मंडुवा का न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) बढ़ा
उत्तराखंड के सहकारिता मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने जानकारी देते हुए बताया कि सरकार ने मंडुवा के समर्थन मूल्य को बढ़ाकर ₹48.86 प्रति किलो (₹4886 प्रति क्विंटल) कर दिया है। यह मूल्य वृद्धि किसानों के हित में उठाया गया एक ऐतिहासिक कदम है। पिछले वर्ष मंडुवा की खरीद ₹42.90 प्रति किलो के दर से हुई थी, जबकि कुछ साल पहले यह मूल्य महज ₹18 प्रति किलो था।
प्रदेशभर में 211 खरीद केंद्र
राज्य के विभिन्न जिलों में कुल 211 सहकारी समितियों को मंडुवा खरीद केंद्र के रूप में अधिसूचित किया गया है। इनकी जिलेवार संख्या इस प्रकार है:
- अल्मोड़ा – 43 केंद्र
- टिहरी – 30 केंद्र
- पिथौरागढ़ – 24 केंद्र
- चमोली – 22 केंद्र
- पौड़ी – 17 केंद्र
- नैनीताल – 17 केंद्र
- बागेश्वर – 13 केंद्र
- उत्तरकाशी – 13 केंद्र
- रुद्रप्रयाग – 10 केंद्र
- देहरादून – 3 केंद्र
इन केंद्रों पर 1 अक्टूबर 2025 से मंडुवा की खरीद शुरू हो चुकी है।
इस वर्ष 50,000 क्विंटल खरीद का लक्ष्य
राज्य सहकारी संघ ने वर्ष 2025-26 के लिए मंडुवा खरीद का 50,000 क्विंटल का महत्वाकांक्षी लक्ष्य निर्धारित किया है, जो कि पिछले वर्ष खरीदे गए 31,640 क्विंटल से लगभग 19,000 क्विंटल अधिक है। यह लक्ष्य इस बात को दर्शाता है कि राज्य सरकार मिलेट उत्पादन और उपज बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध है।
किसानों को मिलेगा सीधा लाभ
मंडुवा की खरीद से न केवल किसानों को उचित मूल्य मिलेगा, बल्कि उन्हें आर्थिक सुरक्षा भी मिलेगी। सहकारिता मंत्री ने कहा, “मंडुवा खरीद का यह अभियान किसानों की मेहनत का सम्मान है और उत्तराखंड की जैविक कृषि को बढ़ावा देने की दिशा में एक मजबूत कदम है। हमारी कोशिश है कि ‘लोकल से ग्लोबल’ की सोच को ज़मीन पर उतारा जाए।”
साथ ही सरकार ने खरीद केंद्रों को प्रति क्विंटल खरीद पर ₹100 अतिरिक्त प्रोत्साहन राशि देने का भी निर्णय लिया है, ताकि खरीद प्रक्रिया को और अधिक सक्रिय एवं प्रभावी बनाया जा सके।
पोषण और पर्यावरण दोनों के लिए फायदेमंद
मंडुवा को एक सुपरफूड माना जाता है, जिसमें भरपूर मात्रा में कैल्शियम, आयरन, प्रोटीन और फाइबर होता है। यह ग्लूटेन-फ्री होता है, इसलिए मधुमेह और हृदय रोगियों के लिए बेहद लाभकारी है। यह फसल पर्यावरण के लिए भी अनुकूल है:
- कम पानी की जरूरत
- पर्वतीय जलवायु में आसान खेती
- मिट्टी की उर्वरता बनाए रखने वाला
- ऑर्गेनिक प्रकृति
राज्य के मिलेट्स की बढ़ती वैश्विक पहचान
डॉ. धन सिंह रावत ने यह भी बताया कि उत्तराखंड में उत्पादित ऑर्गेनिक मंडुवा और अन्य मिलेट्स की देश-विदेश में मांग बढ़ रही है। राज्य सहकारी संघ ने इन उत्पादों की ब्रांडिंग और मार्केटिंग के लिए एक व्यापक रोडमैप तैयार किया है, ताकि इन फसलों को अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी पहुंचाया जा सके।
उत्तराखंड सरकार का यह कदम न केवल किसानों की आमदनी में वृद्धि करेगा, बल्कि स्थानीय उत्पादों को वैश्विक पहचान देने की दिशा में भी मील का पत्थर साबित होगा। मंडुवा जैसी पौष्टिक और पर्यावरण-अनुकूल फसल को समर्थन मूल्य पर खरीदने से जैविक खेती, स्वस्थ जीवनशैली और सतत विकास को भी बल मिलेगा।


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