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उत्तराखंड पर्यटन के इतिहास में एक महत्वपूर्ण पहल के तहत वर्ष 2026 में पहली बार ‘उत्तराखंड ट्रैवल कॉन्क्लेव’ का आयोजन प्रस्तावित किया गया है। इस संबंध में 20 दिसंबर 2025 को उत्तराखंड पर्यटन विकास बोर्ड (UTDB) के सचिव/मुख्य कार्यकारी अधिकारी धीराज सिंह गर्ब्याल की अध्यक्षता में एक बैठक आयोजित की गई।
READ MOREगंगोत्री धाम में भीषण ठंड के चलते भागीरथी नदी पूरी तरह जम गई है। क्षेत्र में तापमान माइनस 11 से माइनस 20 डिग्री सेल्सियस तक दर्ज किया जा रहा है। साफ मौसम के बावजूद ठंड बढ़ती जा रही है। वन विभाग शीतकाल में दुर्लभ वन्य जीवों की सुरक्षा के लिए लगातार गश्त कर रहा है।
READ MOREदेहरादून में सड़क खुदाई को लेकर प्रशासन ने सख्ती बढ़ा दी है। अब रात में खुदाई करने पर सुबह तक सड़क भरकर चलने लायक बनाना अनिवार्य होगा। 10 विभागों के 85 कार्यों को सशर्त अनुमति दी गई है। नियम तोड़ने पर एफआईआर तक की कार्रवाई हो सकती है।
READ MOREदून अस्पताल और सेफड़ू द्वारा किए गए शोध में सामने आया है कि आंखों के ऑपरेशन के दौरान शेरॉन चीरा तकनीक अपनाने से चश्मे का नंबर बढ़ने की संभावना कम हो जाती है। 100 मरीजों पर किए गए अध्ययन में यह तकनीक सबसे प्रभावी साबित हुई।
READ MOREदेहरादून में लंबे समय से बारिश न होने के कारण वायु प्रदूषण बढ़ गया है। एक्यूआई 200 के पार पहुंच गया, जिससे हवा ‘खराब’ श्रेणी में आ गई है। विशेषज्ञों के अनुसार बारिश होने से राहत मिल सकती है, लेकिन तब तक बच्चों और बुजुर्गों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है।
READ MOREदेहरादून में नियमविरुद्ध सड़क खुदाई पर जिला प्रशासन ने यूपीसीएल के खिलाफ सख्त कार्रवाई की है। सभी पुरानी अनुमतियां रद्द कर दो महीने तक नई खुदाई पर रोक लगा दी गई है। बिना बैरिकेडिंग और मरम्मत के छोड़ी गई सड़कों को लेकर प्रशासन ने सुरक्षा मानकों के पालन के निर्देश दिए हैं।
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उत्तराखंड के पहाड़ी इलाकों से उठी न्याय की एक आवाज अब देश की राजधानी तक पहुंचने की राह पर है। एक ओर जहां देश के जवान सीमाओं पर तैनात होकर राष्ट्र की सुरक्षा कर रहे हैं, वहीं दूसरी ओर उनके परिवार के लोग अपने अधिकारों के लिए सड़कों पर उतरने को मजबूर हैं।
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कपिल शर्मा ने पारंपरिक खेती से आगे बढ़कर आधुनिक और वैज्ञानिक पद्धतियों को अपनाया है। पॉलीहाउस के माध्यम से संरक्षित खेती, ड्रिप सिंचाई प्रणाली, उन्नत किस्म के बीज और जैविक उर्वरकों के संतुलित उपयोग से उन्होंने कम लागत में अधिक और गुणवत्तापूर्ण उत्पादन हासिल किया।
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