रुद्रप्रयाग जिले के विकास खंड जखोली में बीती देर रात से हुई मूसलाधार बारिश के कारण बादल फटने की घटना सामने आई है जिससे क्षेत्र में आवासीय भवन एवं कृषि भूमि को काफी नुकसान होने की सूचना के दृष्टिगत त्वरित राहत एवं बचाव कार्य एवं नुकसान का जायजा लेने हेतु जिलाधिकारी मयूर दीक्षित के निर्देशन में राजस्व, एनडीआरएफ एवं डीडीआरएफ की टीम को राहत एवं बचाव कार्य के लिए घटना स्थल के लिए रवाना किया गया है।
उप जिलाधिकारी जखोली परमानंद राम ने बताया कि तहसील जखोली लुठियाग गांव में वह स्वयं घटना स्थल पर पहुंचकर हुए नुकसान का जायजा लिया जिसमें नागदेई देवी पत्नी प्रीतम सिंह के मकान में मलबा आने से मकान को नुकसान हुआ है जिसके कारण उनको पुराने घर में शिफ्ट किया गया है। इसके साथ ही दो-तीन मकान और भी खतरे की जद में आ गए हैं। गांव में राजस्व की टीम पहुंच गई है जो कि कृषि भूमि एवं फसलों के नुकसान का आंकलन कर रहा है।

उन्होंने बताया कि उनके द्वारा मखेत, कोटी, पाली कुराली, मयाली, चिरबटिया, लौंगा आदि क्षेत्रों का राजस्व टीम द्वारा हुई क्षति का जायजा लिया जा रहा है। भारी वर्षा के कारण तुनेटा के आगे सतनीखील गदेरा आने से जो सड़क मार्ग बंद हो गया था जिसको लोनिवि, एनडीआरएफ एवं डीडीआरएफ की टीम द्वारा बंद सड़क मार्ग को खोल दिया गया है। इसके साथ ही अन्य क्षतिग्रस्त अवरुद्ध सड़क मार्गों को टीम द्वारा यातायात सुचारू करने कार्यवाही की जा रही है।
उप जिलाधिकारी ने बताया कि देर रात हुई बारिश के कारण 8 गांव भू-स्खलन से प्रभावित हुए हैं तथा किसी प्रकार की जनहानि एवं पशुहानि की सूचना नहीं है तथा क्षेत्र में बंद सड़कों को लोनिवि एवं पीएमजीएसवाई द्वारा खोलने की कार्यवाही गतिमान है। इसके साथ ही राजस्व, एनडीआरएफ, जल संस्थान, कृषि विभाग, लोनिवि, पीएमजीएसवाई मौके पर हुए नुकसान का जायजा लेकर आवश्यक कार्यवाही की जा रही है।

जिलाधिकारी द्वारा उप जिलाधिकारी को निर्देश दिए हैं कि क्षेत्र में जो भी आवासीय भवन एवं कृषि भूमि को नुकसान हुआ है एवं जो भी पेयजल, विद्युत की लाइनें क्षतिग्रस्त हुई हैं इसके लिए उन्होंने संबंधित अधिकारियों को मौके पर पहुंचकर आवश्यक कार्यवाही करने के निर्देश दिए हैं तथा हुए नुकसान का तत्काल आंकलन करने के भी निर्देश दिए हैं। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि सभी क्षतिग्रस्त योजनाओं का आंकलन कर बंद पेयजल व विद्युत लाइनों को यथाशीघ्र सुचारू करने के निर्देश गए हैं।
टिहरी के नेलचामी गदेरे में बादल फटने की घटना सामने आई। जिसके कारण गदेरे यानी बरसाती नाले से उफान से घनसाली के आसपास के क्षेत्रों में तबाही मचा दी है। वहीं टिहरी जिले में बादल फटने का असर रुद्रप्रयाग के सीमावर्ती गांवों में भी हुआ है। यहां खेत खलिहाल मलबे से पट गए हैं। यहां नेलचामी गदेरे के उफान पर आने से तीन पुलिया और एक पुल क्षतिग्रस्त हो गया है। जानकारी के मुताबिक सुबह सात बजे के आसपास टिहरी जिले के घनसाली से 20 किमी दूर नेलचामी गदेरे में बादल फटा। इससे गदेरे का जलस्तर बढ़ा और वह उफान पर आ गया। गदेरे के बाढ़़ आने से कई बीघा खेत मलबे से भर गए हैं। इसके अलावा थार्ती भटवाड़ा में तीन पुलिया क्षतिग्रस्त हो गई हैं और थार्ती-चिरबाटिया में निर्माणाधीन पुल भी क्षतिग्रस्त हो गया है। मूलगढ़-थार्ती रोड़ भी थार्ती के पास बन्द हो गया है।


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