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डीएम सविन बंसल को मिला ‘लोकरत्न हिमालय सम्मान’

देहरादून के जिलाधिकारी सविन बंसल को ‘लोकरत्न हिमालय सम्मान’ से सम्मानित किया गया। यह सम्मान उन्हें पर्वतीय बिगुल सामाजिक-सांस्कृतिक संस्था द्वारा संस्था के 29वें स्थापना दिवस पर प्रदान किया गया।

असाधारण निर्णय क्षमता, जन सरोकारों के प्रति संवेदनशीलता और उत्कृष्ट कार्यशैली के लिए देहरादून के जिलाधिकारी सविन बंसल को ‘लोकरत्न हिमालय सम्मान’ से सम्मानित किया गया। यह सम्मान उन्हें पर्वतीय बिगुल सामाजिक-सांस्कृतिक संस्था द्वारा संस्था के 29वें स्थापना दिवस पर प्रदान किया गया।

सम्मान स्वरूप उन्हें पारंपरिक रणसिंघा, ढोल-दमाऊ का प्रतीक चिह्न, शाल और अभिनंदन पत्र भेंट किया गया। इस कार्यक्रम का आयोजन दून पुस्तकालय प्रेक्षागृह में हुआ, जहां लोक कलाकारों की प्रस्तुतियों ने सांस्कृतिक रंग भी बिखेरे। इस समारोह में पद्मश्री प्रीतम भरतवाण, सुप्रसिद्ध लोकगायिका मीना राणा, राज्य आंदोलनकारी मंच के अध्यक्ष जगमोहन नेगी, उत्तरांचल प्रेस क्लब के अध्यक्ष भूपेन्द्र कंडारी सहित अनेक गणमान्य व्यक्तियों ने जिलाधिकारी को सम्मानित किया।

जन सरोकारों में दिखती है डीएम की प्रतिबद्धता

समारोह में संस्था अध्यक्ष और प्रसिद्ध फिल्म निर्देशक प्रदीप भंडारी ने कहा कि डीएम सविन बंसल ने कार्यभार संभालते ही जनसेवा को अपना धर्म बना लिया। उन्होंने 132 बच्चों को भिक्षावृत्ति से मुक्त कर स्कूल भेजा, वरिष्ठ नागरिकों और दिव्यांगों के लिए ‘सारथी वाहन सेवा’ शुरू की, आईएसबीटी में जलभराव की समस्या का समाधान, विधवा महिला को बैंक के कर्ज से मुक्ति, भूमि विवादों का समाधान, और राज्य आंदोलनकारियों को सम्मान जैसे अनेक कार्य किए। लोकरत्न हिमालय सम्मान देने की शुरूआत 1997 में की गई थी और अभी तक इस संस्था ने यह सम्मान रस्किन बॉन्ड, नरेंद्र सिंह नेगी, प्रीतम भरतवाण, हरिदत्त भट्ट ‘शैलेश’ और कई पर्यावरणविदों को भी दे चुकी है।

सम्मान को जिम्मेदारी में बदला : जिलाधिकारी

सम्मान ग्रहण करते हुए जिलाधिकारी सविन बंसल ने कहा कि यह मेरे लिए उपलब्धि नहीं, बल्कि जन अपेक्षाओं पर खरा उतरने की जिम्मेदारी है। यह सम्मान मैं उन सभी अधिकारियों, कर्मचारियों, मीडिया प्रतिनिधियों और सामाजिक संस्थाओं को समर्पित करता हूं जो जनसेवा में जुटे हैं। उन्होंने कहा कि पब्लिक सर्विस केवल प्रशासनिक सेवा तक सीमित नहीं, बल्कि हर क्षेत्र में अपने नैतिक दायित्वों का निर्वहन ही सच्ची जनसेवा है।

सामाजिक विकारों पर जताई चिंता, लोकसंस्कृति से जोड़ने की बात

सविन बंसल ने समाज में तेजी से फैल रहे सामाजिक विकारों पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि बच्चों को घर-परिवार, बुजुर्गों और लोकसंस्कृति से जोड़ना जरूरी है। यही उनके व्यक्तित्व को मजबूत बनाती है।

इस अवसर पर नवोदित लोकगायिका मीना आर्य, लोकगायक हेमंत बुटोला एवं उनकी टीम ने पारंपरिक लोकगीतों की शानदार प्रस्तुतियों से वातावरण में पर्वतीय रंग घोल दिया। प्रेक्षागृह गणमान्य नागरिकों, समाजसेवियों एवं संस्था प्रमुखों से खचाखच भरा रहा। कार्यक्रम का संचालन मोहसिन अहमद ‘तन्हा’ और रवि सिंह ने किया।

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Hill Mail

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