महिला कांग्रेस की प्रदेश अध्यक्ष ज्योति रौतेला ने कहा कि उत्तराखंड में महिलाओं के साथ अत्याचार और उत्पीड़न की घटनाएं बढ़ रही है। इसलिए आज मुख्यमंत्री आवास घेराव करते हुए महिला सुरक्षा व अंकिता भंडारी को न्याय दिलाने की आवाज उठाई जा रही है।
राजधानी में कांग्रेस ने बीजेपी सरकार के खिलाफ हल्ला बोल किया। उत्तराखंड कांग्रेस की महिला प्रदेश अध्यक्ष ज्योति रौतेला के नेतृत्व में पार्टी की महिला कार्यकर्ताओं ने मुख्यमंत्री आवास कूच किया। हालांकि पुलिस ने कांग्रेस की महिला कार्यकर्ताओं को बैरिकेडिंग लगाकर पहले ही रोक लिया।
इस दौरान कुछ महिलाओं ने जबरदस्ती बैरिकेडिंग पर चढ़ विरोध प्रदर्शन भी किया। जबकि कुछ महिलाओं पर सड़क पर बैठक गई और सरकार के खिलाफ धरना देने लगी। सरकार के खिलाफ अपना विरोध जताने के लिए देहरादून महानगर महिला मोर्चा की अध्यक्ष और पूर्व पार्षद उर्मिला थापा प्रतीकात्मक कुंभकरण की वेशभूषा में नजर आई, ताकि कुंभकर्णी नींद में सोई सरकार को जगाया जा सके।
महिला कांग्रेस की प्रदेश अध्यक्ष ज्योति रौतेला ने कहा कि उत्तराखंड में महिलाओं के साथ अत्याचार और उत्पीड़न की घटनाएं बढ़ रही है। इसलिए आज मुख्यमंत्री आवास घेराव करते हुए महिला सुरक्षा व अंकिता भंडारी को न्याय दिलाने की आवाज उठाई जा रही है।
उन्होंने कहा कि प्रदेश के युवाओं के पास रोजगार नहीं है और महंगाई लगातार बढ़ती जा रही है। लेकिन भाजपा सरकार बीते 8 सालों से कुंभकर्णी नींद में सोई हुई है। ज्योति रौतेला का कहना है कि एक तरफ भाजपा सरकार 3 साल के कार्यकाल को बेमिसाल बता रही है, लेकिन दूसरी तरफ प्रदेश के लोग बेरोजगारी और महंगाई से त्रस्त हैं।
ज्योति रौतेला का आरोप है कि आज प्रदेश भर में महिलाएं सुरक्षित नहीं है। महिलाओं के साथ उत्पीड़न के मामले लगातार सामने आ रहे हैं, लेकिन सरकार इन घटनाओं को रोकने के लिए कोई कड़े कदम नहीं उठा रही है। महिला कांग्रेस अध्यक्ष का कहना है कि प्रधानमंत्री मोदी ने लोकसभा व विधानसभा में महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण देने का बिल पास किया, लेकिन अब तक इसे लागू नहीं किया गया।
इधर प्रदर्शन में शामिल हुई टिहरी गढ़वाल महिला कांग्रेस के जिला अध्यक्ष आशा रावत ने कहा कि प्रदेश की धामी सरकार तीन साल के कार्यकाल का जश्न मना रही है, लेकिन प्रदेश में बेरोजगारी और महंगाई बढ़ती जा रही है। उन्होंने कहा कि राज्य में महिलाओं के साथ उत्पीड़न की घटनाएं बढ़ रही है, लेकिन सरकार महिलाओं के साथ लगातार दुष्कर्म, अत्याचार और बलात्कार की घटनाओं पर अंकुश नहीं लगा पा रही है।
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