हिल मेल के चर्चित ऑनलाइन शो ‘ई-रैबार’ में 15 मई को ‘प्रवासियों की वापसी, क्या हैं चुनौतियां’ इस विषय पर चर्चा हुई। आईजी गढ़वाल रेंज अजय रौतेला (ig garhwal ajay rautela) ने मौजूदा संकट में प्रशासन के सामने आ रही चुनौतियों के हर पहलू को सामने रखा। मॉडरेटर की भूमिका में थे वरिष्ठ पत्रकार अनुराग पुनेठा। आईडी गढ़वाल रेंज ने बताया कि आज तक गढ़वाल रेंज में 48 हजार प्रवासी आ चुके हैं। इसमें कुछ सरकारी बसों, ट्रेनों से और कुछ प्राइवेट गाड़ियों से आए हैं।
एंट्री गेट्स पर क्या दिक्कत
उन्होंने कहा कि सभी एंट्री पॉइंट पर स्क्रीनिंग की जा रही है। जो SRTC या अन्य सरकारी बसों से आ रहे हैं उनके साथ दिक्कत नहीं है क्योंकि टाइमिंग और लिस्ट पता है। लेकिन जो प्राइवेट गाड़ियों से आ रहे हैं और स्थानीय प्रशासन से अनुमति लेकर आ रहे हैं तो वे ऑड टाइम पर पहुंच रहे हैं, भीड़ हो रही है और ऐसे में जांच आदि कराने में दिक्कत हो रही है।
समझिए कैसे होती है जांच
उन्होंने कहा कि गृह मंत्रालय के दिशानिर्देश के अनुसार चेकिंग की जा रही है। जो व्यक्ति जहां से आ रहा है उसके पास वहां के जिलाधिकारी से परमिशन होनी चाहिए उसमें आधार नंबर, गाड़ी का नंबर आदि की जानकारी होती है। बस और ट्रेन से आने वालों के संबंध में हमें संबंधित राज्य से पहले ही लिस्ट दे दी जाती है, जिससे काम आसान रहता है। जितने बॉर्डर पॉइंट्स हैं वहां से स्क्रीनिंग होती है और आगे पास करने के बाद उनके जिले को भी डाटा भेज देते हैं।
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सामाजिक दूरी के पालन में थोड़ी लापरवाही
IG ने कहा कि बॉर्डर पर चेक करने के बाद व्यक्ति के संबंधित जिले में प्रवेश करते समय भी चेकअप होता है। IG ने कहा कि जिनमें लक्षण पाए जाते हैं उन्हें आइसोलेट कर जांच की जाती है और क्वारंटीन किया जाता है। चुनौतियों के बाबत पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि सोशल डिस्टेंसिंग का पालन कराने में पुलिस को ज्यादा प्रयास करने पड़ रहे हैं। लोग सब्जी मंडी या फिर कार में इसका पालन नहीं करते हैं। देहरादून में हनुमान चौक पर अचानक भीड़ बढ़ जाती थी, ऐसे में अब टाइमिंग अलग-अलग कर दी गई हैं।
कार्यक्रम में कुमाऊं रेंज के डीआईजी जगत राम जोशी को भी आना था लेकिन वह किसी जरूरी काम से शामिल नहीं हो सके।
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