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युवाओं के लिए स्वरोजगार का बेहतर जरिया बन रही है होम स्टे योजना

उत्तराखंड पर्यटन विभाग द्वारा संचालित दीनदयाल उपाध्याय गृह आवास (होम स्टे) योजना राज्य में युवाओं के लिए स्वरोजगार का सशक्त माध्यम बनती जा रही है। खासकर चमोली जनपद में, जहां अब तक 169 युवा इस योजना से जुड़कर अपने गांवों में ही होम स्टे का सफल संचालन कर रहे हैं, इससे न केवल रोजगार मिला है, बल्कि पलायन पर भी प्रभावी रोक लगी है।

होम स्टे योजना की शुरुआत और उद्देश्य

वर्ष 2018 में शुरू की गई यह योजना राज्य के ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों में पर्यटन गतिविधियों को बढ़ावा देने तथा स्थानीय युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से शुरू की गई थी। इसके तहत पात्र आवेदकों को 50% अनुदान के साथ ऋण सुविधा, सालाना ₹1.5 लाख तक का ब्याज अनुदान, प्रशिक्षण कार्यक्रम, घर पर ही पर्यटकों को आवासीय सुविधा देने की छूट प्रदान की जाती है। यह योजना खास तौर पर उन क्षेत्रों में कारगर रही है, जहां पारंपरिक रोजगार के अवसर सीमित हैं।

चमोली में योजना की प्रगति (2018-2025)

चमोली जिले में होम स्टे योजना के तहत वर्ष 2018 से अब तक कुल 169 युवाओं को लाभ मिला है:

वित्तीय वर्ष                                   लाभार्थियों की संख्या
2018-19                                                  2
2019-20                                                  17
2020-21                                                  27
2021-22                                                  14
2022-23                                                  35
2023-24                                                  32
2024-25                                                  31
2025-26 (अभी तक)                                 11

होम स्टे से जुड़ते गांव और क्षेत्र

योजना से लाभ लेकर युवा अब जिले के दूरस्थ और पर्यटन संभावनाओं से भरपूर क्षेत्रों जैसे उर्गम घाटी, वांण, जोशीमठ, बदरीनाथ धाम और बेनीताल में होम स्टे का संचालन कर रहे हैं। इससे न केवल स्थानीय अर्थव्यवस्था को बल मिला है, बल्कि पर्यटकों को भी सुलभ और सस्ती आवासीय सुविधा उपलब्ध हो रही है।

पर्यटन विभाग का सहयोग और प्रशिक्षण

जिला पर्यटन अधिकारी अरविंद गौड़ के अनुसार, लाभार्थियों को होम स्टे निर्माण के लिए सरकार की ओर से 50% तक अनुदान, ऋण पर ब्याज अनुदान, संचालन से पहले एवं बाद में नियमित प्रशिक्षण, मार्केटिंग और प्रमोशन में सहयोग प्रदान किया जा रहा है, जिससे योजना का लाभ व्यावहारिक और दीर्घकालिक रूप से मिल सके।

होम स्टे योजना में भागीदारी की प्रक्रिया ऑनलाइन आवेदन पर्यटन विभाग की वेबसाइट पर करें। आवेदन पत्र की हार्डकॉपी संबंधित पर्यटन विकास अधिकारी (टीडीओ) कार्यालय में जमा करें। स्थानीय निकाय या ग्राम प्रधान से अनापत्ति प्रमाण-पत्र (NOC) प्राप्त करें। दस्तावेजों की जांच और प्रक्रिया की समाप्ति के बाद 30 दिनों के भीतर पंजीकरण पूरा किया जाएगा।

उत्तराखंड की होम स्टे योजना न केवल पर्यटन को बढ़ावा दे रही है, बल्कि गांवों में रहने वाले युवाओं को घर पर ही रोज़गार उपलब्ध करा रही है। यह मॉडल उन पहाड़ी राज्यों के लिए प्रेरणा है, जहां पलायन और बेरोजगारी बड़ी समस्या रही है। चमोली जैसे जिले में 169 होम स्टे का संचालन इस बात का प्रमाण है कि सकारात्मक सरकारी नीति, सही दिशा और स्थानीय भागीदारी से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती दी जा सकती है।

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Hill Mail

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