असम राइफल्स ने गर्व और सम्मान के साथ मनाया 191वां स्थापना दिवस

असम राइफल्स ने गर्व और सम्मान के साथ मनाया 191वां स्थापना दिवस

भारत की सबसे पुरानी और प्रतिष्ठित अर्धसैनिक बलों में से एक, असम राइफल्स ने 24 मार्च 2026 को अपने मुख्यालय शिलांग में बड़े गर्व और गरिमा के साथ अपना 191वां स्थापना दिवस मनाया। यह महत्वपूर्ण अवसर लगभग दो शताब्दियों की समर्पित सेवा, वीरता और राष्ट्र की सीमाओं की सुरक्षा के प्रति अटूट प्रतिबद्धता का प्रतीक है।

इस अवसर पर असम राइफल्स के महानिदेशक लेफ्टिनेंट जनरल विकास लखेड़ा, ने बल के सभी रैंकों के साथ शिलांग स्थित युद्ध स्मारक पर कर्तव्य की पंक्ति में सर्वोच्च बलिदान देने वाले वीर जवानों को श्रद्धांजलि अर्पित की। अपने संबोधन में महानिदेशक ने उत्तर-पूर्व और जम्मू-कश्मीर में आतंकवाद-रोधी अभियानों में बल के उत्कृष्ट योगदान की सराहना की।

वर्ष 2025–26 के दौरान भी असम राइफल्स ने अपने संचालन में उत्कृष्टता का परिचय दिया है। उनके उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए बल की तीन बटालियनों को चीफ ऑफ आर्मी स्टाफ यूनिट साइटेशन तथा चार बटालियनों को जनरल ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ यूनिट साइटेशन से सम्मानित किया गया। विशेष रूप से, 8 असम राइफल्स को आर्मी डे 2026 के अवसर पर प्रतिष्ठित ‘ब्रेवेस्ट ऑफ द ब्रेव’ की उपाधि प्रदान की गई।

इसके अतिरिक्त, गणतंत्र दिवस 2026 के अवसर पर असम राइफल्स के जवानों को कई वीरता और सेवा पदकों से सम्मानित किया गया, जिनमें एक कीर्ति चक्र, चार शौर्य चक्र, एक विशिष्ट सेवा पदक तथा बारह सेना मेडल शामिल हैं।

असम राइफल्स आधुनिकरण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को बनाए रखते हुए अत्याधुनिक हथियारों, निगरानी प्रणालियों और सुरक्षात्मक उपकरणों को शामिल कर रही है। परिचालन क्षमता को सुदृढ़ करने पर निरंतर ध्यान देते हुए, यह बल उत्तर-पूर्व क्षेत्र में सुरक्षा और स्थिरता का एक मजबूत स्तंभ बना हुआ है।

जैसे-जैसे यह क्षेत्र विकास और समृद्धि की ओर अग्रसर है, असम राइफल्स स्थानीय लोगों के बीच विश्वास और सुरक्षा की भावना को सुदृढ़ करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। ‘उत्तर-पूर्व के प्रहरी’ के अपने आदर्श वाक्य को कायम रखते हुए, यह बल उभरती चुनौतियों का सामना करने के लिए पूरी तरह तत्पर है।

Hill Mail
ADMINISTRATOR
PROFILE

विज्ञापन

[fvplayer id=”10″]

Latest Posts

  • यमकेश्वर के लाल और उत्तराखंड के गौरव पत्रकार मनजीत नेगी सीडीएस कमेंडेशन पत्र से हुए सम्मानित

    यमकेश्वर के लाल और उत्तराखंड के गौरव पत्रकार मनजीत नेगी सीडीएस कमेंडेशन पत्र से हुए सम्मानित0

    सीडीएस जनरल अनिल चौहान ने आजतक के कार्यकारी संपादक मनजीत नेगी को चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ कमेंडेशन मेडल और प्रशंसा पत्र से किया सम्मानित, आजतक के कार्यकारी संपादक मनजीत नेगी को रक्षा क्षेत्र में उनकी निर्भीक पत्रकारिता के लिए चीफ ऑफ़ डिफेंस स्टाफ़ कमनडेशन मेडल से सम्मानित किया गया। सीडीएस कमनडेशन मेडल से सम्मानित होने वाले ये देश के एक मात्र रक्षा पत्रकार हैं। सीडीएस ऑफ़ डिफेंस स्टाफ़ जनरल अनिल चौहान ने ३० मई को सेवानिवृत होने से पूर्व कई तीनों सेनाओं के कई अधिकारियों और जवानों को सीडीएस कमनडेशन मेडल से सम्मानित किया। सीडीएस जनरल अनिल चौहान ने सेनाओं के अलावा समाज के अलग अलग क्षेत्रों में बेहतरीन कार्य करने वाले कुछ चुनिंदा लोगों को सीडीएस कमनडेशन मेडल से सम्मानित किया। मनजीत नेगी उनमें से एक हैं। मनजीत नेगी पत्रकारिता के क्षेत्र में। पिछले 25 साल से कार्यरत हैं।

    READ MORE
  • अंडमान में मानसून की दस्तक, उत्तर भारत में लू का कहर; 22 मई तक हीटवेव का अलर्ट

    अंडमान में मानसून की दस्तक, उत्तर भारत में लू का कहर; 22 मई तक हीटवेव का अलर्ट0

    देश में मौसम ने दो अलग-अलग रंग दिखाने शुरू कर दिए हैं। एक ओर दक्षिण-पश्चिम मानसून ने अंडमान और निकोबार द्वीप समूह में दस्तक देकर बारिश की उम्मीद जगा दी है, वहीं दूसरी ओर उत्तर और मध्य भारत के कई राज्य भीषण गर्मी और लू की चपेट में हैं। भारतीय मौसम विभाग (आईएमडी) ने उत्तर प्रदेश, राजस्थान, मध्य प्रदेश, पंजाब, हरियाणा, दिल्ली और छत्तीसगढ़ समेत कई राज्यों में 22 मई तक लू चलने का अलर्ट जारी किया है।

    READ MORE
  • ऑपरेशन सिंदूर का शेर: स्क्वाड्रन लीडर रिजवान मलिक की वीरता ने दुश्मन के दिल में पैदा किया खौफ

    ऑपरेशन सिंदूर का शेर: स्क्वाड्रन लीडर रिजवान मलिक की वीरता ने दुश्मन के दिल में पैदा किया खौफ0

    भारतीय वायुसेना के जांबाज योद्धाओं की बहादुरी की कहानियां हमेशा देशवासियों के भीतर गर्व और राष्ट्रभक्ति की भावना जगाती रही हैं। ऐसी ही एक प्रेरणादायक कहानी है स्क्वाड्रन लीडर रिजवान मलिक की, जिन्होंने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के दौरान अदम्य साहस, असाधारण नेतृत्व और अद्भुत युद्ध कौशल का परिचय देकर भारतीय वायुसेना का मान बढ़ाया। दुश्मन के इलाके में आधी रात को अंजाम दिए गए इस बेहद जोखिम भरे मिशन में उन्होंने जिस धैर्य और सटीकता के साथ कार्रवाई की, वह आज भारतीय सैन्य इतिहास में वीरता की मिसाल बन चुकी है।

    READ MORE

Follow Us

Previous Next
Close
Test Caption
Test Description goes like this