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राष्ट्रीय मंच पर चमका पौड़ी का शिक्षा मॉडल, दो शिक्षा अधिकारियों को मिला राष्ट्रीय सम्मान

उत्तराखंड के पौड़ी गढ़वाल जिले ने शिक्षा के क्षेत्र में एक बार फिर राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बनाई है। शैक्षिक प्रशासन में नवाचार, बेहतर कार्यप्रणाली और शिक्षा व्यवस्था में सकारात्मक बदलाव के लिए जिले के दो शिक्षा अधिकारियों को प्रतिष्ठित राष्ट्रीय सम्मान से सम्मानित किया गया है। इस उपलब्धि को जिले के शिक्षा जगत के लिए गौरवपूर्ण क्षण माना जा रहा है।

नई दिल्ली स्थित राष्ट्रीय शैक्षिक योजना एवं प्रशासन संस्थान की ओर से आयोजित दो दिवसीय राष्ट्रीय सम्मेलन में जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (डायट) चड़ीगांव के प्राचार्य स्वराज सिंह तोमर तथा खंड शिक्षा अधिकारी बीरोंखाल वर्षा भारद्वाज को राष्ट्रीय स्तर पर सम्मानित किया गया। नई दिल्ली के अकादमिक भवन में आयोजित सम्मान समारोह में मुख्य अतिथि, पूर्व एनसीईआरटी निदेशक और पद्मश्री से सम्मानित प्रो. जे.एस. राजपूत ने दोनों अधिकारियों को प्रशस्ति पत्र प्रदान किए।

यह राष्ट्रीय सम्मेलन 2 और 3 सितंबर को आयोजित किया गया था, जिसमें देशभर से जिला एवं विकासखंड स्तर के कुल 84 शिक्षा अधिकारियों ने प्रतिभाग किया। सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य शिक्षा प्रशासन में जमीनी स्तर पर किए जा रहे नवाचारों को साझा करना, उनकी प्रभावशीलता को सामने लाना और शिक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाने वाली कार्यप्रणालियों को प्रोत्साहित करना था।

पौड़ी जिले के दोनों अधिकारियों का चयन शैक्षिक प्रशासन के क्षेत्र में किए गए उल्लेखनीय कार्यों और नवाचारों के आधार पर हुआ। राष्ट्रीय स्तर पर मिला यह सम्मान उन प्रयासों की पहचान माना जा रहा है, जिनके माध्यम से विद्यालयी शिक्षा में बेहतर वातावरण तैयार करने और विद्यार्थियों के शैक्षिक विकास को गति देने का प्रयास किया जा रहा है।

शिक्षा विभाग के अनुसार जिले में विद्यालयों की शैक्षिक गुणवत्ता सुधारने के साथ-साथ शिक्षक क्षमता को मजबूत करने, तकनीकी संसाधनों के प्रभावी इस्तेमाल और सामुदायिक सहभागिता को बढ़ावा देने पर लगातार जोर दिया जा रहा है। शिक्षा प्रशासन में स्थानीय जरूरतों के अनुरूप नवाचारों को अपनाने और उन्हें प्रभावी तरीके से लागू करने के प्रयासों को भी प्राथमिकता दी जा रही है।

खास बात यह है कि राष्ट्रीय स्तर पर सम्मान पाने वाले उत्तराखंड के छह जिला एवं विकासखंड स्तरीय अधिकारियों में पौड़ी जिले के दो अधिकारियों का चयन हुआ है। इससे जिले की शिक्षा व्यवस्था और यहां किए जा रहे प्रशासनिक प्रयोगों को राष्ट्रीय मंच पर विशेष पहचान मिली है।

इस उपलब्धि को मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में राज्य में शिक्षा की गुणवत्ता और शैक्षिक प्रशासन को मजबूत करने की दिशा में किए जा रहे प्रयासों से भी जोड़कर देखा जा रहा है। हालांकि सम्मान व्यक्तिगत स्तर पर अधिकारियों को मिला है, लेकिन इससे पौड़ी जिले की शिक्षा व्यवस्था और स्थानीय स्तर पर किए जा रहे नवाचारों को भी राष्ट्रीय पहचान मिली है।

शिक्षा अधिकारियों के राष्ट्रीय सम्मान से जिले के शिक्षकों और शिक्षा विभाग के कर्मचारियों में भी उत्साह का माहौल है। माना जा रहा है कि इस तरह की उपलब्धियां अन्य अधिकारियों और शिक्षकों को भी जमीनी स्तर पर नए प्रयोग करने तथा विद्यालयों में बेहतर शैक्षिक वातावरण तैयार करने के लिए प्रेरित करेंगी।

पौड़ी की यह उपलब्धि इस बात को रेखांकित करती है कि पर्वतीय क्षेत्रों में सीमित संसाधनों और भौगोलिक चुनौतियों के बावजूद प्रभावी शैक्षिक प्रशासन, नवाचार और सामुदायिक सहभागिता के माध्यम से शिक्षा के क्षेत्र में उल्लेखनीय बदलाव संभव है। राष्ट्रीय मंच पर मिली यह पहचान जिले के लिए गौरव के साथ-साथ शिक्षा व्यवस्था को और बेहतर बनाने की नई प्रेरणा भी बनी है।

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Hill Mail

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