Saturday , 5 September 2026
Home उत्तराखंड न्यूज़ देहरादून सेना को मिले 333 अधिकारी, बाहरी खतरों पर आर्मी चीफ का कैडेटों को बड़ा संदेश
देहरादूनउत्तराखंड न्यूज़देश-विदेशहमारी फ़ौज

सेना को मिले 333 अधिकारी, बाहरी खतरों पर आर्मी चीफ का कैडेटों को बड़ा संदेश

देहरादून में भारतीय सैन्य अकादमी (IMA) में आज पासिंग आउट परेड के बाद भारतीय सेना को 333 अधिकारी मिले। यह परेड ऐसे समय में हुई है जब चीन और पाकिस्तान बॉर्डर पर तनाव के साथ ही पूरा देश कोरोना वायरस जैसे अदृश्य दुश्मन से लड़ रहा है। थल सेनाध्यक्ष जनरल मनोज मुकुंद नरवणे ने बतौर निरीक्षण अधिकारी गरिमामय परेड की सलामी ली। ऐसे मुश्किल वक्त में जेंटलमैन कैडेटों को संबोधित करते हुए जनरल मनोज मुकुंद नरवणे ने उन्हें जोश और ऊर्जा से भर दिया।

पासिंग आउट कोर्स के हरफनमौला जेंटलमैन कैडेट आकाशदीप सिंह ढिल्लो को प्रतिष्ठित सोर्ड ऑफ ऑनर और ऑर्डर ऑफ मेरिट में प्रथम स्थान प्राप्त करने पर कैडेट शिव कुमार चौहान को गोल्ड मेडल से नवाजा गया है।

शनिवार सुबह को आईएमए के ड्रिल स्क्वायर पर आयोजित 146वें रेग्यूलर कोर्स और समानांतर कोर्सों की पासिंग आउट परेड में कदमताल करते हुए 423 युवा जांबाज पास आउट होकर बतौर सैन्य अधिकारी देश—विदेश की सेना में शामिल हो गए हैं। कोरोना संकट के चलते इस बार परेड सादगी से हुई। सभी जेंटलमैन कैडेट मास्क पहनकर परेड में शामिल हुए। कैडेटों के स्वजन को भी पीओपी देखने के लिए अकादमी में आने की अनुमति नहीं थी।

सेना प्रमुख जनरल नरवणे ने अकादमी के कमांडेंट ले. जनरल जयवीर सिंह नेगी के साथ परेड का निरीक्षण कर पासिंग आउट बैच के जेंटलमैन कैडेटों से सलामी ली। इस अवसर पर उन्होंने युवा अफसरों से चरित्र, अनुशासन व सत्यनिष्ठा के साथ नई जिम्मेंदारियों के प्रति सजग रहने का आह्वान किया। पासिंग आउट बैच के जेंटलमैन कैडेटों को संबोधित करते हुए सेना प्रमुख ने कहा कि वैश्विक स्तर पर भारतीय सेना की अपनी अलग पहचान है। सेना की इस परंपरा को बनाए रखने की जिम्मेदारी युवा अफसरों की है। उन्होंने कैडेट्स से सैन्य अधिकारी बनने जा रहे युवाओं से पूरी निष्ठा, लग्न व समर्पण के साथ देश की सेवा करने का आह्वान भी किया।

 

आर्मी चीफ ने कहा कि कोई अकेले विजयी नहीं होता है, टीम जंग जीतती है। इस मुश्किल समय में हमारे देश की सुरक्षा, सम्मान और कल्याण मिलिट्री लीडर्स की क्षमता पर निर्भर करती है। आप पर देशवासियों को भरोसा है और उसके लिए आपको कड़ी मेहनत करनी होगी। आपके पास बाहरी खतरों से निपटने की चुनौती तो है ही, साथ ही देश के भीतर अस्थिरता पैदा करने की कोशिश करने वालों को भी रोकना है।

उन्होंने कहा कि जब देश बाहरी और आंतरिक खतरों से सुरक्षित रहता है तभी खुशहाल होता है और नागरिक सुरक्षित रहते हैं। इसके लिए आपको टैक्टिकल और ऑपरेशनल डोमेन में फैसले लेने होंगे। ऐसे में आपको अपनी शपथ याद रखनी होगी, जो आपने ली है। उन्होंने आगे कहा कि हम जो भी करते हैं वह अपने देशवासियों की भलाई के लिए करते हैं। हम ऐसी सेना हैं जो लोगों के लिए है।

 

जेंटलमैन कैडेट को संबोधित करते हुए आर्मी चीफ ने कहा कि जवान अपने देश और परिवार का नाम रोशन करें। जाति-धर्म से ऊपर उठकर काम करें। जनरल नरवणे ने कहा कि सेना किसी से भेदभाव नहीं करती है। देश को सेना पर पूरा भरोसा है। आर्मी चीफ जनरल नरवणे ने कैडेटों के परिवार से कहा कि कल तक ये आपके बच्चे थे, कल से ये हमारे हैं। सुख हो या दुख हो, हम हमेशा एक साथ रहेंगे।

 

 

इससे पहले, आर्मी ट्रेनिंग कमांड के जीओसी-इन-सी लेफ्टिनेंट जनरल राज शुक्ला ने भी पासिंग आउट परेड में जेंटलमैन कैडेट्स की सलामी ली। आपको बता दें कि कोरोना संक्रमण के चलते इस बार परेड में कैडेटों ने मास्क पहने हुए थे और 2 गज दूरी के नियम का भी पालन किया गया।

 

परेड के बाद निजाम पैवेलियन में आयोजित पीपिंग और शपथ समारोह में शिरकत करने के बाद सभी युवा बतौर लेफ्टिनेंट अपने—अपने देश की सेना की मुख्यधारा में शामिल हो गए हैं। कोरोना के चलते इस बार पासिंग आउट परेड में कैडेटों के परिवार को भी नहीं बुलाया गया था। ये जिम्मेदारी आईएमए के अधिकारियों और उनके परिवारों ने पूरी की।

 

पीओपी में रहा इनका जलवा

सोर्ड ऑफ ऑनर
आकाशदीप सिंह ढिल्लो

स्वर्ण पदक
शिव कुमार सिंह चौहान

रजत पदक
सक्षम राणा

कांस्य पदक
सूरज सिंह

श्रेष्ठ विदेशी कैडेट
दोन वॉन सोन (वियतनाम)

Written by
Hill Mail

हिल-मेल का प्रयास जनमानस की आवाज को सही स्तर तक पहुंचाना है। हमने कोशिश की है कि हिल-मेल पहाड़ से जुड़े जनमानस के बीच एक मंच और एक अभियान के रूप में आगे बढ़े। हिल-मेल प्रयत्न कर रहा है कि हिमालय के आंचल में रोजाना की घटने वाली सामाजिक, आर्थिक, राजनीतिक, धार्मिक और दैवीय घटनाओं की जानकारी जल्दी से जल्दी लोगों को मिलती रहे।

1 Comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Related Articles

प्रेशर हॉर्न पर अब सख्ती, दूसरी बार पकड़े जाने पर ₹10 हजार चालान

उत्तराखंड में वाहनों में प्रेशर हॉर्न लगाने और उनका अनावश्यक इस्तेमाल करने...