[fvplayer id=”10″]
उत्तराखंड में इन दिनों बदरा रुक-रुक कर बरस रहे हैं। कई पर्वतीय अंचलों में लगातार बारिश से संपर्क मार्ग बाधित हो रहे हैं। पहाड़ी से गिरते मलबा और बोल्डर आवाजाही कर रहे लोगों के लिए खतरा बन रहा है। वहीं मौसम विभाग ने आज फिर कई जिलों में बारिश होने की संभावना जताई है। भारी बारिश को लेकर ऑरेंज और येलो अलर्ट जारी किया गया है।
READ MOREढोल देव वाद्य है। दुनिया में सबसे ज्यादा ढोल ही बजता है। लोग बैंड बाजे वाले को हजारों रुपया देते हैं। ढोल वादक को चंद सौ रुपए में टरका दिया जाता है। सोहन लाल, मोहन राम ने अपनी संस्कृति से संबद्ध ढोल को आज तक नहीं छोड़ा है। मोहन राम की तीन पीढ़ियां एक साथ ढोल वादन का काम कर रही हैं, जो यहां प्रत्यक्ष उपस्थित हैं।
READ MOREइस महत्वपूर्ण निरीक्षण और चर्चा के दौरान, थानाध्यक्ष गोपेश्वर विनोद चौरसिया के साथ-साथ स्थानीय पत्रकार और विभिन्न समाजसेवी संगठनों के प्रतिनिधि भी मौजूद रहे। सभी ने इस पहल की मुक्त कंठ से सराहना की और इसे पुलिस व्यवस्था में गुणात्मक सुधार की दिशा में एक अत्यंत सकारात्मक कदम बताया।
READ MOREपहाड़ों की रानी मसूरी में देर शाम हुई मूसलाधार बारिश ने जनजीवन को पूरी तरह से अस्त-व्यस्त हो गया। भारी बारिश के कारण मसूरी-देहरादून मार्ग पर जेपी बैंड के पास भारी मलबा आ गया। जिससे यह प्रमुख मार्ग पूर्णतः बंद हो गया है। मार्ग के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गई हैं। यात्री घंटों से जाम में फंसे हुए हैं।
READ MOREकहा कि मानसूनी सत्र शुरू हो गया है। ऐसे में केदारनाथ यात्रा के साथ-साथ आपदाओं की संभावनाएं भी बनी रहती है। इसलिए यात्रियों की सुरक्षा पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। साथ ही यात्रा मार्ग के अलग-अलग स्थानों पर खाद्यान के स्टोरेज बनाएं जाएंगे।
READ MOREजिलाधिकारी ने सभी अधिकारियों से आग्रह किया कि वह आम जनमानस, स्थानीय जनप्रतिनिधियों से निरंतर वार्ता कर आपसी समन्वय बनाकर कार्यों को समयबद्ध तरीके से पूर्ण करें। उन्होंने सभी अधिकारियों को आमजन मानस के साथ निरंतर संपर्क बनाए रखने के महत्वपूर्ण निर्देश दिए। उन्होंने जोर देकर कहा कि जनता की समस्याओं को समझने और उनका त्वरित निवारण करने के लिए यह संपर्क अत्यंत आवश्यक है।
READ MORE


[fvplayer id=”10″]

विश्व प्रसिद्ध केदारनाथ धाम की पवित्रता और हिमालयी पर्यावरण की रक्षा के लिए चलाया जा रहा ‘कैरी मी बैक’ अभियान लगातार सफलता की नई कहानी लिख रहा है। जिला प्रशासन, स्थानीय निकायों और सामाजिक संगठनों के संयुक्त प्रयास से संचालित इस अनूठी पहल के तहत अब तक करीब दो टन कचरा केदारनाथ धाम से नीचे गौरीकुंड तक लाया जा चुका है। अभियान को श्रद्धालुओं, स्वयंसेवकों और स्थानीय लोगों का व्यापक समर्थन मिल रहा है, जिससे केदारनाथ यात्रा मार्ग पर स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता का सकारात्मक माहौल बन रहा है।
READ MORE
उत्तराखंड की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, सामाजिक आंदोलनों और ऐतिहासिक योगदान को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए हेमवती नंदन बहुगुणा गढ़वाल केंद्रीय विश्वविद्यालय ने अपने पाठ्यक्रम में बड़ा बदलाव करने का निर्णय लिया है। आगामी जुलाई से शुरू होने वाले नए शैक्षणिक सत्र से विश्वविद्यालय में पढ़ने वाले देशभर के विद्यार्थियों को उत्तराखंड के प्रमुख समाज सुधारक और आंदोलनकारी स्वामी मन्मथन के जीवन, विचारों और योगदान का अध्ययन कराया जाएगा।
READ MORE