mail

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