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उत्तराखंड में मानसून के सक्रिय होने के साथ ही केदारनाथ धाम यात्रा जारी है। हालांकि लगातार हो रही बारिश और ग्रीष्मकालीन अवकाश समाप्त होने के कारण श्रद्धालुओं की संख्या में कुछ कमी आई है, लेकिन यात्रा पूरी तरह सुचारु रूप से संचालित की जा रही है। जिला प्रशासन ने यात्रियों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए व्यापक इंतजाम किए हैं और श्रद्धालुओं से पूरी सतर्कता के साथ यात्रा करने की अपील की है।
READ MOREउत्तराखंड के रुद्रप्रयाग जिले के प्रमुख प्राकृतिक पर्यटन स्थलों में शामिल बधाणीताल अब नए स्वरूप में विकसित होने जा रहा है। राज्य सरकार की महत्वाकांक्षी योजना के तहत लगभग 3.36 करोड़ रुपये की लागत से ताल के सौंदर्याकरण एवं समग्र विकास का कार्य तेजी से किया जा रहा है। इस परियोजना का उद्देश्य केवल बधाणीताल की प्राकृतिक सुंदरता का संरक्षण करना ही नहीं, बल्कि इसे आधुनिक पर्यटन सुविधाओं से सुसज्जित कर प्रदेश के प्रमुख पर्यटन स्थलों में शामिल करना भी है। परियोजना पूरी होने के बाद यहां आने वाले पर्यटकों को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी, वहीं स्थानीय लोगों के लिए रोजगार और स्वरोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे।
READ MOREउत्तराखंड में चारधाम यात्रा को अधिक सुगम और सुरक्षित बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल की जा रही है। राज्य सरकार गंगोत्री और केदारनाथ धाम को सीधे जोड़ने के लिए लगभग 100 किलोमीटर लंबी नई सड़क बनाने की योजना पर काम कर रही है। इस परियोजना के साकार होने पर दोनों प्रमुख धामों के बीच की दूरी करीब 150 किलोमीटर तक कम हो जाएगी। इसके साथ ही सैकड़ों ग्रामीणों को बेहतर सड़क संपर्क मिलेगा और पर्यटन के नए अवसर भी विकसित होंगे।
READ MOREउत्तराखंड की विश्व प्रसिद्ध टिहरी झील को अंतरराष्ट्रीय स्तर के पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित करने की दिशा में सरकार ने एक और बड़ा कदम उठाया है। झील क्षेत्र में पर्यटन गतिविधियों को बढ़ावा देने और प्रतापनगर क्षेत्र को बेहतर सड़क संपर्क से जोड़ने के लिए चार नए भारी वाहन पुलों के निर्माण की योजना पर काम शुरू कर दिया गया है। इसके लिए लोक निर्माण विभाग (लोनिवि) ने राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर की कंपनियों से विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) और डिजाइन तैयार करने हेतु निविदाएं आमंत्रित की हैं।
READ MOREउत्तराखंड में तेजी से लोकप्रिय हो रहे एडवेंचर पर्यटन, विशेष रूप से बंजी जंपिंग को लेकर अब सुरक्षा मानकों को और मजबूत बनाने की तैयारी शुरू हो गई है। देवप्रयाग, तपोवन और ऋषिकेश जैसे क्षेत्र देश-विदेश के रोमांच प्रेमियों के लिए प्रमुख आकर्षण केंद्र बन चुके हैं, लेकिन हाल के वर्षों में सामने आए कुछ हादसों ने इस गतिविधि की सुरक्षा व्यवस्था और संचालन प्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। इन घटनाओं को देखते हुए राज्य सरकार ने बंजी जंपिंग के लिए नई नियमावली तैयार करने की प्रक्रिया तेज कर दी है, जिसे अगले एक माह के भीतर लागू किए जाने की संभावना है।
READ MOREउत्तराखंड के सीमांत जनपद पिथौरागढ़ में स्थित आदि कैलाश यात्रा इन दिनों देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं और पर्यटकों के लिए आकर्षण का केंद्र बनी हुई है। हिमालय की गोद में बसी यह यात्रा न केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक है, बल्कि प्राकृतिक सौंदर्य, साहसिक अनुभव और आध्यात्मिक शांति का भी अनूठा संगम प्रस्तुत करती है। भारत-तिब्बत सीमा के निकट स्थित यह मार्ग श्रद्धालुओं को आदि कैलाश, ओम पर्वत और कैलाश पर्वत के दुर्लभ दर्शन का अवसर प्रदान करता है।
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उत्तराखंड की रेल कनेक्टिविटी को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव और मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शनिवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से रामनगर-देहरादून-रामनगर स्पेशल ट्रेन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। रामनगर रेलवे स्टेशन पर आयोजित कार्यक्रम में गढ़वाल सांसद अनिल बलूनी, पूर्व मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत सहित कई जनप्रतिनिधि और रेलवे अधिकारी मौजूद रहे।
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भारत ने स्वच्छ और हरित परिवहन की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम बढ़ाते हुए अपनी पहली हाइड्रोजन फ्यूल सेल आधारित ट्रेन का संचालन शुरू कर दिया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को इस ट्रेन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इसके साथ ही भारत उन चुनिंदा देशों की सूची में शामिल हो गया है, जिन्होंने हाइड्रोजन तकनीक पर आधारित रेल सेवाओं की शुरुआत की है।
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