बैठक में भारत सरकार द्वारा गठित बोर्ड आफ ट्रेड की वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय की विभिन्न पहलों पर चर्चा की गई तथा राज्य सरकारों की निर्यात प्रतिस्पर्धात्मकता बढ़ाने हेतु सहयोग के सुदृढ क्षेत्रों की पहचान करने के लिए जो परिचर्चा रखी गई है, जिसमें उत्तराखंड राज्य का प्रतिनिधित्व कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी ने किया। बैठक के दौरान गणेश जोशी ने कहा कि सभी राज्यों को डोमेस्टिक मैन्यूफैक्चरिंग एवं निवांत के क्षेत्र में सक्रिय भागीदार बनाने की दिशा में जो पहल विगत दो वर्षों में प्रधानमंत्री के नेतृत्व में की गई है वह अभूतपूर्व है उत्तराखंड जैसे छोटे, नये एवं विपरीत भौगोलिक परिस्थिति वाले राज्यों के जनपदों को विनिर्माण एवं निर्यात हब बनाने की दिशा में कार्य करने के लिए एक नई ऊर्जा का संचार हुआ है।
राज्य के सभी 13 जिलों में DGFT (डारेक्टर जनरल आफ फॉरेन ट्रेड) के सहयोग से कार्यवाही पूर्ण कर ली है, राज्य द्वारा एक जिला दो उत्पाद योजना (ओटीटीपी) प्रख्यापित की गई है जिसके तहत राज्य के प्रत्येक जनपद से दो उत्पादों का चयन किया गया है। मंत्री जोशी ने कहा कि उत्तराखंड राज्य से निर्यात की अपार सम्भावनायें हैं, राज्य के निर्यातकों द्वारा विगत तीन वर्षों में कुल 46,444 करोड़ रूपये के वस्तु एवं सेवाओं का निर्यात विभिन्न देशों को किया गया। उत्तराखंड से निर्यात में योगदान देने वाले प्रमुख क्षेत्र फार्मास्यूटिकल्स, इंजीनियरिंग (ऑटोमोबाइल शामिल हैं), प्लास्टिक कृषि एवं सहकृषि हैं। हमारा लक्ष्य 30,000 करोड़ रुपये मूल्य की वस्तुओं के निर्यात को प्राप्त करना है जिसके लिए हम निरन्तर प्रयासरत हैं।
गणेश जोशी ने अनुरोध किया कि देहरादून में डीजीएफटी के क्षेत्रीय कार्यालय के साथ-साथ एक एक्सपोर्ट प्रमोशन सेल भी गठित की जाए, जिसमें फियो, एक्सपोर्ट प्रमोशन काउन्सिल के अधिकारी निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार उपलब्ध रहें। जनपद स्तर पर निर्यात सम्बन्धी प्रक्रिया की तकनीकी जानकारी का अभाव उत्पादकों एवं इससे संबंधित अधिकारियों में है, मंत्री ने अनुरोध करते हुए कहा कि डीजीएफटी द्वारा राज्य के सभी 13 जनपदों में एक्सपोर्ट एवेयरनेस सेमिनार आयोजित किये जाएं और निर्यात संबंधी तकनीकी जानकारी जनपदों को उपलब्ध कराई जाए। राज्य सरकार द्वारा देहरादून हवाई अड्डे को लम्बे समय से अंतर्राष्ट्रीय हवाई अडडे के रूप में उच्चीकृत करने की मांग की जा रही है। राज्य के व्यक्तियों का खाड़ी देशों में निरंतर आना-जाना होता है देहरादून से सिंगापुर तथा संयुक्त अरब अमीरात के लिए सीधी उड़ान सेवा आरम्भ करने से राज्य के पर्यटन एवं निर्यात में निश्चित ही वृद्धि होगी।
राज्य में पुष्पकृषि (Floriculture), मशरूम तथा अन्य फल एवं सब्जियों के निर्यात बढ़ाये जाने की पर्याप्त सम्भावनाएं हैं। अतः राज्य में ऐयर कारगो सेवा शुरू करवाने का कष्ट करें जिससे इस क्षेत्र के निर्यात को निश्चित ही प्रोत्साहन मिलेगा। लैंड पोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया बनबसा (लैंड कस्टम स्टेशन) को एक इंटीग्रेटेड चेक पोस्ट (आईसीपी) में अपग्रेड किया गया है, गणेश जोशी ने अनुरोध किया कि प्रोजेक्ट पर त्वरित गति से कार्य किया जाए, यह नेपाल के साथ हमारे व्यापार संबंधों को मजबूत करेगा और चंपावत के सीमावर्ती जिले से प्रवासन की समस्या को भी कम करेगा।


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