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जापान के आध्यात्मिक गुरु श्री बाला कुंभ गुरु मुनि (ताकायुकी होशी) अपने दो दिवसीय उत्तराखंड दौरे पर पहुंचे। उत्तराखंड आगमन पर उन्होंने सबसे पहले धर्मनगरी हरिद्वार में मां गंगा के पावन तट पर स्नान किया तथा विश्वप्रसिद्ध गंगा आरती में शामिल होकर देश-दुनिया की सुख-समृद्धि, शांति और मानव कल्याण की कामना की।
READ MOREउत्तराखंड में मानसून के सक्रिय होने के साथ ही केदारनाथ धाम यात्रा जारी है। हालांकि लगातार हो रही बारिश और ग्रीष्मकालीन अवकाश समाप्त होने के कारण श्रद्धालुओं की संख्या में कुछ कमी आई है, लेकिन यात्रा पूरी तरह सुचारु रूप से संचालित की जा रही है। जिला प्रशासन ने यात्रियों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए व्यापक इंतजाम किए हैं और श्रद्धालुओं से पूरी सतर्कता के साथ यात्रा करने की अपील की है।
READ MOREउत्तराखंड के रुद्रप्रयाग जिले के प्रमुख प्राकृतिक पर्यटन स्थलों में शामिल बधाणीताल अब नए स्वरूप में विकसित होने जा रहा है। राज्य सरकार की महत्वाकांक्षी योजना के तहत लगभग 3.36 करोड़ रुपये की लागत से ताल के सौंदर्याकरण एवं समग्र विकास का कार्य तेजी से किया जा रहा है। इस परियोजना का उद्देश्य केवल बधाणीताल की प्राकृतिक सुंदरता का संरक्षण करना ही नहीं, बल्कि इसे आधुनिक पर्यटन सुविधाओं से सुसज्जित कर प्रदेश के प्रमुख पर्यटन स्थलों में शामिल करना भी है। परियोजना पूरी होने के बाद यहां आने वाले पर्यटकों को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी, वहीं स्थानीय लोगों के लिए रोजगार और स्वरोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे।
READ MOREउत्तराखंड में चारधाम यात्रा को अधिक सुगम और सुरक्षित बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल की जा रही है। राज्य सरकार गंगोत्री और केदारनाथ धाम को सीधे जोड़ने के लिए लगभग 100 किलोमीटर लंबी नई सड़क बनाने की योजना पर काम कर रही है। इस परियोजना के साकार होने पर दोनों प्रमुख धामों के बीच की दूरी करीब 150 किलोमीटर तक कम हो जाएगी। इसके साथ ही सैकड़ों ग्रामीणों को बेहतर सड़क संपर्क मिलेगा और पर्यटन के नए अवसर भी विकसित होंगे।
READ MOREउत्तराखंड की विश्व प्रसिद्ध टिहरी झील को अंतरराष्ट्रीय स्तर के पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित करने की दिशा में सरकार ने एक और बड़ा कदम उठाया है। झील क्षेत्र में पर्यटन गतिविधियों को बढ़ावा देने और प्रतापनगर क्षेत्र को बेहतर सड़क संपर्क से जोड़ने के लिए चार नए भारी वाहन पुलों के निर्माण की योजना पर काम शुरू कर दिया गया है। इसके लिए लोक निर्माण विभाग (लोनिवि) ने राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर की कंपनियों से विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) और डिजाइन तैयार करने हेतु निविदाएं आमंत्रित की हैं।
READ MOREउत्तराखंड में तेजी से लोकप्रिय हो रहे एडवेंचर पर्यटन, विशेष रूप से बंजी जंपिंग को लेकर अब सुरक्षा मानकों को और मजबूत बनाने की तैयारी शुरू हो गई है। देवप्रयाग, तपोवन और ऋषिकेश जैसे क्षेत्र देश-विदेश के रोमांच प्रेमियों के लिए प्रमुख आकर्षण केंद्र बन चुके हैं, लेकिन हाल के वर्षों में सामने आए कुछ हादसों ने इस गतिविधि की सुरक्षा व्यवस्था और संचालन प्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। इन घटनाओं को देखते हुए राज्य सरकार ने बंजी जंपिंग के लिए नई नियमावली तैयार करने की प्रक्रिया तेज कर दी है, जिसे अगले एक माह के भीतर लागू किए जाने की संभावना है।
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उत्तराखंड में साहसिक और शीतकालीन पर्यटन को नई ऊंचाई देने के उद्देश्य से ‘अल्टीमेट उत्तराखंड MTB चैलेंज 2026’ का आयोजन एक बार फिर होने जा रहा है। सात दिनों तक चलने वाला यह रोमांचक माउंटेन बाइकिंग अभियान 14 से 20 अक्टूबर 2026 तक आयोजित किया जाएगा। प्रतियोगिता में प्रतिभागी उत्तराखंड के चुनौतीपूर्ण पहाड़ी रास्तों से गुजरते हुए करीब 700 किलोमीटर का सफर तय करेंगे। आयोजन को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने के लिए दुनिया के विभिन्न देशों से 60 से अधिक एलीट एवं UCI-लाइसेंसधारी पेशेवर साइकिलिस्टों के शामिल होने की उम्मीद है।
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उत्तराखंड के सीमांत पिथौरागढ़ जिले की व्यास घाटी में स्थित प्रसिद्ध ओम पर्वत एक बार फिर अपने बदले स्वरूप को लेकर चर्चा में है। समुद्र तल से करीब 14 हजार फीट की ऊंचाई पर स्थित इस पवित्र पर्वत की चोटी पर इस मानसून में बर्फ की कमी साफ नजर आ रही है और पहाड़ का बड़ा हिस्सा काला दिखाई दे रहा है। बर्फ से प्राकृतिक रूप से बनने वाले ‘ॐ’ के अद्भुत आकार के लिए प्रसिद्ध इस पर्वत का बर्फविहीन नजर आना पर्यटकों और स्थानीय लोगों के साथ-साथ पर्यावरण विशेषज्ञों के लिए भी चिंता का विषय बना हुआ है।
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