यूपी को ‘वन ट्रिलियन डॉलर’ की इकॉनमी बनाएगा सीएम योगी का ‘ड्रीम प्रोजेक्ट’

यूपी को ‘वन ट्रिलियन डॉलर’ की इकॉनमी बनाएगा सीएम योगी का ‘ड्रीम प्रोजेक्ट’

उत्तर प्रदेश को ‘उद्यम प्रदेश’ के तौर पर परिवर्तित कर रही योगी सरकार ‘वन ट्रिलियन डॉलर की इकॉनमी’ बनाने की दिशा में एक बड़ा प्रयास करने जा रही है। उत्तर प्रदेश इंटीग्रेटेड मैन्युफैक्चरिंग व लॉजिस्टिक्स क्लस्टर (यूपी-आईएमएलसी) के 27 नोड्स की लॉन्चिंग सीएम योगी द्वारा गुरुवार को की जाएगी।

प्रदेश के विभिन्न एक्सप्रेसवेज किनारे विकसित हो रहे इन नोड्स का विकास उत्तर प्रदेश एक्सप्रेसवेज औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यूपीडा) द्वारा किया जा रहा है। यह न केवल सीएम योगी का ड्रीम प्रोजेक्ट है, बल्कि कई मायनों में खास है।

एक ओर, यह एक्सप्रेसवे के रूप में उत्तम कनेक्टिविटी उपलब्ध कराते हुए औद्योगिक क्लस्टर्स की स्थापना का मार्ग प्रशस्त करेगा। वहीं, दूसरी ओर मैन्युफैक्चरिंग के लिए डेडिकेटेड कॉरिडोर के तौर पर कार्य करने के साथ ही यहां लॉजिस्टिक्स मूवमेंट के लिए लॉजिस्टिक्स हब की भी स्थापना होगी।

इससे युवाओं को रोजगार भी मिलेगा, एक्सप्रेसवे किनारे के क्षेत्रों का समेकित विकास भी सुनिश्चित होगा तथा प्रदेश की इकॉनमी को वह बूस्ट मिलेगा जो वन ट्रिलियन डॉलर की इकॉनमी बनाने और प्रदेश को औद्योगिक पावरहाउस के रूप में परिवर्तित करने में सहायक सिद्ध होगा।

इन एक्सप्रेसवे किनारे नोड्स का हो रहा निर्माण…

गंगा एक्सप्रेसवेः मेरठ, हापुड़, अमरोहा, संभल, बदायूं, शाहजहांपुर, हरदोई, उन्नाव, रायबरेली, प्रतापगढ़, प्रयागराज
बुंदेलखंड एक्सप्रेसवेः औरैया, जालौन, महोबा, हमीरपुर, बांदा, चित्रकूट
आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवेः फिरोजाबाद, इटावा, कन्नौज, कानपुर नगर
पूर्वांचल एक्सप्रेसवेः लखनऊ, बाराबंकी, अमेठी, सुल्तानपुर, अंबेडकरनगर, गाजीपुर
गोरखपुर लिंक एक्सप्रेसवेः गोरखपुर, अंबेडकरनगर

डेडिकेटेड मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर की स्थापना का मार्ग होगा प्रशस्त

आईएमएलसी परियोजना के अंतर्गत अंबेडकरनगर में दो नोड्स का विकास किया जाएगा। एक नोड गोरखपुर लिंक एक्सप्रेसवे पर विकसित होगा, जबकि दूसरा नोड पूर्वांचल एक्सप्रेसवे के समीप होगा। उल्लेखनीय है कि आईएमएलसी परियोजना के अंतर्गत स्थापित होने वाले नोड्स को इस प्रकार से विकसित किया जाएगा कि वह किसी खास सेक्टर से संबंधित निर्माण इकाइयों की स्थापना का मार्ग प्रशस्त करेगा।

यानी, अगर किसी नोड को लेदर या टेक्सटाइल यूनिट्स की स्थापना के लिए चिह्नित किया गया है तो वहां इसी से संबंधित इकाइयों की स्थापना पर जोर दिया जाएगा। इससे क्षेत्र की पहचान को संबंधित उत्पादों के निर्माण व निर्यात के लिए भी मजबूती मिलेगी। इन उत्पादों के निर्यात के लिए इन्हीं क्लस्टर्स के विभिन्न नोड्स में लॉजिस्टिक्स क्लस्टर्स की भी स्थापना की जाएगी जो रोड, रेल व एयर कनेक्टिविटी आधारित फ्रेट मूवमेंट को संचालित करेंगे।

निवेश, रोजगार सृजन और आर्थिक उन्नति का बनेगा जरिया

प्रदेश में दिल्ली-मुंबई इंडस्ट्रियल कॉरीडोर (डीएमआईसी) के अंतर्गत नोएडा-गाजियाबाद तथा मेरठ-मुजफ्फरनगर नोड पर बड़े स्तर पर काम हो रहा है। इसमें विशेषतौर पर ग्रेटर नोएडा में इंटीग्रेटेड इंडस्ट्रियल टाउनशिप विकसित की जा रही है। इसी प्रकार, अमृतसर-कोलकाता इंडस्ट्रिलयल कॉरिडोर (एकेईसी) के अंतर्गत प्रयागराज व आगरा में इंटीग्रेटेड मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर्स की स्थापना की जा रही है। यह दोनों कार्य केन्द्र व राज्य सरकार के समन्वय से हो रहे हैं।

इसी तर्ज पर योगी सरकार द्वारा प्रदेश में औद्योगिक क्लस्टर्स की स्थापना और एक्सप्रेसवे किनारे स्थित प्रत्येक नोड को संबंधित जिलों की उन्नति के आधार के रूप में परिवर्तित किया जाएगा, जिसे यूपीडा क्रियान्वित कर रही है। यह न केवल निवेश आकर्षित करने का प्रमुख साधन बनकर उभरेगा बल्कि रोजगार सृजन और क्षेत्र के पूर्ण समेकित विकास में भी बड़ी भूमिका का निर्वहन करेगा।

Hill Mail
ADMINISTRATOR
PROFILE

Leave a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked with *

विज्ञापन

[fvplayer id=”10″]

Latest Posts

Follow Us

Previous Next
Close
Test Caption
Test Description goes like this