Saturday , 5 September 2026
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‘ऑपरेशन सिंदूर’ का शौर्य: 88 घंटे में पाकिस्तान के 11 एयरबेस तबाह, दुश्मन को घुटनों पर लाने वाला भारत का सबसे बड़ा सैन्य अभियान

जयपुर में आयोजित विशेष पत्रकार वार्ता में ऑपरेशन के दौरान एयर ऑपरेशंस का नेतृत्व कर चुके एयर मार्शल एके भारती ने कहा कि भारतीय वायुसेना ने पूरी सटीकता और रणनीतिक क्षमता के साथ अपने सभी लक्ष्य हासिल किए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि पाकिस्तान भारत को किसी भी स्तर पर नुकसान पहुंचाने में सफल नहीं हो पाया और उसके तमाम दावे पूरी तरह मनगढ़ंत थे। उन्होंने बताया कि भारतीय सेना ने दुश्मन के कई सैन्य और आतंकी ठिकानों को इतनी सटीकता से निशाना बनाया कि पाकिस्तान को संभलने तक का मौका नहीं मिला।

एयर मार्शल भारती ने खुलासा किया कि अभियान के दौरान एक पाकिस्तानी विमान को लगभग 300 किलोमीटर की ऊंचाई पर ही मार गिराया गया था। उन्होंने कहा कि भारतीय वायुसेना चीन और पाकिस्तान में हो रही हर गतिविधि पर लगातार निगरानी बनाए हुए है और भविष्य की किसी भी चुनौती का जवाब देने के लिए पूरी तरह तैयार है।

ऑपरेशन सिंदूर के दौरान डायरेक्टर जनरल ऑफ मिलिट्री ऑपरेशंस की जिम्मेदारी संभाल चुके डिप्टी चीफ ऑफ आर्मी स्टाफ (स्ट्रैटजी) लेफ्टिनेंट जनरल राजीव घई ने कहा कि यह अभियान केवल सैन्य कार्रवाई नहीं, बल्कि भारत की नई रणनीतिक सोच और मजबूत इच्छाशक्ति का प्रतीक था। उन्होंने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर का अंत नहीं हुआ है, बल्कि यह आतंकवाद के खिलाफ भारत की नई नीति की शुरुआत है।

लेफ्टिनेंट जनरल घई ने पाकिस्तान को कड़ी चेतावनी देते हुए कहा कि अब पाकिस्तान में कोई भी आतंकी ठिकाना सुरक्षित नहीं है। उन्होंने कहा कि पहलगाम आतंकी हमले के बाद भारत ने स्पष्ट कर दिया कि अब आतंकवाद के खिलाफ कार्रवाई सीमाओं तक सीमित नहीं रहेगी। यदि भारत की सुरक्षा को खतरा पहुंचा, तो सेना दुश्मन के ठिकानों को उसकी सीमा के भीतर जाकर भी नष्ट करेगी।

उन्होंने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भारत ने केवल आतंकी ठिकानों को ही नहीं, बल्कि पाकिस्तान के सैन्य ढांचे को भी गंभीर नुकसान पहुंचाया। 11 एयरबेस और 13 लड़ाकू विमानों का नष्ट होना पाकिस्तान की सैन्य क्षमता पर बड़ा प्रहार था। अभियान के दौरान भारतीय सेना ने आधुनिक तकनीक, सटीक मिसाइल प्रणाली और निगरानी तंत्र का प्रभावी उपयोग किया।

सेना अधिकारियों ने बताया कि इस ऑपरेशन में स्वदेशी हथियारों और रक्षा प्रणालियों ने अहम भूमिका निभाई। ब्रह्मोस, आकाश मिसाइल सिस्टम और अन्य आधुनिक स्वदेशी हथियारों ने दुनिया को भारत की बढ़ती सैन्य ताकत का एहसास कराया। भारतीय नौसेना की अग्रिम तैनाती ने भी पाकिस्तान की नौसेना और वायुसेना को पीछे हटने पर मजबूर कर दिया।

ऑपरेशन के दौरान नौसेना ऑपरेशंस का नेतृत्व करने वाले वाइस एडमिरल एएन प्रमोद ने कहा कि भारतीय नौसेना की रणनीतिक तैनाती इतनी मजबूत थी कि पाकिस्तान समुद्री क्षेत्र में कोई प्रभावी जवाब नहीं दे सका। उन्होंने कहा कि इस अभियान ने साबित कर दिया कि भारतीय सेनाएं दुश्मन के भीतर तक सटीक हमला करने में पूरी तरह सक्षम हैं।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी ऑपरेशन सिंदूर को आतंकवाद के खिलाफ भारत के निर्णायक प्रहार का प्रतीक बताया। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय सुरक्षा देश की सर्वोच्च प्राथमिकता है और भारत आतंकवाद की जड़ों को खत्म करने के लिए हमेशा प्रतिबद्ध रहेगा।

वहीं रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने इस अभियान को आधुनिक युद्ध का प्रतीक बताते हुए कहा कि भारतीय सेनाओं ने जिस सटीकता और समन्वय के साथ कार्रवाई की, उसने पूरी दुनिया को भारत की सैन्य क्षमता का परिचय दिया। ऑपरेशन सिंदूर ने यह साबित कर दिया कि भारत अब आतंकवाद और सीमा पार हमलों का जवाब केवल शब्दों से नहीं, बल्कि निर्णायक कार्रवाई से देगा।

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Hill Mail

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