जनरल एनएस राजा सुब्रमणि ने संभाली देश के नए CDS की कमान

जनरल एनएस राजा सुब्रमणि ने संभाली देश के नए CDS की कमान

जनरल एनएस राजा सुब्रमणि ने देश के नए चीफ आफ डिफेंस स्टाफ (सीडीएस) के रूप में कार्यभार संभाल लिया। कार्यभार संभालने से पहले उन्होंने नेशनल वार मेमोरियल पर बलिदानियों को श्रद्धांजलि दी और उन्हें साउथ ब्लाक में ‘गार्ड आफ आनर’ दिया गया।

उत्तराखंड की वादियों और भारतीय सेना के इतिहास में जिस गढ़वाल राइफल्स के शौर्य की गूंज दुनिया भर में सुनाई देती है, आज उसी गौरवशाली रेजिमेंट के नाम एक और ऐतिहासिक उपलब्धि जुड़ गई है। जनरल एनएस राजा सुब्रमणि ने देश के नए चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (CDS) के रूप में कार्यभार संभाल लिया है।

30 मई 2026 को जनरल अनिल चौहान का कार्यकाल पूरा होने के बाद अब भारतीय सशस्त्र सेनाओं के रणनीतिक समन्वय की जिम्मेदारी जनरल सुब्रमणि के कंधों पर आ गई है। गढ़वाल राइफल्स से उनका जुड़ाव इस उपलब्धि को उत्तराखंड के लिए भी विशेष बना देता है।

 

जनरल एनएस राजा सुब्रमणि का गढ़वाल राइफल्स से संबंध चार दशक पुराना है। दिसंबर 1985 में भारतीय सैन्य अकादमी (IMA), देहरादून से पास आउट होने के बाद उन्हें गढ़वाल राइफल्स की 8वीं बटालियन में कमीशन मिला। एक युवा अधिकारी के रूप में उन्होंने इसी रेजिमेंट में नेतृत्व, अनुशासन और सैन्य कौशल की बारीकियां सीखीं।

दुर्गम पर्वतीय क्षेत्रों में सेवा और चुनौतीपूर्ण सैन्य अभियानों के अनुभव ने उनके नेतृत्व को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया। यही अनुभव और समर्पण उन्हें भारतीय सेना के सर्वोच्च नेतृत्व तक लेकर आया है।

देश के प्रति उनकी विशिष्ट सेवाओं के लिए उन्हें परम विशिष्ट सेवा मेडल (PVSM), अति विशिष्ट सेवा मेडल (AVSM), सेना मेडल (SM) और विशिष्ट सेवा मेडल (VSM) से सम्मानित किया जा चुका है।

CDS बनने से पहले वे राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद सचिवालय (NSCS) में सैन्य सलाहकार के रूप में कार्य कर चुके हैं। इसके अलावा वे जुलाई 2024 से जुलाई 2025 तक सेना के उप प्रमुख (Vice Chief of Army Staff) रहे तथा इससे पूर्व सेंट्रल कमांड के जनरल ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ की जिम्मेदारी संभाल चुके हैं।

एनडीए, आईएमए और किंग्स कॉलेज लंदन के पूर्व छात्र जनरल सुब्रमणि ने असम में ऑपरेशन राइनो सहित कई महत्वपूर्ण अभियानों में योगदान दिया है। उन्होंने पश्चिमी मोर्चे पर स्ट्राइक कोर की कमान संभाली और कजाकिस्तान में भारत के रक्षा अताशे के रूप में भी सेवाएं दीं।

पाकिस्तान और चीन मामलों के विशेषज्ञ माने जाने वाले जनरल सुब्रमणि ने कार्यभार ग्रहण करने से पहले राष्ट्रीय समर स्मारक पर शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की। इसके बाद साउथ ब्लॉक में उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर प्रदान किया गया।

नए CDS के रूप में उन्होंने स्पष्ट किया कि उनकी प्राथमिकताओं में तीनों सेनाओं के बीच संयुक्तता बढ़ाना, महत्वाकांक्षी थिएटराइजेशन मॉडल को आगे बढ़ाना तथा सशस्त्र बलों का आधुनिकीकरण शामिल है। उन्होंने कहा कि भारतीय सशस्त्र बल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘JAI’ विजन — Jointness (संयुक्तता), Atmanirbharta (आत्मनिर्भरता) और Innovation (नवाचार) — को आगे बढ़ाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध हैं।

देश की संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता की रक्षा के संकल्प को दोहराते हुए जनरल सुब्रमणि ने रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि सेना में स्वदेशी हथियार प्रणालियों के विकास, समावेशन और एकीकरण को और गति दी जाएगी।

गढ़वाल राइफल्स और उत्तराखंड के लिए यह निश्चित रूप से गर्व का क्षण है कि देश की सुरक्षा रणनीति का नेतृत्व अब एक ऐसे सैन्य अधिकारी के हाथों में है, जिसने अपने सैन्य जीवन की शुरुआत इसी गौरवशाली रेजिमेंट से की थी।

Hill Mail
ADMINISTRATOR
PROFILE

Leave a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked with *

विज्ञापन

[fvplayer id=”10″]

Latest Posts

Follow Us

Previous Next
Close
Test Caption
Test Description goes like this