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पौड़ी के बाद अल्मोड़ा भी कोरोना मुक्त, एकमात्र संक्रमित जमाती भी हुआ ठीक

social distancing appeal by uttarakhand cm trivendra rawat

उत्तराखंड में भले ही देहरादून के बाद हरिद्वार और नैनीताल को रेड जोन घोषित कर दिया गया है लेकिन पहाड़ी जिलों से लगातार अच्छी खबरें आ रही हैं। उत्तराखंड के सात पहाड़ी जिलों में कोरोना संक्रमण नहीं फैला है। ये सभी ग्रीन जोन बने हुए हैं। वहीं कोरोना केस वाले दोनों पहाड़ी जिले भी अब कोरोना मुक्त हो गए हैं। पौड़ी के बाद अल्मोड़ा का कोरोना संक्रमित भी पूरी तरह ठीक हो गया है। यानी अब इन दोनों जिलों में कोरोना का कोई नया केस नहीं है। पौड़ी के बाद अल्मोड़ा में भी 14 दिन से कोई नया मामला भी नहीं आया है। अल्मोड़ा को फिलहाल ऑरेंज जोन में रखा गया है, लेकिन जल्द ही उसे ग्रीन जोन में डाला जा सकता है।

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छह अप्रैल को एक जमाती कोरोना संक्रमित पाया गया था। वह बहुत लंबे समय से अल्मोड़ा के रानीखेत के कुरेशियन मोहल्ले में रहता है। वह 14 मार्च को जमात में शामिल होने दिल्ली गया और 16 मार्च को वापस लौटा। दिल्ली के निजामुद्दीन मरकज का मामला सामने आने के बाद 19 मार्च को उसे क्वारंटाइन किया गया था। कोरोना संक्रमित पाए जाने के बाद उसका बेस अस्पताल अल्मोड़ा में इलाज चल रहा था। प्रशासन ने जमाती के निवास स्थान कुरेशियन मुहल्ला सहित इससे लगे सुदामापुरी और लोअर खड़ी बाजार को सील कर दिया था।

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उसकी रिसैंपलिंग रिपोर्ट निगेटिव आ गई है। जमाती के अन्य तीन साथियों का भी टेस्ट कराया गया जिसकी रिपोर्ट नेगेटिव आई। अब उम्मीद की जा रही है कि 20 अप्रैल से अल्मोड़ा जिले को भी कोरोना फ्री जिलों की तरह रियायतें मिल सकती हैं। अल्मोड़ा से अब तक 51 सैंपल जांच के लिए भेजे गए हैं, उनमें से 50 की रिपोर्ट निगेटिव आई है।

उत्तराखंड में 19 अप्रैल तक कुल 44 लोगों को कोरोना संक्रमण की पुष्टि हुई है। इनमें से 11 लोग स्वस्थ हो चुके हैं। बाकी बचे 33 एक्टिव केसों में 12 दून मेडिकल कॉलेज, एक मिलिट्री हॉस्पिटल देहरादून, सात मेला अस्पताल हरिद्वार और 13 हल्द्वानी मेडिकल कॉलेज में भर्ती हैं।

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Hill Mail

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