कृषि एवं कृषक कल्याण मंत्री गणेश जोशी ने मंगलवार को हुई विभागीय समीक्षा बैठक में यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि गरीबों को हर माह पांच किलो गेहूं मिलता है। इसके स्थान पर चार किलो गेहूं और एक किलो मंडुवा दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि विद्यालयों में मिड डे मील और आंगनबाड़ी केंद्रों में दिए जाने वाले पौष्टिक आहार में भी मोटे अनाज शामिल किए जाएंगे, ताकि खपत बढ़ सके।
इस कड़ी में मंडुवा, रामदाना, झंगोरा जैसे मोटे अनाज पर विशेष ध्यान केंद्रित किया गया है। उन्होंने कहा कि मोटे अनाज के उत्पादन में बढ़ोतरी के लिए किसानों को प्रोत्साहित किया जा रहा है। ऐसे में खपत पर भी विशेष जोर है, क्योंकि किसान खपत के अनुसार ही पैदावार करता है।
किसानों के खेत से होगी खरीद
मोटे अनाज के किसानों को उचित दाम मिल सकें, इसके लिए मंडी समिति से बातचीत की गई है। मंडी समितियां मोबाइल वैन से सीधे किसानों के खेत में जाकर मंडुवा समेत अन्य मोटे अनाज खरीदें, इसकी व्यवस्था की जा रही है। इससे किसान बिचौलियों के चंगुल में आने से बचेंगे और उन्हें अच्छी आमदनी होगी। साथ ही इस पहल से किसान अधिक पैदावार के लिए प्रोत्साहित होंगे। मंत्री जोशी के अनुसार मोटे अनाज का अधिक प्रचार-प्रसार करने के साथ ही गुणवत्ता पर विशेष जोर दिया गया है।
10 दिन फील्ड भ्रमण करेंगे अधिकारी
कृषि एवं कृषक कल्याण मंत्री ने दोनों विभागों में बेहतर कार्य संस्कृति की जरूरत पर बल दिया। उन्होंने निर्देश दिए कि सचिव से लेकर विभागों के निदेशक हर माह 10-10 दिन फील्ड भ्रमण करेंगे।
हार्टी टूरिज्म के रूप में विकसित होंगे राजकीय उद्यान
कैबिनेट मंत्री जोशी ने अधिकारियों को राज्य में उद्यान विभाग के अधीन संचालित राजकीय उद्यानों को हार्टी टूरिज्म के रूप में विकसित करने के निर्देश दिए।
साथ ही रायवाला के गौहरीमाफी के राजकीय उद्यान गंगालहरी को पुष्पोत्पादन के सेंटर आफ एक्सीलेंस के रूप में विकसित करने संबंधी प्रोजेक्ट को छह माह में धरातल पर उतारने को कहा। साथ ही धनोल्टी को भी हार्टी टूरिज्म के रूप में विकसित करने पर विमर्श किया।


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