हिल मेल ब्यूरो, देहरादून
पूर्व कैबिनेट मंत्री बंशीधर भगत को उत्तराखंड बीजेपी का निर्विरोध अध्यक्ष चुना गया है। 69 वर्षीय भगत नैनीताल से लोकसभा सांसद अजय भट्ट से कार्यभार ग्रहण करेंगे, जो पिछले साल अध्यक्ष पद का अपना 3 साल का कार्यकाल पूरा होने के बाद से सेवा विस्तार पर थे। चुनाव प्रक्रिया संपन्न होने के बाद गुरुवार को पार्टी के केंद्रीय प्रेक्षक और केंद्रीय मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने यहां प्रेस वार्ता में भगत के निर्वाचन की घोषणा की। उन्होंने बताया कि भगत का पद पर निर्वाचन निर्विरोध हुआ। इस समय भगत कालाढूंगी से विधायक हैं।
लंबा राजनीतिक अनुभव, कैबिनेट मंत्री भी रहे
भगत पूर्व में प्रदेश में कैबिनेट मंत्री रह चुके हैं। दो साल बाद होने वाले राज्य विधानसभा चुनावों को अपनी शीर्ष प्राथमिकता बताते हुए भगत ने कहा कि वह चुनावों में भाजपा की जोरदार विजय सुनिश्चित करने के लिए हर पार्टी कार्यकर्ता के मनोबल को बढाएंगे। भगत के अध्यक्ष चुने जाने के बाद केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री रमेश पोखरियाल निशंक ने कहा कि पार्टी को उनके लंबे राजनीतिक अनुभव का बहुत फायदा मिलेगा। मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने भगत को बधाई दी है।
पूर्व कैबिनेट मंत्री, वरिष्ठ नेता श्री बंशीधर भगत जी को उत्तराखंड भाजपा का प्रदेश अध्यक्ष नियुक्त किए जाने पर हार्दिक बधाई व शुभकामनाएं।@BJP4UK pic.twitter.com/1vKamUHMnN
— Trivendra Singh Rawat (@tsrawatbjp) January 16, 2020
रामलीला मंचन में विशेष रुचि
छठवीं बार के विधायक भगत प्रदेश भाजपा के आठवें अध्यक्ष हैं। सियासत के साथ बंशीधर की रामलीला मंचन में खासी रुचि है। रामलीला में वह राजा दशरथ की भूमिका निभाते हैं।
वाजपेयी से प्रभावित होकर राजनीति में आए
बंशीधर भगत ने 1975 में राजनीति में कदम रखा था, तब वह पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी से प्रभावित होकर जनसंघ में शामिल हुए थे। भगत से पहले अजय भट्ट दिसंबर 2015 में प्रदेश में पार्टी अध्यक्ष बने थे और उनका कार्यकाल दिसंबर 2018 में समाप्त हो गया था। उसके बाद उन्हें एक साल का सेवा विस्तार दिया गया था। भट्ट की अगुआई में हुए पिछले विधानसभा चुनावों में पार्टी ने शानदार और ऐतिहासिक प्रदर्शन करते हुए 70 में से 57 सीटों पर विजय हासिल कर सत्ता हासिल की थी। इसके बाद 2019 में हुए लोकसभा चुनावों में भी पार्टी ने पांचों सीटें अपने कब्जे में बरकरार रख इतिहास बनाया था। ऐसे में नए चीफ के सामने राज्य में पार्टी के जनाधार को बरकरार रखने के साथ ही उसे आगे ले जाने की जिम्मेदारी होगी।
एक नजर में पूरा सफरनामा
- जन्म, 08 अगस्त 1951 को (भक्यूड़ा -भीमताल)
- घर, लोहरियाताल, हल्द्वानी
- शिक्षा, हाईस्कूल
- 1970 में राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ से जुड़े
- 1991 में पहली बार नैनीताल से विधायक
- 1993 में उप्र में राज्यमंत्री वन
- 1996 में खाद्य, रसद एवं पर्वतीय विकास मंत्री
- 2000 में उत्तराखंड की अंतरिम सरकार में कैबिनेट मंत्री
- 2007 में कैबिनेट मंत्री
- 2012 और 2017 में विधायक


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