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भारतीय तटरक्षक बल की स्थापना दो पोतों के साथ की गई थी। तटीय सुरक्षा का जिम्मा उठाने वाले इस बल का बेड़ा अब 157 जहाजों, 78 विमानों तक पहुंच चुका है तथा इसमें लगभग 16,045 कर्मचारी काम करते हैं।
READ MOREउत्तराखंड में चारधाम यात्रा बड़ी जोर शोर से चल रही है 21 मई तक 12 लाख 35 हजार से भी ज्यादा श्रद्धालु चारधाम यात्रा कर चुके हैं। इससे इस बात का पता चलता है कि इस बार चारधाम यात्रा में आने वाले श्रद्धालुओं में भारी उत्साह है और इस बार चारधाम यात्रा पर आने वाले श्रद्धालुओं का रिकार्ड टूट जायेगा। चारधाम यात्रा के दौरान एनडीएमए राज्य सरकार के साथ मिलकर किस प्रकार से काम कर रहा है और यात्रा के दौरान किन-किन बातों का ध्यान दिया जाना चाहिए इन्हीं विषयों को लेकर एनडीएमए के सदस्य राजेंद्र सिंह के साथ हिल-मेल के संपादक वाई एस बिष्ट ने खास बातचीत की। बातचीत के प्रमुख अंश इस प्रकार से हैं :-
READ MOREसुषमा रावत ने 1 जनवरी 2023 को ओएनजीसी के निदेशक अन्वेषण का पदभार संभाला। इससे पहले उन्हें 2020 में पूरे पूर्वोत्तर भारत में अन्वेषण पोर्टफोलियो की देखभाल के लिए असम और असम अराकान बेसिन, जोरहाट के बेसिन प्रबंधक के रूप में नियुक्त किया गया था। उन्होंने साल 1989 में स्नातक प्रशिक्षु के रूप में ओएनजीसी को ज्वाइन किया और उसके बाद उन्हें मद्रास में कावेरी बेसिन में एक कूप स्थल भूविज्ञानी के रूप में जिम्मेदारी दी गई। उनकी दूसरी पोस्टिंग देहरादून में हुई और फिर उसके बाद मुंबई में केरल-कोंकण बेसिन में कार्य किया।
READ MOREग्रीन स्कूल के संस्थापक वीरेंद्र रावत पिछले दिनों उत्तराखंड की अपनी निजी यात्रा पर थे। हमने उनसे देहरादून में शिक्षा के क्षेत्र में उनके द्वार किये जा रहे कार्यों पर बातचीत की, जिसमें उन्होंने कहा कि बिना जवाबदार शिक्षा व्यवस्था के जवाबदार राष्ट्र का निर्माण नहीं किया जा सकता।
READ MOREवीरान होते उत्तराखंड के गांवों को दोबारा गुलजार करने के लिए एक अनूठा और व्यावहारिक प्रयास चल रहा है। पहाड़ की खूबसूरती को बरकरार रखते हुए जैविक खेती की तरफ लोगों को मोड़ने का भागीरथ प्रयास शुरू किया है। मिट्टी का कटान रोकने और स्थानीय स्तर पर रोजगार मुहैया कराने के साथ ये लोगों की थाली में रसायन मुक्त भोजन पहुंचाने की भी बड़ी पहल है। नवीन और उन्नत बीजों के क्षेत्र में काम करने वाली कंपनी के पूर्व सीएमडी विनोद कुमार गौड़ का कहना है कि उत्तराखंड की भौगोलिक संरचना और पलायन की गंभीर समस्या को देखते हुए इसकी महत्ता और भी बढ़ जाती है।
READ MOREमेरे परिवार का कोई भी व्यक्ति सेना में नहीं है, लेकिन इस महान भारतीय सेना का हिस्सा होने पर मैं अपने आपको बहुत भाग्यशाली समझता हूं और यह वास्तव में मेरा एक सपना था जो पूरा हुआ था। डेढ़ साल के प्रशिक्षण के बाद, भारतीय सेना की एक सर्वश्रेष्ठ रेजीमेंट, डोगरा रेजीमेंट की 7वीं बटालियन में कमीशन किया। अंत में 31 अगस्त 2021 में सेना मुख्यालय के आईएचक्यू से एडीजी टीए के पद से सेवानिवृत्त हुआ।
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संजय गुंज्याल 1997 बैच के उत्तराखंड कैडर के आईपीएस अधिकारी हैं। उनकी गिनती उत्तराखंड के तेज तर्रार अधिकारियों में होती है। इस समय वह आईजी आईटीबीपी के पद पर डेपुटेशन पर तैनात हैं। उनका मानना है कि जब आप किसी पद पर होते हैं तो आपकी समाज के प्रति जिम्मेदारी और अधिक बढ़ जाती है क्योंकि एक छोटा दिखने वाला निर्णय जो एक पुलिस अधिकारी के रूप में लिया जाता है उसके दूरगामी प्रभाव हो सकते हैं, जो कि लोगों के भाग्य और तकदीर को पूरी तरह से बदल भी सकते हैं।
READ MOREमैं समझता हूं कि एक फौजी कभी रियाटर नहीं होता। यही एक कारण है कि जो रैंक है, वो रैंक हमेशा हमारे साथ रहती है। मुझे लगता है कि मैं रियाटर नहीं हुआ हूं, एक फेज जरूर खत्म हुआ है सर्विस का लेकिन एक नया फेज शुरू हुआ है।
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