Saturday , 5 September 2026
Home उत्तराखंड न्यूज़ पौड़ी गढ़वाल कोरोना काल में फिर न हो संकट, ONGC ने पौड़ी के सतपुली और कोट CHC में लगाया ऑक्सीजन प्लांट
पौड़ी गढ़वालउत्तराखंड न्यूज़

कोरोना काल में फिर न हो संकट, ONGC ने पौड़ी के सतपुली और कोट CHC में लगाया ऑक्सीजन प्लांट

कोरोना की दूसरी लहर में उत्तराखंड ही नहीं, पूरे देश में ऑक्सीजन का घोर संकट पैदा हो गया था। ऐसे में कोरोना केस कम होने के बाद उस दिशा में गंभीर प्रयास हो रहे हैं, जिससे भविष्य वह संकट दोबारा पैदा न हो। पौड़ी जिले के सतपुली सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र और विकास खंड कोट के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में ऑक्सीजन जनरेशन प्लांट लगाया गया है। इससे एक बार में 20 लोगों को एक साथ ऑक्सीजन दी जा सकती है।

कोरोना की दूसरी लहर ने जिस तरह से समूचे विश्व को घुटनों पर ला दिया, इसी बात को ध्यान में रखते हुए संस्थाओं ने ओएनजीसी के सहयोग से ये ऑक्सीजन जनरेशन प्लांट लगवाया है। इन तैयारियों से कोरोना की तीसरी लहर से बचाव होगा। साथ ही भविष्य में इस तरह की किसी आपदा से लड़ने में मदद मिलेगी।

हरियाणा के फरीदाबाद जिले की प्रमुख संस्था संभार्य फाउंडेशन व सोनू नव चेतना फाउंडेशन ने कार्य सुचारू रूप से समयानुसार किया है। अभिषेक देशवाल और डॉ दुर्गेश ने बताया कि इस कार्य को करने के लिए विशेष तौर पर ओएनजीसी फाउंडेशन का सहयोग रहा। संस्थाओं ने दोनों जगह 45 एलपीएम और 8 एलपीएम कम्प्रेसर ऑक्सीजन जनरेशन मशीन लगवाई है।

इस कार्य की मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत ने भी सराहना की है और संस्थाओं को अपना हरसंभव सहयोग देने का आश्वासन दिया। इसके साथ-साथ संस्था द्वारा पौढ़ी के बौन्सरी व घीड़ी गांव के मुख्य चौराहों पर लाइट लगाई गई और दोनों गांव के कुछ जरूरतमंद परिवारों को राशन भी दिया गया।

विधायक मुकेश कोली ने बताया कि सतपुली और कोट ब्लॉक में लगे इस ऑक्सीजन प्लांट से आसपास के ग्रामीण क्षेत्र के लोगों को बहुत फायदा मिलेगा। अब उन्हें शहर की तरफ नहीं भागना पड़ेगा। स्थानीय प्रशासन, जन प्रतिनिधियों और लोगों ने इस कार्य के लिए ओएनजीसी के चेयरमैन सुभाष कुमार, डायरेक्टर एचआर श्रीमती अलका व इडी पार्थिबन, विजयराज व मनोज भरतवाल के साथ-साथ दोनों संस्थाओं के संस्थापक डॉ. दुर्गेश व अभिषेक देशवाल का ह्रदय से आभार प्रकट किया।

Written by
Hill Mail

हिल-मेल का प्रयास जनमानस की आवाज को सही स्तर तक पहुंचाना है। हमने कोशिश की है कि हिल-मेल पहाड़ से जुड़े जनमानस के बीच एक मंच और एक अभियान के रूप में आगे बढ़े। हिल-मेल प्रयत्न कर रहा है कि हिमालय के आंचल में रोजाना की घटने वाली सामाजिक, आर्थिक, राजनीतिक, धार्मिक और दैवीय घटनाओं की जानकारी जल्दी से जल्दी लोगों को मिलती रहे।

Leave a comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Related Articles

प्रेशर हॉर्न पर अब सख्ती, दूसरी बार पकड़े जाने पर ₹10 हजार चालान

उत्तराखंड में वाहनों में प्रेशर हॉर्न लगाने और उनका अनावश्यक इस्तेमाल करने...