Sunday , 6 September 2026
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ऋषिकेश रेलवे स्टेशन का सीएम रावत ने किया दौरा, उत्तराखंड को क्यों है इस प्रोजेक्ट का इंतजार

समूचा उत्तराखंड ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल परियोजना के पूरा होने का इंतजार कर रहा है। दरअसल, ऋषिकेश से कर्णप्रयाग तक 126 किमी लंबी रेल लाइन बिछाई जानी है और इस बीच में 11 नए रेलवे स्टेशनों का निर्माण भी किया जाना है। पिछले दिनों सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत ने इस रेल लाइन और एक स्टेशन की तस्वीरें साझा की थीं। अनलॉक में चल रही इस योजना का उत्तराखंड के लिए आखिर क्या महत्व है, आइए समझते हैं।

– लॉकडाउन में जैसे ही छूट मिली इस परियोजना पर काम शुरू कर दिया गया। ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल परियोजना रेलवे की सबसे महत्वाकांक्षी रेल परियोजना है। पहले रेलवे स्टेशन यानी ऋषिकेश का निर्माण कार्य पूरा हो चुका है।

– इस परियोजना के तहत 6 सुरंगें भी बन रही हैं। सीएम कह चुके हैं कि इस परियोजना को 2025 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।

– समझा जा रहा है कि ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल लाइन बनने से चार धाम यात्रा ही नहीं, आसपास के इलाकों में आना जाना भी सुगम होगा। पर्यटन बढ़ेगा और राज्य का खजाना भरेगा।

– सीएम लगातार इस परियोजना के अपडेट पर नजर रखे हुए हैं। यही वजह है कि ऋषिकेश कर्णप्रयाग रेल परियोजना के प्रथम रेलवे स्टेशन योग नगरी रेलवे स्टेशन का मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत अचानक निरीक्षण करने पहुंचे।

– सीएम ने निर्धारित समयावधि में परियोजना के प्रथम रेलवे स्टेशन के निर्माण पर अधिकारियों का हौसला बढ़ाया। मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने कहा कि कर्णप्रयाग ऋषिकेश रेलवे परियोजना का प्रथम रेलवे स्टेशन उत्तराखंड के विकास में मील का पत्थर साबित होगा। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री की यह महत्वाकांक्षी योजना उत्तराखंड के लिए बड़ी उपलब्धि बनने जा रही है। प्रधानमंत्री स्वयं इस योजना का लोकार्पण करेंगे।

– सीएम ने परियोजना के फायदे गिनाते हुए कहा कि देश के विभिन्न राज्यों से लंबी दूरी की रेल से लोग यहां पहुंचेंगे तो तीर्थाटन और पर्यटन दोनों का विकास होगा। मुख्यमंत्री ने रेलवे स्टेशन परिसर में सागवान का पौधा भी रोपा।

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Hill Mail

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