यह प्रतियोगिता 50 वर्ष से अधिक आयु के नागरिकों में स्वस्थ, दीर्घ, संतुलित और उद्देश्यपूर्ण जीवनशैली को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से आयोजित की गई थी।
प्रतियोगिता की प्रक्रिया दो चरणों में संपन्न हुई। पहले निर्णायक मंडल द्वारा शीर्ष 10 प्रतिभागियों का चयन और तत्पश्चात सार्वजनिक मतदान के आधार पर अंतिम विजेता की घोषणा। ब्रिगेडियर डंगवाल को देशभर के समर्थन में 1,242 मत प्राप्त हुए, जो इस प्रतियोगिता में सर्वाधिक थे।
75 वर्ष की आयु में यह सम्मान प्राप्त कर ब्रिगेडियर डंगवाल ने सिद्ध किया है कि अनुशासन, दृढ़ता, संतुलित जीवनशैली और उद्देश्यपूर्ण सोच किसी भी उम्र में उत्कृष्टता प्राप्त करने का मार्ग प्रशस्त करती है। उनकी जीवन शैली और सक्रियता प्रतियोगिता में निर्धारित सभी मानकों पर खरी उतरी।
इस उपलब्धि पर प्रतिक्रिया देते हुए ब्रिगेडियर डंगवाल ने कहा, ‘यह सम्मान न केवल व्यक्तिगत उपलब्धि है, बल्कि उन सभी साथियों, समर्थकों और शुभचिंतकों के विश्वास का प्रतिफल है जिन्होंने मेरा उत्साह बढ़ाया। मैं आशा करता हूं कि उत्तराखंड का युवा वर्ग और पूर्व सैनिक समुदाय इस उपलब्धि से प्रेरणा लेकर अपने जीवन को अधिक उद्देश्यपूर्ण, अनुशासित और सशक्त बनाएगा।’
ब्रिगेडियर सर्वेश दत्त (पहाड़ी) डंगवाल की यह उपलब्धि उत्तराखंड के सैन्य समुदाय तथा वरिष्ठ नागरिकों के लिए प्रेरणास्रोत है, और यह संदेश देती है कि जीवन का हर चरण नई ऊंचाइयां छूने का अवसर प्रदान करता है।


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