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हर्षिल की जनसभा के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को क्षेत्रवासियों के जबरदस्त उत्साह के दर्शन भी हुए। कार्यक्रम में कई बार मोदी-मोदी के नारे गूंजे। इस पर प्रधानमंत्री कई बार मुस्कराए। कई बार उन्होंने विनम्रता से हाथ जोड़ लिए। पारंपरिक परिधान और टोपी पहने प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में कई आंचलिक शब्दों का इस्तेमाल भी किया।
READ MOREउत्तराखंड के रजत जयंती वर्ष में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शीतकालीन यात्रा का सबसे बड़ा प्रमोशन कर दिया है। इस यात्रा के प्रमोशन के लिए इससे पहले कभी इतने गंभीर प्रयास नहीं हुए। उत्तराखंड की शीतकालीन यात्रा के साथ प्रधानमंत्री के जुड़ाव के लिए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने जो प्रयास किए थे, उसका सार्थक परिणाम सामने आया है। बहुत कम समय में उत्तराखंड की शीतकालीन यात्रा और पर्यटन देश-दुनिया की नजरों में आ गए हैं।
READ MOREप्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मां गंगा के शीतकालीन गद्दी स्थल मुखबा में गंगा पूजन किया। इस दौरान ढोल रणसिंगे के साथ पूजा-अर्चना की गई। मंदिर समिति के अध्यक्ष धर्मानंद सेमवाल व सचिव सुरेश सेमवाल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से पूजा करवाई।
READ MOREसीमावर्ती नेलांग-जादुंग-पीडीए क्षेत्र का मनमोहक शीत मरूस्थली पठार का क्षेत्र अभी तक पर्यटन की गतिविधियों से अछूता रहा है। प्रधानमंत्री के हाथों इन क्षेत्रों के लिए साहसिक पर्यटन अभियानों के शुभारंभ से इस क्षेत्र में पर्यटन विकास के नए द्वार खुल जाएंगे।
READ MOREमां गंगोत्री के मंदिर को फूलों से सजाया गया है वहीं लोक कलाकार भी अपनी विभिन्न प्रस्तुतियों से पारंपरिक वेशभूषा में उनका स्वागत करेंगे। प्रधानमंत्री यहां पहुंचने पर सबसे पहले मां गंगा की पूजा अर्चना करेंगे तथा इसके पश्चात वह उत्पाद प्रदर्शनी का अवलोकन भी करेंगे। इसके बाद वह हर्षिल में आयोजित होने वाली जनसभा को संबोधित करेंगे जिसे लेकर हर्षिल के 8-10 गांवों के लोग उन्हें सुनने पहुंचेंगे।
READ MOREप्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का हर्षिल-मुखवा क्षेत्र का भ्रमण कार्यक्रम अब आगामी 6 मार्च को प्रस्तावित किया गया है। जिला प्रशासन के द्वारा प्रधानमंत्री के प्रस्तावित दौरे की तैयारियों को लेकर क्षेत्र में सभी व्यवस्थाओं को चाक-चौबंद करने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
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हिमालय की गोद में बहने वाली सदानीरी नदियाँ माँ गंगा और माँ यमुना आज गंभीर संकट के दौर से गुजर रही हैं। उत्तरकाशी जिले में इन आस्था की नदियों में हो रहे अवैध और अवैज्ञानिक खनन ने न केवल नदियों के प्राकृतिक स्वरूप को नुकसान पहुँचाया है, बल्कि पूरे पर्वतीय पारिस्थितिक तंत्र को भी अस्थिर कर दिया है।
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कोटद्वार क्षेत्र में लंबे समय से दहशत फैलाने वाला गुलदार आखिरकार वन विभाग की कार्रवाई में पिंजरे में कैद हो गया। गुलदार ने महिलाओं और मवेशियों पर हमले किए थे। ट्रैंकुलाइज कर उसे रेस्क्यू सेंटर भेजा गया, जिससे ग्रामीणों ने राहत की सांस ली।
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