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उत्तरकाशी जिले के धराली क्षेत्र में आई हालिया आपदा ने एक बार फिर 12 साल पहले केदारनाथ में वर्ष 2013 में हुए भीषण जलप्रलय की भयावह यादें ताजा कर दी हैं।
READ MOREउत्तराखंड की पहाड़ियों में बसे गांवों की महिलाएं आज अपने पारंपरिक ज्ञान और रचनात्मकता के सहारे आत्मनिर्भरता की ओर मजबूत कदम बढ़ा रही हैं। जंगलों से मिलने वाली प्राकृतिक संपदा, जो पहले उपेक्षित मानी जाती थी, आज उन्हीं हाथों में स्वरोजगार का माध्यम बन रही है। रुद्रप्रयाग जिले के ग्राम जवाड़ी की महिलाएं इसका जीवंत उदाहरण हैं।
READ MOREउत्तराखंड के एक छोटे से गांव वीरों देवल से ताल्लुक रखने वाले अतुल कुमार ने यह साबित कर दिया है कि सच्ची लगन और कड़ी मेहनत के दम पर कोई भी सपना हकीकत में बदला जा सकता है। एक ओर हजारों युवा संसाधनों की कमी का बहाना बनाकर अपने सपनों से दूर हो जाते हैं, वहीं अतुल ने यह दिखा दिया कि अगर इरादा मजबूत हो, तो कोई भी बाधा रास्ता नहीं रोक सकती।
READ MOREपहाड़ी क्षेत्रों में गुलदार का आतंक थमने का नाम नहीं ले रहा है। ताजा घटना तहसील बसुकेदार के डांगी गांव में सामने आई है, जहां सोमवार सुबह करीब 9 बजे 63 वर्षीय चौता देवी पत्नी गोविंद सिंह पर खेत में निराई करते समय गुलदार ने हमला कर दिया। इस हमले में महिला के सिर, हाथ और पैर पर गंभीर घाव आए हैं। घायल अवस्था में बुजुर्ग महिला को तत्काल 108 एंबुलेंस के जरिए अगस्त्यमुनि स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया गया, जहां उनका उपचार चल रहा है।
READ MOREउत्तराखंड के केदारनाथ और बदरीनाथ घाटियों में लगातार बारिश जारी है। जिस कारण अलकनंदा और मंदाकिनी नदी में पानी का बहाव खतरनाक स्तर तक पहुंच गया है। इसके चलते प्रशासन ने हाई अलर्ट जारी कर दिया है। बारिश के बीच बीते दिन से बंद केदारनाथ धाम की यात्रा भी सुचारू हो गई है। आज सोनप्रयाग से लगभग पांच हजार श्रद्धालुओं को केदारनाथ धाम भेजा गया। वहीं बदरीनाथ हाईवे के सिरोबगड़ में खतरा बना हुआ है। वाहन चालक जान हथेली पर रखकर सफर करने को मजबूर हैं।
READ MOREरुद्रप्रयाग। सिंचाई विभाग के सहायक अभियंता विजय पाल कैंतुरा ने जानकारी देते हुए बताया कि रविवार सुबह 8 बजे अलकनंदा नदी का जलस्तर 534.40 मीटर दर्ज किया गया, जो कि खतरे के निशान से लगभग दो मीटर नीचे है। उन्होंने कहा कि ऊपरी इलाकों में बारिश जारी है। जिसके कारण श्रीनगर जलविद्युत परियोजना से भी अतिरिक्त पानी छोड़ा जा रहा है।
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उत्तराखंड में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश ने एक बार फिर केदारनाथ यात्रा की रफ्तार थाम दी है। गौरीकुंड से केदारनाथ धाम तक जाने वाले पैदल मार्ग पर कई संवेदनशील स्थानों पर भारी बोल्डर और मलबा गिरने के कारण प्रशासन को यात्रियों की आवाजाही अस्थायी रूप से रोकनी पड़ी। यात्रियों की सुरक्षा को देखते हुए पुलिस, एसडीआरएफ, एनडीआरएफ और जिला प्रशासन पूरी तरह सतर्क है तथा मार्ग को सुरक्षित बनाने का काम युद्धस्तर पर जारी है।
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बद्रीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (बीकेटीसी) एक बार फिर विवादों के केंद्र में आ गई है। दान-चढ़ावे से जुड़े मामलों के बाद अब बद्रीनाथ धाम में वीआईपी दर्शन के नाम पर प्रति श्रद्धालु ₹1100 शुल्क वसूले जाने का मामला चर्चा में है। आरोप है कि यह शुल्क बिना बोर्ड की औपचारिक स्वीकृति के लागू किया गया, जिससे समिति की कार्यप्रणाली और प्रशासनिक पारदर्शिता पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
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