Tuesday , 22 September 2026
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लैंसडौन में पहली बार साथ पहुंचे अजीत डोभाल-CDS सुब्रमणि, अग्निवीरों की ट्रेनिंग देखी; महिला कैफे में चाय संग चखा पहाड़ी अरसा

गढ़वाल राइफल्स के 139 वर्ष के इतिहास में शनिवार का दिन विशेष रहा। राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) अजीत डोभाल और चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (CDS) जनरल एनएस राजा सुब्रमणि पहली बार एक साथ लैंसडौन स्थित गढ़वाल राइफल्स रेजिमेंटल सेंटर पहुंचे। दोनों वरिष्ठ अधिकारियों ने रेजिमेंट की सैन्य परंपराओं, प्रशिक्षण व्यवस्था, सैनिक कल्याण और बदलती सुरक्षा चुनौतियों के अनुरूप तैयारियों का जायजा लिया।

 

शनिवार दोपहर हेलीकॉप्टर से लैंसडौन पहुंचने पर नायक भवानी दत्त जोशी परेड ग्राउंड में गढ़वाल राइफल्स एवं गढ़वाल स्काउट के कर्नल ऑफ द रेजिमेंट लेफ्टिनेंट जनरल दिनेश सिंह राणा और सेंटर कमांडेंट ब्रिगेडियर विनोद सिंह नेगी ने उनका स्वागत किया। इसके बाद दोनों अधिकारियों ने रेजिमेंटल सेंटर की विभिन्न व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया। उन्होंने प्रशिक्षण की गुणवत्ता, प्रशासनिक व्यवस्था और सैनिकों के लिए संचालित कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी ली।

दौरे में गढ़वाल राइफल्स की गौरवशाली सैन्य विरासत और वर्तमान सुरक्षा जरूरतों के बीच तालमेल पर भी चर्चा हुई। अधिकारियों ने रेजिमेंट की परंपराओं, अनुशासन और सैनिकों के कल्याण से जुड़े पहलुओं का जायजा लिया। साथ ही आधुनिक सैन्य आवश्यकताओं के अनुरूप प्रशिक्षण और तैयारियों की जानकारी भी ली।

शौर्य स्थल में किया पौधरोपण

NSA अजीत डोभाल और CDS जनरल एनएस राजा सुब्रमणि ने गढ़वाल राइफल्स के शौर्य स्थल पहुंचकर पौधरोपण किया। यह स्थल राष्ट्र की रक्षा के लिए सर्वोच्च बलिदान देने वाले वीर सैनिकों की स्मृति को समर्पित है। दोनों अधिकारियों ने शौर्य स्थल का निरीक्षण भी किया।

शौर्य स्थल पर महावीर चक्र विजेता लेफ्टिनेंट कर्नल कमान सिंह पठानिया, लेफ्टिनेंट कर्नल बीएम भट्टाचार्य, कैप्टन सीएन सिंह और राइफलमैन जसवंत सिंह रावत सहित वीर योद्धाओं की प्रतिमाएं स्थापित हैं। अशोक चक्र विजेता नायक भवानी दत्त जोशी और विक्टोरिया क्रास विजेता लेफ्टिनेंट विलियम डेविड केनी, राइफलमैन गबर सिंह नेगी तथा नायक दरबान सिंह नेगी की वीरगाथाएं भी यहां प्रदर्शित हैं।

अरसे के साथ चाय का लिया आनंद

दौरे के दौरान दोनों अधिकारियों ने सेना के ‘ट्रिप इज लाइफ ऑल वुमन कैफे’ में प्रकृति के बीच चाय के साथ पहाड़ी अरसे का स्वाद लिया। यह कैफे सेना की ‘दीदी-भुल्ली’ सशक्तिकरण पहल से जुड़ा है और इसका संचालन महिलाओं द्वारा किया जाता है। कैफे में पहाड़ी व्यंजन विशेष रूप से परोसे जाते हैं। अधिकारियों के स्वागत के लिए रिखणीखाल क्षेत्र की महिलाएं गढ़वाली परिधान में मौजूद रहीं।

 

 

 

 

 

दुर्गा मंदिर में की पूजा-अर्चना

निरीक्षण के दौरान NSA और CDS गढ़वाल राइफल्स के दुर्गा मंदिर भी पहुंचे। दोनों ने मंदिर में पूजा-अर्चना कर राष्ट्र की खुशहाली की कामना की। यह मंदिर उत्तर और दक्षिण भारतीय संस्कृति के समन्वय का उदाहरण है। मंदिर की स्थापत्य शैली में कर्नाटक की झलक है, जबकि परंपराओं में गढ़वाली संस्कृति का समावेश किया गया है।

वीर सिंह लाइन में देखी अग्निवीरों की ट्रेनिंग

दोनों वरिष्ठ अधिकारियों ने वीर सिंह लाइन पहुंचकर अग्निवीरों को दी जा रही सैन्य ट्रेनिंग का जायजा लिया। उन्होंने सेंटर के प्रशिक्षण ढांचे का निरीक्षण करने के साथ सीडब्ल्यूटीएस रूम में प्रशिक्षण प्रक्रिया देखी। इस दौरान ड्रोन फ्लाई और आर्मी मार्शल आर्ट का प्रदर्शन भी किया गया। अधिकारियों को युद्धाभ्यास के दौरान प्रशिक्षण के विभिन्न चरणों की विस्तार से जानकारी दी गई।

ब्रिगेडियर नेगी बने सारथी

दौरे के दौरान सेंटर कमांडेंट ब्रिगेडियर विनोद सिंह नेगी की भूमिका भी खास रही। उन्होंने स्वयं वाहन की कमान संभालते हुए NSA अजीत डोभाल और CDS जनरल सुब्रमणि को विभिन्न सैन्य स्थलों तक पहुंचाया। निरीक्षण के दौरान कर्नल ऑफ द रेजिमेंट लेफ्टिनेंट जनरल दिनेश सिंह राणा भी उनके साथ आगे की सीट पर मौजूद रहे। इस दौरे में गढ़वाल राइफल्स की सैन्य विरासत और वर्तमान प्रशिक्षण व्यवस्थाओं का समग्र अवलोकन किया गया।

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