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रक्षा मंत्री ने सेना कमांडरों के सम्मेलन के दौरान भारतीय सेना के अधिकारियों को किया संबोधित

रक्षा मंत्री ने पश्चिमी सीमाओं पर स्थिति का उल्लेख करते हुए कहा सीमा पार आतंकवाद के लिए भारतीय सेना की प्रतिक्रिया की सराहना की। उन्होंने कहा कि जम्मू-कश्मीर में आतंकवाद के खतरे से निपटने में केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (सीएपीएफ)/पुलिस बलों और सेना के बीच उत्कृष्ट तालमेल की मैं सराहना करता हूं।

सेना कमांडरों का वर्ष 2023 का पहला सम्मेलन, 17 अप्रैल 2023 को एक हाइब्रिड प्रारूप में शुरू हुआ। आयोजन के दौरान, भारतीय सेना का शीर्ष नेतृत्व मौजूदा सुरक्षा परिदृश्यों, सीमाओं के साथ-साथ अंदरूनी इलाकों में स्थिति और वर्तमान सुरक्षा व्यवस्था की चुनौतियों के सभी पहलुओं पर व्यापक विचार-विमर्श कर रहा है। इसके अलावा, सम्मेलन संगठनात्मक पुनर्गठन, रसद, प्रशासन और मानव संसाधन प्रबंधन से संबंधित मुद्दों पर भी ध्यान केंद्रित कर रहा है। सम्मेलन के तीसरे दिन का मुख्य आकर्षण रक्षा मंत्री, राजनाथ सिंह द्वारा भारतीय सेना के वरिष्ठ अधिकारियों को संबोधित किया जाना रहा। यह “राष्ट्र निर्माण में आर्टिफिशियल इंटैलीजेंस का योगदान“ पर आधारित था।

रक्षा मंत्री ने देश के सबसे भरोसेमंद और प्रेरक संगठनों में से एक के रूप में भारतीय सेना में अरबों से अधिक नागरिकों के विश्वास की फिर से पुष्टि की। उन्होंने आवश्यकता पड़ने पर नागरिक प्रशासन को सहायता प्रदान करने के अलावा हमारी सीमाओं की रक्षा करने और आतंकवाद से लड़ने में सेना द्वारा निभाई गई महत्वपूर्ण भूमिका पर प्रकाश डाला। रक्षा मंत्री ने यह भी कहा, “देश में स्थिर आंतरिक स्थिति को बनाए रखने के लिए सुरक्षा, उच्च उपलब्धता आपदा वसूली (एचएडीआर), चिकित्सा सहायता से हर क्षेत्र में सेना का योगदान सराहनीय है। भारतीय सेना की भूमिका राष्ट्र निर्माण के साथ-साथ समग्र राष्ट्रीय विकास में भी बहुत महत्वपूर्ण है।’’ उन्होंने सेना कमांडरों के सम्मेलन में उपस्थित होने पर प्रसन्नता व्यक्त की और राष्ट्र और माननीय प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की ’रक्षा और सुरक्षा’ की परिकल्पना को सफलतापूर्वक आगे बढ़ाने के लिए सैन्य नेतृत्व की सराहना की।

राजनाथ सिंह ने वर्तमान जटिल वैश्विक स्थिति पर बल दिया जो विश्व स्तर पर सभी को प्रभावित करती है। उन्होंने कहा, “हाइब्रिड युद्ध सहित गैर-परंपरागत और असममित युद्ध भविष्य के पारंपरिक युद्धों का हिस्सा होंगे। वर्तमान में साइबर, सूचना, संचार, व्यापार और वित्त सभी भविष्य के संघर्षों का एक अविभाज्य हिस्सा बन गए हैं। यह आवश्यक है कि सशस्त्र बलों को रणनीति बनाते और तैयार करते समय इन सभी पहलुओं को ध्यान में रखना होगा।”

रक्षा मंत्री ने पश्चिमी सीमाओं पर स्थिति का उल्लेख करते हुए सीमा पार आतंकवाद के लिए भारतीय सेना की प्रतिक्रिया की सराहना की। राजनाथ सिंह ने कहा कि हालांकि विरोधी द्वारा छद्म युद्ध जारी है। रक्षा मंत्री महोदय ने कहा “मैं जम्मू-कश्मीर में आतंकवाद के खतरे से निपटने में केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (सीएपीएफ)/पुलिस बलों और सेना के बीच उत्कृष्ट तालमेल की सराहना करता हूं। केंद्र शासित प्रदेश जम्मू-कश्मीर में समन्वित अभियान क्षेत्र में स्थिरता और शांति बढ़ाने में योगदान दे रहे हैं और इसे जारी रहना चाहिए और इसके लिए मैं फिर से भारतीय सेना की सराहना करता हूं।’’

राजनाथ सिंह ने हमारे जीवन के हर क्षेत्र में हो रही तकनीकी प्रगति पर बल दिया और सशस्त्र बलों को उपयुक्त रूप से शामिल करने के लिए उनकी सराहना की। उन्होंने प्रमुख शैक्षणिक संस्थानों सहित नागरिक उद्योगों के सहयोग से विशिष्ट तकनीकों को विकसित करने के लिए सेना के प्रयासों की सराहना की और इस तरह ’स्वदेशीकरण के माध्यम से आधुनिकीकरण’ या ’आत्मनिर्भरता’ के उद्देश्य की ओर बढ़ रहे हैं। उन्होंने इस बात पर भी बल दिया कि उपयोगकर्ता के रूप में हमें अपने उद्योगों और प्रौद्योगिकियों में अपना विश्वास स्थापित करना चाहिए जो उद्योग को सर्वश्रेष्ठ उत्पादन करने के लिए प्रेरित करेगा और साथ ही ’आत्मनिर्भरता’ की परिकल्पना को भी प्रोत्साहित करेगा।

रक्षा मंत्री ने भारतीय सेना की अधिकांश शाखाओं में स्थायी कमीशन और महिला अधिकारियों को शामिल करके ’महिला सशक्तिकरण’ की राष्ट्रीय परिकल्पना के प्रति समर्पित प्रयासों के लिए सेना की सराहना की। उन्होंने सेना में नई तैयार की गई भर्ती योजना ’अग्निवीर’ के कार्यान्वयन में सेना की सराहना की और साथ ही इसके लिए देश के युवाओं द्वारा दिखाए गए उत्साह की भी प्रशंसा की।

राजनाथ सिंह ने ‘ब्लू हेलमेट ओडेसी- शताब्दी में शांति स्थापना के कार्यों की बदलती रूपरेखा’ शीर्षक से भारतीय सेना संयुक्त राष्ट्र जर्नल का दूसरा संस्करण जारी किया। यह जर्नल वरिष्ठ सैन्य नेतृत्व और राजनयिकों द्वारा मिशन और दृष्टिकोण से सुझावों का संकलन है और भारतीय सेना के 75 वर्ष पूरे होने पर डाक टिकट एक स्मारक है। रक्षा मंत्री ने उच्च प्रौद्योगिकी, नवाचार, निगरानी के लिए समाधान, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, प्रशिक्षण, रोबोटिक्स, वर्चुअल रियलिटी, ऑपरेशनल लॉजिस्टिक्स आदि पर केंद्रित एक उपकरण प्रदर्शनी का भी अवलोकन किया।

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