गोविंद बल्लभ पंत कृषि एवं प्रौद्योगिक विश्वविद्यालय में कुलपति डॉ. मनमोहन सिंह चौहान की अध्यक्षता में 119वें अखिल भारतीय किसान मेला एवं कृषि उद्योग प्रदर्शनी के आयोजन से पूर्व आज कुलपति सभागार में प्रिंट एवं इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के प्रतिनिधियों के साथ पत्रकार वार्ता आयोजित की गई।
इस अवसर पर कुलपति डॉ. मनमोहन सिंह चौहान के साथ निदेशक प्रसार शिक्षा डॉ. जितेन्द्र क्वात्रा, निदेशक शोध डॉ. एस. के. वर्मा तथा निदेशक संचार डॉ. जे. पी. जायसवाल सहित प्रिंट एवं इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
अपने अध्यक्षीय संबोधन में कुलपति डॉ. मनमोहन सिंह चौहान ने बताया कि 119वें अखिल भारतीय किसान मेले की थीम “सशक्त महिला – समृद्ध खेती” रखी गई है। उन्होंने कहा कि भारतीय कृषि की प्रगति में महिलाओं की भूमिका सदैव महत्वपूर्ण रही है। खेतों में श्रम, पशुपालन, बीज संरक्षण, खाद्य प्रसंस्करण तथा परिवार और कृषि प्रबंधन जैसे अनेक क्षेत्रों में महिलाएँ लगातार अपनी महत्वपूर्ण भागीदारी निभा रही हैं।
उन्होंने कहा कि आज आवश्यकता है कि महिलाओं की इस भूमिका को और अधिक सशक्त बनाते हुए उन्हें आधुनिक कृषि तकनीकों, प्रशिक्षण, वित्तीय संसाधनों और उद्यमिता के अवसरों से जोड़ा जाए। जब ग्रामीण महिला सशक्त होगी, तभी खेती वास्तव में समृद्ध और टिकाऊ बन सकेगी।
कुलपति ने बताया कि किसान मेले में किसानों को उन्नत धान, बागवानी एवं सब्जियों के बीज उपलब्ध कराए जाएंगे। साथ ही कृषि अनुसंधान से जुड़े नवीनतम नवाचारों को भी प्रदर्शित किया जाएगा। उन्होंने कोदो, झिंगोरा और मंडुआ जैसी पारंपरिक फसलों की बढ़ती महत्ता और उनके संभावित उच्च बाजार मूल्य पर भी प्रकाश डाला।
उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय के वैज्ञानिकों द्वारा विकसित तकनीकों का व्यापक प्रसार किया जाएगा, जिससे किसान उन्हें अपनी खेती में अपनाकर आय में वृद्धि कर सकें। इस मेले में विश्वविद्यालय द्वारा विकसित खरीफ की विभिन्न फसलों और सब्जियों की बीज प्रदर्शनी भी लगाई जाएगी।
मेले में आने वाले किसानों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा व्यापक व्यवस्थाएं की जा रही हैं। किसानों के एकत्र होने के लिए विशेष स्थल तथा स्वच्छ पेयजल की पर्याप्त व्यवस्था भी सुनिश्चित की जाएगी, ताकि दूर-दराज से आने वाले किसानों को किसी प्रकार की असुविधा न हो।
उन्होंने बताया कि किसान मेले में विश्वविद्यालय के विभिन्न महाविद्यालयों द्वारा पिछले दो वर्षों में किए गए शोध कार्यों, नवाचारों और आधुनिक कृषि तकनीकों पर आधारित विशेष स्टॉल लगाए जाएंगे। इन स्टॉलों के माध्यम से किसानों को विश्वविद्यालय द्वारा विकसित नई फसल प्रजातियों, उन्नत बीजों तथा आधुनिक कृषि तकनीकों की जानकारी दी जाएगी।
उन्होंने कहा कि किसान मेले में उत्तराखंड के अलावा देश के विभिन्न राज्यों से भी बड़ी संख्या में किसान पंतनगर विश्वविद्यालय पहुंचेंगे। किसान यहां विश्वविद्यालय के विभिन्न अनुसंधान केन्द्रों के विशेषज्ञों से सीधे संवाद कर नवीन प्रजातियों, शोध कार्यों और तकनीकों की जानकारी प्राप्त कर सकेंगे।
चार दिवसीय किसान मेले के दौरान किसान गोष्ठियों का भी आयोजन किया जाएगा, जिसमें विश्वविद्यालय के वैज्ञानिक किसानों की समस्याएं सुनेंगे और उनके समाधान के लिए वैज्ञानिक सलाह एवं मार्गदर्शन प्रदान करेंगे। विश्वविद्यालय प्रशासन को उम्मीद है कि यह मेला किसानों के लिए नई तकनीकों और ज्ञान के आदान-प्रदान का महत्वपूर्ण मंच साबित होगा।
निदेशक प्रसार शिक्षा डॉ. जितेन्द्र क्वात्रा ने बताया कि कुलपति डॉ. मनमोहन सिंह चौहान के नेतृत्व में 119वें अखिल भारतीय किसान मेला एवं कृषि उद्योग प्रदर्शनी का आयोजन 13 से 16 मार्च 2026 तक किया जाएगा। उन्होंने बताया कि इस किसान मेले में अब तक 350 स्टॉल बुक हो चुके हैं, जिनमें 150 बड़े और 200 छोटे स्टॉल शामिल हैं तथा इनकी संख्या बढ़ने की संभावना है।
उन्होंने बताया कि इस बार किसान मेले में 18 से 20 हजार से अधिक किसानों के आने की संभावना है। किसानों के ठहरने की व्यवस्था मेला परिसर में ही की गई है।
उन्होंने जानकारी दी कि मेले का उद्घाटन 14 मार्च 2026 को अपराह्न 3:00 बजे मुख्य अतिथि पुष्कर सिंह धामी, विशिष्ट अतिथि गणेश जोशी, तथा सांसद अजय भट्ट की उपस्थिति में किया जाएगा। इस अवसर पर विधायक, विश्वविद्यालय प्रबंध परिषद के सदस्य, ऊधम सिंह नगर के जिलाधिकारी और अन्य प्रशासनिक अधिकारी भी उपस्थित रहेंगे।
प्रेस वार्ता की शुरुआत में निदेशक संचार डॉ. जे.पी. जायसवाल ने सभी का स्वागत करते हुए कहा कि कुलपति के नेतृत्व में जहां एक ओर मेले में स्टॉलों की संख्या लगातार बढ़ी है, वहीं किसानों की भागीदारी भी बढ़ी है। उन्होंने मेले को सफल बनाने में मीडिया के योगदान की सराहना करते हुए इस वर्ष भी उसी सहयोग की अपेक्षा व्यक्त की।







