Wednesday , 30 September 2026
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कालिंदी खाल रेस्क्यू अभियान जारी, SDRF ने संभाला मोर्चा; अब तक 15 ट्रेकर्स सुरक्षित निकाले

उत्तरकाशी जिले के दुर्गम कालिंदी खाल ट्रैक में फंसे ट्रेकर्स को सुरक्षित बाहर निकालने के लिए रेस्क्यू अभियान लगातार जारी है। मंगलवार सुबह मौसम और परिस्थितियों का आकलन करने के बाद बचाव अभियान दोबारा शुरू किया गया। SDRF समेत विभिन्न रेस्क्यू एजेंसियों की टीमें ट्रेकर्स तक पहुंचने और उन्हें सुरक्षित स्थान तक लाने के लिए लगातार प्रयास कर रही हैं।

 

सेनानायक SDRF श्री अर्पण यदुवंशी के निर्देशानुसार SDRF की टीमें रेस्क्यू अभियान में पूरी सक्रियता के साथ जुटी हुई हैं। अभियान के दौरान टीमों के सामने दुर्गम भौगोलिक परिस्थितियां और कठिन ट्रैकिंग मार्ग बड़ी चुनौती बने हुए हैं। इसके बावजूद बचाव दल समन्वय के साथ आगे बढ़ रहा है और फंसे हुए सभी ट्रेकर्स को सुरक्षित निकालने का प्रयास किया जा रहा है।

मंगलवार, 29 सितंबर को रेस्क्यू अभियान के दौरान चार और व्यक्तियों को सकुशल बाहर निकाला गया। बचाव में लगी अन्य एजेंसियों के साथ समन्वय करते हुए SDRF टीम ने इन चार व्यक्तियों को सुरक्षित निकालकर हर्षिल हेलीपैड पहुंचाया। यहां से उन्हें आवश्यक सहायता उपलब्ध कराने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा रही है। चार और लोगों के सुरक्षित निकलने के बाद कालिंदी खाल क्षेत्र से अब तक कुल 15 व्यक्तियों को सुरक्षित रेस्क्यू किया जा चुका है।

रेस्क्यू अभियान की सफलता में विभिन्न एजेंसियों के बीच बेहतर समन्वय अहम भूमिका निभा रहा है। दुर्गम क्षेत्र होने के कारण अभियान को चरणबद्ध तरीके से आगे बढ़ाया जा रहा है। बचाव दल लगातार ट्रेकर्स की स्थिति का आकलन कर रहा है और उपलब्ध संसाधनों के आधार पर सुरक्षित निकासी की रणनीति तैयार की जा रही है।

इसी क्रम में माउंट जॉगिंग क्षेत्र की रेकी के लिए SDRF के दो जवानों को भी रवाना किया गया है। रेकी टीम का उद्देश्य क्षेत्र की भौगोलिक स्थिति, रास्ते की स्थिति और संभावित सुरक्षित मार्गों का आकलन करना है। टीम क्षेत्र का निरीक्षण कर रेस्क्यू अभियान के लिए जरूरी जानकारी जुटाएगी। इसके आधार पर आगे की बचाव कार्रवाई को अधिक सुरक्षित और प्रभावी तरीके से संचालित करने में मदद मिलेगी।

कालिंदी खाल ट्रैक उत्तरकाशी जिले के उच्च हिमालयी और कठिन भौगोलिक क्षेत्रों में शामिल है। ऐसे इलाकों में रेस्क्यू अभियान के दौरान मौसम, ऊंचाई, दुर्गम रास्ते और सीमित पहुंच जैसी परिस्थितियां बचाव दल के लिए चुनौती पैदा करती हैं। इसलिए अभियान में शामिल जवानों और अन्य एजेंसियों को परिस्थितियों के अनुरूप सावधानीपूर्वक आगे बढ़ना पड़ रहा है।

SDRF की टीमें शेष ट्रेकर्स को भी सुरक्षित निकालने के लिए लगातार अभियान चला रही हैं। रेस्क्यू दलों की प्राथमिकता सभी फंसे हुए लोगों तक पहुंचना और उन्हें सुरक्षित स्थान पर लाना है। इसके लिए जमीन के साथ-साथ जरूरत के अनुसार हेलीपैड और हवाई संसाधनों का भी इस्तेमाल किया जा रहा है।

अधिकारियों के निर्देशन में बचाव अभियान की प्रगति पर लगातार नजर रखी जा रही है। रेस्क्यू टीमों द्वारा क्षेत्र की स्थिति और ट्रेकर्स की उपलब्ध जानकारी के आधार पर आगे की कार्रवाई की जा रही है। मंगलवार को चार और लोगों के सुरक्षित निकाले जाने से अभियान को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण सफलता मिली है।

फिलहाल शेष ट्रेकर्स की सुरक्षित निकासी के लिए अभियान जारी है। SDRF और अन्य रेस्क्यू एजेंसियां संयुक्त रूप से अभियान को आगे बढ़ा रही हैं। बचाव दल दुर्गम परिस्थितियों के बीच सावधानी और समन्वय के साथ काम कर रहा है, ताकि सभी ट्रेकर्स को सुरक्षित बाहर निकाला जा सके।

Written by
Hill Mail

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