[fvplayer id=”10″]
सीबीएसई बोर्ड की 12वीं कक्षा के परीक्षा परिणामों में इस बार हिमालयी राज्यों के बीच कड़ी प्रतिस्पर्धा देखने को मिली। पूर्वोत्तर राज्य मिजोरम ने शानदार प्रदर्शन करते हुए न केवल हिमालयी राज्यों में पहला स्थान हासिल किया, बल्कि राष्ट्रीय स्तर पर भी शीर्ष राज्यों में अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज कराई। वहीं उत्तराखंड का प्रदर्शन उम्मीदों के अनुरूप नहीं रहा और राज्य हिमालयी राज्यों की सूची में आठवें स्थान पर पहुंच गया। राष्ट्रीय रैंकिंग में भी उत्तराखंड को 25वां स्थान मिला है।
READ MOREदेश की रक्षा में अपने प्राण न्यौछावर करने वाले वीर सपूत कभी भुलाए नहीं जाते। ऐसे ही एक अमर योद्धा थे देहरादून के शहीद मेजर चित्रेश बिष्ट, जिन्होंने पुलवामा हमले के बाद आतंकियों के खिलाफ चलाए गए अभियान के दौरान देश की सुरक्षा के लिए अपने प्राणों की आहुति दे दी। उनकी शहादत आज भी हर भारतीय की आंखें नम कर देती है और सीना गर्व से चौड़ा कर देती है।
READ MOREउत्तराखंड को कभी जल स्रोतों की धरती कहा जाता था। यहां के पहाड़ों से निकलने वाले प्राकृतिक नौले, धारे, गदेरे और झरने गांवों की जीवनरेखा थे। लेकिन आज वही जल स्रोत तेजी से सूख रहे हैं। राज्य के कई गांवों में लोग बूंद-बूंद पानी के लिए संघर्ष कर रहे हैं। गर्मियों के मौसम में स्थिति और गंभीर हो जाती है। महिलाओं को कई किलोमीटर दूर जाकर पानी लाना पड़ता है और खेती-बाड़ी भी प्रभावित हो रही है। यदि समय रहते ठोस कदम नहीं उठाए गए तो आने वाले वर्षों में यह संकट और भयावह रूप ले सकता है।
READ MOREभारत भूमि सदैव वीरों की जन्मस्थली रही है। इसी पावन धरती ने अनेक ऐसे रणबांकुरे दिए, जिन्होंने मातृभूमि की रक्षा के लिए अपने प्राणों का सर्वोच्च बलिदान दिया। उन्हीं अमर वीरों में एक नाम है मोहन नाथ गोस्वामी का, जिनकी बहादुरी, समर्पण और राष्ट्रप्रेम आज भी हर भारतीय के लिए प्रेरणा का स्रोत है। उत्तराखंड की वीरभूमि में जन्मे मोहन नाथ गोस्वामी ने अपने अदम्य साहस से यह साबित कर दिया कि भारतीय सैनिक केवल सीमाओं की रक्षा ही नहीं करता, बल्कि देश के सम्मान के लिए अंतिम सांस तक लड़ता है।
READ MOREउत्तराखंड के गढ़वाल मंडल के प्राकृतिक और पारंपरिक कृषि उत्पादों को अंतरराष्ट्रीय बाजार तक पहुंचाने की दिशा में एक बड़ी पहल शुरू हो गई है। सांसद अनिल बलूनी के अनुरोध पर केंद्रीय वाणिज्य मंत्रालय की एक विशेषज्ञ टीम जल्द ही गढ़वाल क्षेत्र का दौरा करेगी। इस पहल का उद्देश्य यहां के प्राकृतिक उत्पादों की गुणवत्ता का आकलन कर उन्हें वैश्विक पहचान दिलाना और किसानों की आय में वृद्धि सुनिश्चित करना है।
READ MOREउत्तराखंड के दुर्गम हिमालयी क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाना किसी चुनौती से कम नहीं है। ऊंचे पहाड़, कठिन रास्ते और सीमित संसाधनों के बीच यदि कोई वर्षों तक निस्वार्थ भाव से लोगों की सेवा करता है, तो वह वास्तव में सम्मान का पात्र होता है। ऐसी ही प्रेरणादायी शख्सियत हैं उत्तरकाशी जनपद की सुश्री पूजा परमार राणा, जिन्हें वर्ष 2026 के राष्ट्रीय फ्लोरेंस नाइटिंगेल पुरस्कार से सम्मानित किया गया है। यह सम्मान राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मू द्वारा अंतरराष्ट्रीय नर्स दिवस के अवसर पर राष्ट्रपति भवन में आयोजित भव्य समारोह में प्रदान किया गया।
READ MORE


[fvplayer id=”10″]

उत्तराखंड सरकार राज्य के दूरस्थ और पर्वतीय क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत बनाने के लिए लगातार प्रयास कर रही है, लेकिन जमीनी स्तर पर विशेषज्ञ चिकित्सकों की कमी अब भी एक बड़ी चुनौती बनी हुई है। इसका ताजा उदाहरण सीमांत जनपद पिथौरागढ़ में देखने को मिला है, जहां जिला अस्पताल में तैनात एकमात्र रेडियोलॉजिस्ट के अवकाश पर जाने से सरकारी स्तर पर अल्ट्रासाउंड सेवाएं पूरी तरह ठप हो गई हैं। इसके चलते 10 जून तक मरीजों को सरकारी अस्पतालों में अल्ट्रासाउंड जांच की सुविधा नहीं मिल पाएगी।
READ MORE
देशभर में भीषण गर्मी और उमस से परेशान लोगों के लिए राहत भरी खबर है। भारतीय मौसम विभाग (आईएमडी) ने दक्षिण-पश्चिम मानसून के केरल पहुंचने की आधिकारिक घोषणा कर दी है। मानसून इस बार सामान्य तिथि से करीब तीन दिन की देरी से केरल पहुंचा है, लेकिन इसके सक्रिय होते ही देश के विभिन्न हिस्सों में मौसम का मिजाज तेजी से बदलने लगा है। इसका असर आने वाले दिनों में उत्तराखंड में भी देखने को मिल सकता है।
READ MORE