Tuesday , 15 September 2026
Home ताज़ा ख़बर मेहनत, भरोसा और हौसले की खेती: श्रीनगर गढ़वाल के हरीश पंवार की स्वरोजगार यात्रा
ताज़ा ख़बरउत्तराखंड न्यूज़पौड़ी गढ़वाल

मेहनत, भरोसा और हौसले की खेती: श्रीनगर गढ़वाल के हरीश पंवार की स्वरोजगार यात्रा

श्रीनगर गढ़वाल के बाल्मीकि चौक (पीपलचौरी), श्रीनगर गढ़वाल के पास रहने वाले हरीश पंवार आज स्वरोजगार की एक प्रेरक कहानी बन चुके हैं। जिस उम्र में अधिकतर युवा नौकरी की तलाश में भटकते नजर आते हैं, उसी उम्र में हरीश ने मेहनत और दूरदृष्टि के बल पर न केवल अपनी पहचान बनाई, बल्कि दर्जनभर से अधिक गांवों और 50 से ज्यादा परिवारों के लिए रोज़गार का सहारा भी बने हैं।

हरीश पंवार स्थानीय नेपाली किसानों और आसपास के गांवों के किसानों से सीधे शुद्ध आर्गेनिक सब्जियां खरीदते हैं और उन्हें श्रीनगर के स्थानीय बाजार में उचित दामों पर उपलब्ध कराते हैं। इस मॉडल से किसानों को उनकी उपज का सही मूल्य मिलता है और उपभोक्ताओं तक ताज़ी, गुणवत्तापूर्ण सब्जियां पहुंचती हैं।

यहां आर्गेनिक सब्जियां आम लोगों की पहुंच में हैं 50 रुपये में मशरूम के दो पैकेट, 20 रुपये में राई की चार गड्डियां, साथ ही मूली और पहाड़ी मूला भी सस्ते और बेहतरीन दामों पर उपलब्ध हैं। गुणवत्ता और किफ़ायत—दोनों का संतुलन ही उनकी सबसे बड़ी पहचान है।

इस पहल से हरीश को अच्छा मुनाफ़ा मिल रहा है, और इससे बढ़कर वे अन्य युवाओं को स्वरोजगार अपनाने के लिए प्रेरित भी कर रहे हैं। उनका प्रयास दिखाता है कि सही सोच और स्थानीय संसाधनों के साथ आगे बढ़ा जाए तो गांव और बाजार—दोनों मज़बूत हो सकते हैं।

यह पहल केवल व्यापार नहीं, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त करने का एक ठोस कदम है। हमारा मानना है कि स्वरोजगार, आत्मनिर्भर भारत और स्वदेशी अपनाओ जैसे विचार तभी वास्तविकता बनेंगे, जब हम हरीश पंवार जैसे युवाओं का खुलकर समर्थन करेंगे और उनके प्रयासों को आगे बढ़ाएंगे।

Written by
Hill Mail

हिल-मेल का प्रयास जनमानस की आवाज को सही स्तर तक पहुंचाना है। हमने कोशिश की है कि हिल-मेल पहाड़ से जुड़े जनमानस के बीच एक मंच और एक अभियान के रूप में आगे बढ़े। हिल-मेल प्रयत्न कर रहा है कि हिमालय के आंचल में रोजाना की घटने वाली सामाजिक, आर्थिक, राजनीतिक, धार्मिक और दैवीय घटनाओं की जानकारी जल्दी से जल्दी लोगों को मिलती रहे।

Related Articles