जानकारी के अनुसार बैरागीवाला गांव में खेतों की सिंचाई के लिए पानी लगाने को लेकर शनिवार को विवाद शुरू हुआ था। आरोप है कि विवाद के दौरान मुस्लिम समुदाय के करीब 40 लोगों ने भाजपा नेता विनोद कश्यप और उनके भाइयों अशोक व राजेश पर हमला कर दिया। हमले में विनोद कश्यप के सिर पर हथौड़े से वार किया गया, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गए। उन्हें अस्पताल ले जाया गया, जहां उपचार के दौरान उनकी मौत हो गई। वहीं अशोक और राजेश गंभीर रूप से घायल हैं और उनका उपचार चल रहा है।
घटना की खबर फैलते ही पूरे क्षेत्र में आक्रोश फैल गया। रविवार सुबह बड़ी संख्या में ग्रामीणों और विभिन्न हिंदू संगठनों से जुड़े लोग बैरागीवाला गांव में एकत्र हो गए। प्रदर्शन के दौरान कुछ लोगों ने हत्यारोपियों के दो घरों में आग लगा दी। हालात तब और बिगड़ गए जब भीड़ ने पुलिस टीम पर पथराव शुरू कर दिया। पुलिस ने पहले लोगों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन स्थिति काबू में न आने पर लाठीचार्ज कर भीड़ को तितर-बितर किया गया।
गांव से निकलने के बाद प्रदर्शनकारियों ने दून-पांवटा साहिब हाईवे जाम करने का प्रयास किया। पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच करीब आधे घंटे तक तीखी नोकझोंक चली। पुलिस ने बल प्रयोग कर जाम हटवाया, लेकिन शाम के समय एक बार फिर हाईवे पर पत्थर डालकर यातायात बाधित करने की कोशिश की गई। इस दौरान कुछ वाहनों को भी नुकसान पहुंचाया गया। कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए प्रशासन ने हाईवे और गांव के आसपास अतिरिक्त पुलिस बल तैनात कर दिया।
घटना के बाद प्रशासन ने भी सख्त रुख अपनाया। जिलाधिकारी के निर्देश पर पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों की मौजूदगी में हत्यारोपियों के एक मकान और दो दुकानों पर बुलडोजर चलाकर उन्हें ध्वस्त कर दिया गया। शाम तक आरोपियों का मकान पूरी तरह जमींदोज कर दिया गया। गांव की गलियों से लेकर आसपास के बगीचों तक सुरक्षा बलों की तैनाती की गई। पुलिस और आईटीबीपी के जवानों ने पूरे गांव में फ्लैग मार्च कर लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की।
पुलिस ने इस मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए 12 नामजद और करीब 40 अन्य लोगों के खिलाफ हत्या, दंगा और हत्या के प्रयास सहित विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है। अब तक चार आरोपियों रज्जाक, सलमान, जावेद और शहबाज को गिरफ्तार किया जा चुका है। अन्य आरोपियों की तलाश में लगातार दबिश दी जा रही है।
मृतक विनोद कश्यप के परिजनों ने शव का पंचनामा भरवाने से भी इनकार कर दिया और आरोपियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की मांग की। विनोद की मां दयावती ने कहा कि उनके बेटे की निर्मम हत्या करने वालों को ऐसी सजा मिलनी चाहिए जो समाज में नजीर बने और भविष्य में कोई इस तरह की घटना करने की हिम्मत न जुटा सके।
देहरादून के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) प्रमेंद्र सिंह डोबाल ने कहा कि मामले में पुलिस निष्पक्ष और सख्त कार्रवाई कर रही है। उन्होंने लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने और शांति बनाए रखने की अपील की। प्रशासन का कहना है कि क्षेत्र में स्थिति नियंत्रण में है, लेकिन एहतियात के तौर पर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी रखी गई है। पूरे मामले पर पुलिस और प्रशासन की लगातार नजर बनी हुई है।


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