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उत्तराखंड न्यूज़पौड़ी गढ़वालसरोकार

बमठी में खत्म हुआ गुलदार का आतंक, वन विभाग ने ढेर किया आदमखोर, लौटी राहत

पौड़ी जिले के बमठी गांव में आखिरकार उस गुलदार का आतंक समाप्त हो गया, जिसने पिछले कई दिनों से पूरे इलाके में भय का माहौल बना रखा था। वन विभाग की टीम ने देर रात कार्रवाई करते हुए गुलदार को मार गिराया। इस घटना के बाद गांव के लोगों ने राहत की सांस ली है। ग्रामीण लंबे समय से डर और असुरक्षा के माहौल में जी रहे थे।

बमठी गांव में बीती 23 अप्रैल को गुलदार ने एक महिला पर हमला कर उसे मौत के घाट उतार दिया था। इस दर्दनाक घटना के बाद पूरे गांव में दहशत फैल गई थी। महिलाएं जंगल में चारा-पत्ती लेने जाने से डरने लगी थीं, जबकि बच्चों का स्कूल जाना भी मुश्किल हो गया था। हालात इतने गंभीर हो गए थे कि क्षेत्र के स्कूलों को करीब दस दिनों तक बंद रखना पड़ा।

गुलदार को पकड़ने के लिए वन विभाग ने गांव और आसपास के जंगलों में पांच पिंजरे लगाए थे। इसके साथ ही विशेषज्ञ टीम लगातार गुलदार को ट्रैक्यूलाइज करने की कोशिश भी कर रही थी, लेकिन वह बेहद चालाक साबित हुआ और किसी भी जाल में नहीं फंसा। हालांकि 2 मई को एक अन्य गुलदार पिंजरे में कैद हुआ था, लेकिन इलाके में खतरा बरकरार रहा।

स्थिति की गंभीरता को देखते हुए वन विभाग ने गांव में विशेष निगरानी अभियान चलाया। बच्चों की सुरक्षा के लिए विभागीय टीम उन्हें वाहन से स्कूल छोड़ने और वापस लाने का कार्य भी कर रही थी। इससे अभिभावकों को कुछ राहत जरूर मिली, लेकिन गांव में भय का माहौल पूरी तरह खत्म नहीं हुआ था।

गढ़वाल वन प्रभाग के डीएफओ महातिम यादव ने बताया कि शुक्रवार देर रात टीम ने गुलदार को शूट कर दिया। उन्होंने कहा कि मारा गया नर गुलदार घायल भी था और उसके एक पैर में चोट के निशान मिले हैं। गुलदार का पोस्टमार्टम कराया गया है और रिपोर्ट आने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि वही आदमखोर था या नहीं।

गुलदार के मारे जाने के बाद बमठी गांव में अब धीरे-धीरे सामान्य स्थिति लौटने लगी है। ग्रामीणों को उम्मीद है कि अब उनके बच्चे बिना डर स्कूल जा सकेंगे और महिलाएं फिर से अपने रोजमर्रा के काम सामान्य तरीके से कर पाएंगी। हालांकि लोगों ने वन विभाग से क्षेत्र में लगातार निगरानी बनाए रखने की मांग भी की है, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।

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Hill Mail

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